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गवर्नर की तानाशाही, नियमों को तोड़कर बुला रहे डेपुटेशन पर प्रिंसिपल, लेक्चरर: यूनियन

यूटी केडर एजुकेशनल इम्प्लाॅइज यूनियन की मीटिंग में यूनियन के लीडर्स ने गवर्नर पंजाब की बढ़ रही तानाशाही पर चर्चा...

Danik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:10 AM IST
यूटी केडर एजुकेशनल इम्प्लाॅइज यूनियन की मीटिंग में यूनियन के लीडर्स ने गवर्नर पंजाब की बढ़ रही तानाशाही पर चर्चा की। क्योंकि गवर्नर अपनी पावर्स का गलत इस्तमाल कर पंजाब, हरियाणा से शिक्षा विभाग यूटी में सभी नियमों को तोड़कर लेक्चरर और प्रिंसिपलों को बुला रहे हैं। यूनियन के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह कंबोज का कहना है कि कुछ महीने पहले चंडीगढ़ यूटी से पंजाब की लेक्चरर जसपाल कौर प्रिंसिपल बनकर पंजाब गई थीं। अब कौर को फिर से यूटी में लाने के लिए गवर्नर द्वारा पंजाब सिविल सर्विसेज रूल्स को तोड़कर लाने के प्रयास किए जा रहे हंै। जैसा कि पहले भी पंजाब की सीमा रानी को सभी नियम तोड़कर गवर्नर ने शिक्षा विभाग में बतौर प्रिंसिपल प्रमोट किया है। जबकि यूनियन की बार बार यही मांग रही है कि नियमों के तहत प्रमोशन लेने वाले टीचर को अपनी पेरेंट स्टेट में वापस भेजा जाए। लेकिन गवर्नर को तो डेपुटेशन वालों को फायदा पहुंचाना है। यूटी के टीचर्स की कोई चिंता नहीं, बस सिर्फ पंजाब, हरियाणा से लेक्चरर्स और प्रिंसिपल्स को सभी रूल्स को तोड़कर यूटी में भर्ती करना लक्ष्य है।

गवर्नर हाउस का होगा घेराव : यूनियन ने मीटिंग में निर्णय लिया है कि इस मामले की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, ग्रहमंत्री और शिक्षामंत्री को की जाएगी और यूनियन यह भी मांग करेगी के चंडीगढ़ यूटी का अलग प्रशासक हो, जिस से पंजाब और हरियाणा के ऑफिसर्स की तानाशाही बदं हो। यह भी फैसला लिया कि अगर नियम तोड़कर कोई भी शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ यूटी में आता है तो विभाग और गवर्नर हाउस का घेराव किया और लगातार भूख हड़ताल की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी गवर्नर, एजुकेशन सेक्रेटरी और डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन की होगी।

ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

ज्वाॅइंट एक्शन कमेटी के सेक्रेटरी रणबीर राणा ने कहा कि गवर्नर रूल्स की राखी करने के लिए होता है, न उन्हें तोड़ने के लिए। यूटी में उल्टा ही हो रहा है। गवर्नर ऑफिसर्स और मंत्रियों के दबाव में आकर ऐसा कर रहे हैं। ऐसा करना नियमों के खिलाफ है। ऐसा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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