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फैशन और एप्लाइड आर्ट में यूज होता है कोलाज मेकिंग

कोलाज बनाने का कोई नियम नहीं होता। इसमें किसी भी चीज को पेस्ट कर सकते हैं। फिर चाहे पुरानी मैगजीन, न्यूजपेपर,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 13, 2018, 02:10 AM IST

फैशन और एप्लाइड आर्ट में यूज होता है कोलाज मेकिंग
कोलाज बनाने का कोई नियम नहीं होता। इसमें किसी भी चीज को पेस्ट कर सकते हैं। फिर चाहे पुरानी मैगजीन, न्यूजपेपर, एक्सरे, वेस्ट फिल्म हो या फिर वुड या थ्रेड। इसमें एक फॉर्म की बजाए आर्टिस्ट के पास कई ऑप्शन होते हैं आर्टवर्क बनाने के। इसी तरह की बातें शेयर कीं ललित कला एकेडमी ने आर्टिस्ट रविंद्र शर्मा ने। सेक्टर- 19 के ओपन हैंड स्टूडियोज में कोलाज मेकिंग की फ्री वर्कशॉप रखी गई। इसका हिस्सा बने स्नेहालय व आर्ट के स्टूडेंट्स। रविंद्र ने लाइव आर्ट बनाकर दिखाया। उन्होंने कहा- कोलाज मेकिंग न ही मॉडर्न टेक्नीक है, न ही यह एंटरटेनमेंट के लिए इस्तेमाल होती है। वक्त के साथ इसकी आर्ट मॉडर्नाइज हुई है। यह एप्लाइड आर्ट और फैशन, दोनों में इस्तेमाल होती है। बताया- इसमें तीन चीजें ध्यान देने वाली हैं। पहली, अगर कोई गलती हो जाए तो उसे चेंज कर सकते हैं। दूसरी, जो बेस मटीरियल होता है तीसरी, आर्टिस्ट को आइडिया मिलता है ब्लैंक कैनवास को देखकर। वह अपनी सोच को सजा पाता है।

ओपन हैंड आर्ट स्टूडियोज में कोलाज मेकिंग की वर्कशाॅप को आर्टिस्ट रविंद्र शर्मा ने कंडक्ट किया।

यह ध्यान रखें कोलाज मेकिंग करते वक्त

वह बोले- यह आर्ट बंधने वाला आर्ट नहीं है। कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कागज से एक टोन, टेक्स्चर व फॉर्म जैसी तीनों चीजों को निकाला जा सकता है। कागज को फाड़ने से एक लाइन मिलती है। सीधा फाड़ने पर सफेद लाइन और तिरछा फाड़ने पर प्लेन लाइन। एक्सरे शीट पर कलर मारकर उसे कलरफुल बना सकते हैं।

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