चंडीगढ़ समाचार

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सदाबहार पुराने गीतों से सजी शाम...

“याद किया दिल ने...’ इस टाइटल के साथ मंगलवार शाम को चंडीगढ़ संगीत नाटक एकेडमी ने विंटेज-मैलोडीज की एक शाम रखी। वेन्यू...

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 02:10 AM IST
सदाबहार पुराने गीतों से सजी शाम...
“याद किया दिल ने...’ इस टाइटल के साथ मंगलवार शाम को चंडीगढ़ संगीत नाटक एकेडमी ने विंटेज-मैलोडीज की एक शाम रखी। वेन्यू था सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर का मंच। मकसद था म्यूजिक के जरिए उन सभी शख्सियतों को याद करना, जो किसी न किसी रूप में अरसे पहले म्यूजिक इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं। सिंगर, कंपोजर, लिरिसिस्ट या फिर अरेंजर म्यूजिक के इन सभी फनकारों को लाइव परफॉर्मेंस से याद किया गया। इसमें पार्टिसिपेंट बने शहर के अलग-अलग पेशे से जुड़े लोग। ये पेशेवर सिंगर नहीं हैं, मगर शौकिया किसी न किसी रूप में म्यूजिक से जुड़े हैं। कोई स्टूडेंट, आर्किटेक्ट, एडवोकेट, मीडियाकर्मी था तो कोई डॉक्टर। सभी पार्टिसिपेंट्स ने अपनी परफॉर्मेंस से 1970 से लेकर 1990 के दशक के म्यूजिक का सफर कराया। इस दौर के पॉपुलर सदाबहार गीतों व मैलोडीज को गुनगुनाया। इनमें मुकेश, लता, मोहम्मद रफी, हेमंत कुमार, एसडी बर्मन, किशोर कुमार से लेकर जगजीत कौर के गीत रहे। इस शाम की शुरुआत भूपेंद्र सिंह के साथ हुई। उन्होंने केएल सहगल का गीत गाया। एक परफॉर्मेंस आर्किटेक्ट संगीत शर्मा की रही। उन्होंने फिल्म हेमंत कुमार का गीत बेकरार करके हमें यूं न जाइये गाया। आरती एम अग्निहोत्री ने तकदीर से बिगड़ी और अर्श बहल ने ये रातें यह मौसम गुनगुनाया। एक के बाद एक पार्टिसिपेंट की मेलोडियस परफॉर्मेंस का सिलसिला चलता रहा।

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