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अच्छा लिखने के लिए पहले पढ़ना जरूरी

चंडीगढ़ | लिखना कुदरत का एक खूबसूरत एहसास है। लिखना और शब्दों को कविता में ढालना मुझे एक अलग एहसास करवाते हैं। यह...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 02:10 AM IST
चंडीगढ़ | लिखना कुदरत का एक खूबसूरत एहसास है। लिखना और शब्दों को कविता में ढालना मुझे एक अलग एहसास करवाते हैं। यह कहना है रचनाकार नीना दीप का। उनका हाल ही में ‘एक और आसमान’ संग्रह रिलीज हुआ। एक मुलाकात में उन्होंने लेखन से जुड़े अनुभवों पर बात की। बोलीं- जीवन में निडरता, साहस, न हारने की जिद, पॉजिटिव सोच उन्हें अपने पापा की वजह से मिली है, वे सच्चे सैनिक थे। उन्होंने बताया- उनकी रचनाएं मनाली, खजियार, पहाड़, जंगल सभी इसी एहसास से लिखी गई हैं। नीना ने बताया- आज के लेखक लिखने में जल्दी करते हैं लेकिन वह पहले पढ़ें और फिर लिखे। ऐसा करने से लेखन में निखार आएगा। वे अंग्रेजी विषय से जुड़ी थी लेकिन उन्होंने हिंदी साहित्य की सैकड़ों किताबें पढ़ी और फिर हिंदी में लिखना शुरू किया। उनका मानना है कि जो रचनाएं अपनी भाषा में लिखी जा सकती हैं वह दूसरी भाषा में उतने स्तर पर नहीं लिखी जा सकती। युवाओं को भी लिखना चाहिए और वह भी साहित्य पढ़कर। ज्ञानवान लोग जब कुछ लिखते हैं तो समाज में अच्छा संदेश जाता है।

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लेखिका नीना दीप ने काव्य संग्रह एक और आसमान पर बात की।