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शादी होने या मां बन जाने के बाद भी नहीं छोड़ा अपने पैशन को फॉलो करना

एक महिला खूबसूरत होने के साथ टैलेंटेड भी होती है। फिर चाहे सोसाइटी में एक्टिव रहने की बात हो, रोल मॉडल बनने की या...

Danik Bhaskar | Jun 14, 2018, 02:05 AM IST
एक महिला खूबसूरत होने के साथ टैलेंटेड भी होती है। फिर चाहे सोसाइटी में एक्टिव रहने की बात हो, रोल मॉडल बनने की या फिर सूझ-बूझ से काम करने की क्षमता। देशभर की ऐसी महिलाओं को पेजेंट दीवालेशियस मिसेस इंडिया यूनिवर्स के जरिए तलाशा गया। 14 राज्यों में इसके ऑडिशंस हुए। पार्टिसिपेंट्स को उनके टैलेंट के अाधार पर शार्टलिस्ट किया गया। ऑडिशन तीस फाइनलिस्ट को चुना गया, जो दिल्ली में होने वाले फिनाले का हिस्सा बनेंगी। इन फाइनलिस्ट में पांच पार्टिसिपेंट हैं चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से हैं।

चंडीगढ़ में एक मुलाकात में पेजेंट डायरेक्टर नरेश ने बताया- मैरिड लेडीज सही मायने में असली रोल मॉडल होती हैं। चाहे जिस भी फील्ड की बात करें। साेसाइटी, लाइफ, फैमिली व सपनों की उड़ान भरने की। ये बाकी महिलाओं के लिए भी मिसाल बनती हैं। इसीलिए ये पेजेंट करवाया गया ताकि दिखा सकें कि ये महिलाएं खुद को कैसे रिप्रजेंट करती हैं। आसपास की चीजों के प्रति जागरूक हैं या नहीं। इसके अलावा लाइव में एक बैलेंस है। देशभर के ऐसे ही उदाहरणों को सामने लाने की पहल की है।

पेजेंट दिवालेशियस मिसेस यूनिवर्स के लिए 30 फाइनलिस्ट चुनी गई। इसमें चंडीगढ़, मोहाली और फरीदाबाद की पांच फाइनलिस्ट हैं। उनसे बातचीत में पेजेंट में हिस्सा लेने की वजह को जाना...

मॉम चाहती थी कि मैं किसी पेजेंट का हिस्सा बनूं

फाइनलिस्ट बरखा दुग्गल वर्मा चंडीगढ़ की हैं। 35 साल की होममेकर हैं। कहती हैं- हमेशा से मॉम चाहती थी कि मैं किसी पेजेंट का हिस्सा बनूं। अब वे इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी उसी चाहत को पूरा करना चाहती हूं। साथ ही कैंसर पर लोग जागरूक बनाना है। यह तभी होगा जब एक चर्चित चेहरा बनूंगी। इसलिए मैं इसका हिस्सा बनी। ताकि लोगों के साथ कनेक्ट कर उन्हें जागरूक बनाने में योगदान दे सकूं। 36 साल की फाइनलिस्ट प्रभदीप कौर मोहाली की हैं। पिछले 17 साल से वेडिंग प्लॉनर हैं। बताती हैं- टैलेंट निखरे, कॉन्फिडेंस बढ़े, कॉर्डिनेशन बढ़े और संयम में रहने जैसी दर्जनों बातें जान पाऊं। इन सभी चीजों के साथ खुद को ग्रूम कर सकूं इसलिए मैं जुड़ी।

अपने अाप से प्यार करना सीखा...

अमृतसर की 35 साल की शिवानी ग्रोवर एक्टिविटी टीचर हैं। बताती हैं- मुझे अपनी पर्सनैलिटी को दमदार बनाना है। इसमें पेजेंट मदद करते हैं। इसलिए तीन महीने में तीन पेजेंट्स का हिस्सा बन चुकी हूं। इससे मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ा है। साथ ही अपने अाप को प्यार करना सीखा है।

यंग दिखने के लिए फिट होना जरूरी है

37 वर्षीय ईशा गुलाटी फरीदाबाद से हैं। वह पेशे से ऑडिटर व लेक्चरर हैं। बोलीं- पढ़ते हुए ही मुझे लुक्स पर खूब कॉम्पलिमेंट्स मिलते थे। ग्यारहवीं में एक कॉमर्शियल किया। इसके बाद मुझे एक सीरियल ऑफर हुआ। पेरेंट्स से पूछा तो उन्होंने कहा- पहले पढ़ाई पूरी करो। जैसे ही मौका मिला वैसे अपने सपने को पूरा करने में लगी। मानती हूं कि यंग दिखने के लिए हेल्दी और फिट होना जरूरी है। डिलिवरी के एक महीना बाद ही मैंने इस पेजेंट के लिए अप्लाई कर दिया था। अबतक 18 किलो वेट घटा चुकी हूं।

डर दूर करने के लिए किया पार्टिसिपेट

41 साल हरियाणा की गुरमीत कपूर एक बैंक में काम करती हैं। बोलीं- हमेशा से स्टेज का फोबिया मेरे मन में रहा है। इसलिए मैं इसका हिस्सा बनी। ताकि मेरा डर दूर हो। पार्टिसिपेशन के बहाने कॉन्फिडेंस बढ़ा है। योग करने को लेकर क्रेजी हूं।