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चिंता भगाएं और चिंतन अपनाएं: मुनि

चंडीगढ़ | जो कल के लिए चिंतित रहते हैं उनकी निर्णय क्षमता भी आशंकाओं से प्रभावित होती है। इस तरह के लोग भविष्य की...

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2018, 02:05 AM IST
चंडीगढ़ | जो कल के लिए चिंतित रहते हैं उनकी निर्णय क्षमता भी आशंकाओं से प्रभावित होती है। इस तरह के लोग भविष्य की आशंकाओं से भयभीत होकर कोई भी निर्णय अच्छे से नहीं ले पाते हैं। वे डरे और सहमे रहते हैं और उनके डर का असर उनके निर्णयों पर भी साफ दिखाई देता है। कोई व्यक्ति अगर इस बात को लेकर चिंतित है कि उसकी नौकरी छूट जाने पर वह क्या करेगा। कुछ लोग ऐसे क्षण में यह सोचते हैं कि दूसरी नौकरी कैसे पाई जा सकती है, जबकि कुछ लोग यह सोचने लगते हैं कि नौकरी जाने पर घर खर्च कैसे चलेगा, खाने का इंतजाम कैसे होगा, ये सब व्यर्थ है। ये प्रवचन मुनि विनय कुमार आलोक ने शुक्रवार को अणुव्रत भवन सेक्टर 24 में दिए। चिंता से दूर रहने वाले लोगों में यह आत्मविश्वास होता है कि परिस्थिति चाहे जो हो वे हर स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल लेंगे। आप तय करें कि आप किस स्थिति में रहना चाहते हैं। जो चिंता से दूर रहते हैं वे कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अपने लिए संभावना की तलाश कर पाते हैं जबकि चिंता से घिर जाने वाले सिर्फ नाकारात्मक स्थिति के बारे में ही सोचते हैं और आशंकित होकर उस स्थिति में श्रेष्ठ प्रयास की योग्यता भी खो बैठते हैं। चिंता मुक्त व्यक्ति नाकारात्मक स्थिति में भी साकारात्मक सोच पाता है।

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