• Hindi News
  • Union Territory
  • Chandigarh
  • News
  • असुविधाओं वाली पार्किंग के खिलाफ पार्षद, अरुण सूद बोले रद्द नहीं कर सकते कॉन्ट्रैक्ट
--Advertisement--

असुविधाओं वाली पार्किंग के खिलाफ पार्षद, अरुण सूद बोले- रद्द नहीं कर सकते कॉन्ट्रैक्ट

News - सोमवार को हाउस मीटिंग शुरू होते ही नॉमिनेटेड काउंसलर सतप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आज शहर की जनता, कर्मचारी और...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
असुविधाओं वाली पार्किंग के खिलाफ पार्षद, अरुण सूद बोले- रद्द नहीं कर सकते कॉन्ट्रैक्ट
सोमवार को हाउस मीटिंग शुरू होते ही नॉमिनेटेड काउंसलर सतप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आज शहर की जनता, कर्मचारी और व्यापारी वर्ग पेड पार्किंग से परेशान है। इस पर मेयर देवेश मोदगिल द्वारा गठित कमेटी की हाउस में रिपोर्ट आई है। कमेटी ने अच्छा काम किया है।

राजबाला मलिक ने कहा कि रिपोर्ट से सभी काउंसलर सहमत होंगे। कमेटी ने 90 पेज की रिपोर्ट सभी 25 पेड पार्किंग चेक करके बनाई है। पार्किंग में टू व्हीलर की जगह फोर व्हीलर पार्क हो रहे हैं, 50 मीटर स्पेस पर कोई कर्मचारी तैनात नहीं है, सुपरवाइजर 200 मीटर पर खड़ा होता है, पार्किंग में स्पेस से तीन गुना ज्यादा गाड़ियां पार्क मिली। बगैर वर्दी के स्टाफ मिला। जब चेकिंग करने अगली पार्किंग में जाते थे तो कर्मचारियों को पता चल जाता था, वहां भी कर्मचारी वहीं पहुंचने लगे थे। फिर हमने चेकिंग का अंदाज बदला। कभी किसी एरिया की तो कभी किसी दूसरे एरिया में पार्किंग चेक की। पार्किंग में चार घंटे के 20 रुपए, अगले चार घंटे के 40 रुपए लिए जा रहे हैं, वहां सुविधाएं हैं नहीं। इतने ज्यादा रेट हर आदमी को चुभते हैं। मेरे को भी चुभते हैं, मेरे बेटे ने कहा कि पार्किंग में 20 रुपए कार पार्क करने के ज्यादा हैं। मैंने कहा कि इसे वापस कर देंगे। इस पर बेटे ने कहा वेरी गुड।

शहर की पांच पार्किंग में धक्का है, ये न तो स्मार्ट हैं। उनमें एंट्री पर बंदा खड़ा होता है और एग्जिट पर नहीं, 50 मीटर में तो आदमी ही नहीं दिखता। इन पार्किंग में लेडीज के लिए पार्किंग के बोर्ड नहीं दिखते। उन्हें पेड़ों पर टांगा हुआ है। न ही पार्किंग में कर्मचारी तैनात होते हैं। ऐसे में महिलाओं को स्पेस न मिलने पर गाड़ी पार्क करने में दिक्कत होती है। पहले तो एमओयू में शर्तें ऐसी रखी हैं फिर अफसरों ने फॉलो नहीं किया। इससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। अगर अफसर 8 दिसंबर को पार्किंग रेट बढ़ाने से पहले स्मार्ट पार्किंग प्रॉपर चेक करते। तो रेट नहीं बढ़ते। अब तक पार्किंग स्मार्ट नहीं बनी हैं। लेकिन एमसी अफसरों ने 27 मार्च को फिर प्रॉपर चेक करके रिपोर्ट देते तो काउंसलर को रिपोर्ट बनाने की जरूरत नहीं पड़ती।

नगर निगम की हाउस मीटिंग में स्मार्ट पार्किंग को लेकर कई घंटों तक हंगामा होता रहा। -फोटो भास्कर

क्या कहा पार्षदों ने







वहीं अनिल दुबे ने कहा कि अरुण सूद एमसी एक्ट 416 का हवाला देकर मौलीजागरां की थड़ा मार्केट का नाम लेकर क्यों बोल रहे हो। वह तो राजनीतिक मामला था, लेकिन स्मार्ट पार्किंग बनी नहीं, लोगों से पैसे 20 रुपए लिए जा रहे हैं। यह पब्लिक इंटरेस्ट के कारण कैंसिल किया जा सकता है, इसमें 416 एक्ट कहीं बीच में बाधा नहीं बनता है।

पार्किंग के मामले में अरुण सूद की कई काउंसलर से हुई बहस

पार्किंग मामले में अरुण सूद के साथ बीजेपी के ही काउंसलर हीरा नेगी, राजबाला मलिक, अनिल दुबे, महेशइंद्र सिंह सिद्धू, कंवरजीत सिंह राणा, हरदीप सिंह की भिड़ंत होती रही। ये सभी काउंसलर स्मार्ट पार्किंग कंपनी की कंडीशन फॉलो नहीं करने पर टेंडर रद्द करने की सिफारिश करते थे तो सूद किसी न किसी एक्ट का हवाला देकर कंपनी के बचाव में उतर आते।

पार्किंग फीस के खिलाफ पवन बंसल ने घेरा नगर निगम

चंडीगढ़| नगर निगम के दफ्तर खुलने से पहले और जब तक पार्षद सदन में पहुंचते, उससे पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल की अगुआई में काॅर्पोरेशन के गेट के सामने धरना दे दिया। बंसल ने पार्किंग फीस वापस करने के नारे लगाए| बंसल ने कहा कि बीजेपी के लोगो को आम जनता की परेशानियों से कोई लेना देना नहीं है। स्मार्ट पार्किंग के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। शहर परेशान है और निगम में बैठे बीजेपी के लोगों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं है।

भट्टी की वापसी को लेकर मेयर के सामने डटे भाजपा काउंसलर

मेयर ने स्थगित किया हाउस, िवकास एजेंडे पास नहीं

चंडीगढ़| एमओएच डॉक्टर पीएस भट्टी के साथ भाजपा काउंसलर राजेश कालिया की ढाई महीने पहले तू तू-मैं मैं हो गई थी। उन्होंने एक दूसरे पर धक्के मारने का आरोप लगाया। हाउस मीटिंग में सोमवार को काउंसलर राजेश कालिया वेल में आ खड़े हुए। उन्होंने कहा जब तक डॉक्टर भट्टी की पंजाब वापसी के ऑर्डर नहीं होते, तब तक हाउस नहीं चलनें देंगे। कालिया के समर्थन में भरत कुमार, अरुण सूद, आशा जसवाल, रविकांत शर्मा और चंद्रावती शुक्ला भी आ डटे। अपने ही काउंसलर द्वारा वेल में खड़े होकर विरोध करने से तंग आकर मेयर देवेश मोदगिल ने हाउस को स्थगित कर दिया। कोई भी डवलपमेंट एजेंडा पास नहीं हो सका। काउंसलर कालिया के पक्ष में अरुण सूद वेल में खड़े होकर कहने लगे कि केंद्र में भाजपा सरकार है, एमसी में भी भाजपा सरकार है। फिर भी काउंसलर का मान-सम्मान नहीं है। कालिया को डॉक्टर भट्टी ने कमरे से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया, ढाई महीने बाद भी डॉक्टर को पंजाब नहीं भेजा जा सका। काउंसलर चंद्रावती शुक्ला पर एफआईआर दर्ज हो गई है, लेकिन एमसी की ओर से इस पर कोई रिएक्शन नहीं आया। वहीं पिछले साल आशा जसवाल पर पोक्सो एक्ट के तहत पर्चा दर्ज हो गया।

X
असुविधाओं वाली पार्किंग के खिलाफ पार्षद, अरुण सूद बोले- रद्द नहीं कर सकते कॉन्ट्रैक्ट
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..