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अक्षय तृतीया कल, 11 साल बाद इतना शुभ

News - ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयं सिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिर स्थाई एवं शुभ माना जाता...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
अक्षय तृतीया कल, 11 साल बाद इतना शुभ
ज्योतिषीय दृष्टि से चार अबूझ व स्वयं सिद्ध मुहूर्त हैं जिसमें किया गया कोई भी कार्य चिर स्थाई एवं शुभ माना जाता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, अक्षय तृतीया, दशहरा तथा दिवाली। अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो। यह तिथि भगवान परशुराम के जन्मदिन होने के कारण परशुराम तिथि और चिरंजीवी तिथि भी कहलाती है। पंडितों और ज्योतिषियों की मानें तो त्रेता युग का आरंभ भी इसी तिथि से माना गया हैं। इस वजह से इसे युगादि तिथि भी कहा गया है। इस बार अक्षय तृतीया बुधवार 18 अप्रैल को पड़ रही है।

शुभ मुहूर्त: 18 अप्रैल बुधवार को पूजा का मुहूर्त दोपहर शुभ चौघड़िया में प्रातः 6 बजे से लेकर दोपहर 12.20 बजे तक रहेगा।

सोना या अन्य खरीदारी का शुभ समय चौघड़िया अनुसार

लाभ- सुबह 6 से 9 बजे तक

शुभ- सुबह 10.45 से 12.20 तक,

दोपहर - लाभ - 15.30 से 18.45 तक

अमृत- रात्रि 20.08 से मध्य रात्रि 12.20 तक

11 साल बाद ऐसा महासंयोग ज्योतिषाचार्य मदन गुप्ता सपाटू का कहना है कि अक्षय तृतीया मंगलवार की रात्रि 3.45 पर आरंभ होकर बुधवार की रात 1.45 तक रहेगी। इस दिन सूर्य मेष की उच्च राशि में, चंद्र वृष में, कृतिका नक्षत्र और आयुष्मान योग व सर्वार्थसिद्धि योग के अंतर्गत यह दिन अक्षय तृतीया को अद्भुत तथा विलक्षण संयोगों से परिपूर्ण बना देंगे। यह महासंयोग 11 साल बाद बन रहा है इसलिए यह दिन और भी महत्वपूर्ण होगा।



सुख, सौभाग्य देने वाली तिथि

प्राचीन खेड़ा शिव मंदिर सेक्टर-28 के पंडित सुभाष चंद ने बताया कि अक्षय तृतीया और भगवान परशुराम जयंती है। इस तिथिकाल में किए गए शुभ कार्यों का तीर्थ, स्नान, दान, जप तप, देव पितृ तर्पण शुभकर्मों के बराबर फल होता है। इस तिथि की गणना युगादि तिथियों में की जाती है क्योंकि त्रेतायुग का शुभारंभ इसी तिथि से हुआ था। इस तिथि में नर नारायण, परशुराम और हृयग्रीव ये तीन मुख्य अवतार हुए थे। अक्षय तृतीया बड़ी पवित्र स्वयं सिद्ध एवं सुख सौभाग्य देने वाली तिथि मानी जाती है। इस दिन किसी भी तरह का किया गया दान अतिफलदाई होता है।

अक्षय तृतीया पर राशि के अनुसार ये करें

1. मेष: सूर्य आपकी राशि में हैं। विकास होगा। इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, भूमि खरीदें। लाल फल, तरबूज या सेब का दान करें।

2. वृष: अक्षय तृतीया आपकी राशि में आई है। सुख-साधन बढ़ेंगे। मकान वाहन का क्रय बुधवार को अत्यंत शुभ रहेगा। दूध-दही, आइसक्रीम, लस्सी और सफेद वस्तुओं का दान करें।

3. मिथुनः परिवार में सदस्यों की वृद्धि, संतान प्राप्ति संभावित। कोई धार्मिक पुस्तक खरीदें या ज्योतिष का कोर्स जॉइन करें।

4. कर्कः प्रोमोशन के संकेत हैं। चांदी या चांदी के बर्तन, फ्रिज, वाॅटर प्यूरिफायर या वाॅटर कूलर खरीदें।

5. सिंहः अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी से वांछित कार्य पूर्ति का आशीष मांगें। सामाजिक स्तर बढ़ेगा। सोने के आभूषण या गोल्ड क्वाएन खरीदना धन वृद्धि करेगा।

6. कन्याः पूजा, प्रमोशन व इच्छित स्थान पर स्थानांतरण देगी यह तृतीया। नया मोबाइल, ब्रॉडबैंड कनेक्शन, टीवी तथा संचार संबंधी उपकरण खरीदें।

7. तुलाः हर तरफ से धन धान्य की प्राप्ति। इस अवसर पर चांदी, वाहन और डायमंड खरीदें।

8. वृश्चिक: रुका धन आने की संभावना।

9. धनुः शिक्षा क्षेत्र,कंपीटिशन में सफलता। लक्ष्मी का सोने का सिक्का या मूर्ति सामर्थ्यानुसार खरीद कर पूजा स्थान पर स्थापित करें। पंचमेवा सहित मीठे पीले चावल स्वयं बनाकर 9 निर्धन मजदूरों को तृतीया समाप्ति से पहले खिलाएं।

10. मकरः अभिभावकों का आर्शीवाद बना रहेगा। उनकी प्राॅपर्टी से कुछ प्राप्त होगा।

11. कुंभः अक्षय तृतीया पर ऋण से बचें। 6 सितंबर को शनि मार्ग होते ही परिवार में खुशी लौटेगी।

12.मीनः वाहन सुख। प्राॅपर्टी का ब्याना देना या बुकिंग दीर्घकालीन निवेश के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त।

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