Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» अमीर किसानों पर इनकम टैक्स लगाने का मामला राज्य सरकार पर निर्भर

अमीर किसानों पर इनकम टैक्स लगाने का मामला राज्य सरकार पर निर्भर

अमीर किसानों को इनकम टैक्स की छूट न देने के मामले में केंद्र सरकार ने सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:10 AM IST

अमीर किसानों को इनकम टैक्स की छूट न देने के मामले में केंद्र सरकार ने सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (हेडक्वार्टर) विवेक वर्धन की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया कि एग्रीकल्चर इनकम पर टैक्स स्टेट लिस्ट का सब्जेक्ट है। ऐसे में राज्य सरकार को इस मामले में फैसला लेने का अधिकार है।

केंद्र ने कहा है कि टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन रिफोर्मस कमीशन ने अपनी थर्ड रिपोर्ट की सिफारिशों में कहा है कि राज्य सरकार यदि प्रस्ताव पारित करे तो ही केंद्र सरकार एग्रीकल्चर इनकम के मामले में फैसला ले सकती है। जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस अनुपिंदर सिंह गरेवाल की खंडपीठ ने मामले पर एक जून के लिए अगली सुनवाई तय की है। एडवोकेट एचसी अरोड़ा की तरफ से दाखिल जनहित याचिका में इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 10 (1) के तहत एग्रीकल्चर इनकम से टैक्स में पूरी तरह छूट दिए जाने को खारिज करने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि अमीर किसानों के हित में यह मनमाना फैसला है। बड़े उद्योगपति, ट्रांसपोर्टर्स, शराब कारोबारी अपने बिजनेस से होने वाली इनकम को एग्रीकल्चर इनकम में दर्शाते हुए देश के रेवेन्यू को नुकसान पहुंचाते हैं। अमीर किसानों को इसका लाभ देने का कोई औचित्य नहीं है।

बादल और हुड्डा जैसे नेताओं को हो रहा फायदा

याचिका में पंजाब के बहुत से राजनेताओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि चुनावों के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करते समय अपनी आय का ब्यौरा देते हुए एग्रीकल्चर इनकम की आड़ में टैक्स अदा नहीं करते। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल, सुखबीर सिंह बादल, मनप्रीत सिंह बादल, राणा गुरजीत सिंह, कुलजीत सिंह नागरा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा का उदाहरण दिया गया है। याचिका में कहा गया है कि 2014 में टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन रिफोर्मस कमीशन ने 50 लाख रुपए से ज्यादा की एग्रीकल्चर इनकम को टैक्स की छूट से बाहर करने की सिफारिश की थी लेकिन सेंटर बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस ने इसे स्वीकार नहीं किया। ऐसे में हाईकोर्ट ही अब इस मामले में दखल दे। जिस तरह एक तय आय से ज्यादा इनकम वाले लोगों को सरकारी नौकरी पाने के लिए पिछड़ी जाति के आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाता, इसी तरह अमीर किसानों को टैक्स से छूट देने का कोई मतलब नहीं है। ऐसे में इस छूट को खारिज किया जाए।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×