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शहर के पार्कों और कोठियों में अब आएगा बिना बदबू वाला टर्शरी वॉटर

शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट और इंस्टीट्यूशन और एक कनाल से बड़ी कोठियों के लॉन में सिंचाई होने वाले टर्शरी वाॅटर की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 02:05 AM IST

शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट और इंस्टीट्यूशन और एक कनाल से बड़ी कोठियों के लॉन में सिंचाई होने वाले टर्शरी वाॅटर की बीओडी में सुधार करने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड किया जाएगा। इसके बाद टर्शरी वाॅटर को पार्कों और ग्रीन बेल्ट में देने से वहां सैर करने वालों को बदबू नहीं आएगी। इसको लेकर निगम कमिश्नर एवं सीईओ चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी कंपनी केके यादव ने 6 जून को कंसल्टेंट कंपनी एजिस और एमसी के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसके मिनिट्स भी अप्रूव हो चुके हैं।

एजिस कंसल्टेंट कंपनी की ओर से दी गई प्रजेंटेशन में छह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की डिटेल रिपोर्ट दी गई। इसमें एमसी और प्रशासन द्वारा लगाए गए सीवर ट्रीटमेंट शामिल हैं। इन सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में 11 फेज का डिग्गियां 30 एमजीडी कैपेसिटी, रायपुरकलां 5, बीआरडी 5 एमजीडी, रायपुर खुर्द 2 एमजीडी, धनास रिहैबिलिटेशन कॉलोनी के पास 1.5 एमजीडी के प्लांट को अपग्रेड करना है। इन सभी का बीओडी लेवल 2 तक किया जाना है क्योंकि सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड की नोटिफिकेशन के मुताबिक पार्कों, कोठियों के लॉन में सिंचाई होने वाले टर्शरी वाॅटर की बीओडी 5 से नीचे होनी चाहिए। इसको देखते हुए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेड किया जाएगा।

अभी शहर में पहुंचता है 7 एमजीडी टर्शरी वाॅटर...अभी शहर के पार्कों, ग्रीन बेल्ट और कुछ इंस्टीट्यूशनल में 7 एमजीडी टर्शरी वाॅटर पहुंचता है। अभी एक कनाल से बड़ी कोठियों के लॉन और सभी इंस्टीट्यूट के लॉन के लिए टर्शरी वाॅटर कनेक्शन जरूरी है। शहर में पहले टर्शरी वाॅटर के 700 कनेक्शन थे अब इनकी संख्या 1400 हो चुकी है। इसे 2 हजार से ज्यादा करना है। टर्शरी वाटर की बीओडी 20 से ज्यादा होने पर इसमें से बदबू आती है इस लिए लोग कनेक्शन लेने से हिचकिचाते हैं। इसका बीओडी लेवल 5 से कम होगा, जिससे बदबू नहीं आएगी।

एसटीपी अपग्रेड करने को स्मार्ट सिटी को देंगे - बी पुरुषार्थ...जनवरी 2017 में हाउस मीटिंग में निगम कमिश्नर बी पुरुषार्थ ने कहा था कि निगम को प्लान हेड में प्रशासन से 80 करोड़ मिलता है। इसके अलावा 201 करोड़ एमसी अपने जुटा लेता है। इससे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट कई साल तक अपग्रेड नहीं हो सकेंगे। पॉल्यूशन फैलाने के कारण मेयर, निगम कमिश्नर और कमेटी के मेंबर्स पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसको देखते हुए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट अपग्रेड करने होंगे। इन्हें स्मार्ट सिटी कंपनी से करवाया जा सकता है। उसे प्रपोजल भेजेंगे।

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