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छोटे उद्योगों को अधिसूचना जारी, 3 साल का मिलेगा बकाया

सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’...

Danik Bhaskar | Jun 15, 2018, 02:10 AM IST
सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ तैयार की है। इसके तहत सी और डी श्रेणी खंडों में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिजली कनेक्शन जारी करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए दो रुपए प्रति यूनिट की पावर टैरिफ सब्सिडी दी जाएगी। यह योजना 15 अगस्त 2015 से 5 वर्ष तक के लिए होगी। जिन इकाइयों को उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 की अधिसूचना अर्थात 15 अगस्त 2015 को या उसके बाद बिजली कनेक्शन जारी किया है, वे 14 अगस्त 2020 तक पावर टैरिफ सब्सिडी के लिए पात्र होंगी। सी और डी श्रेणी खंडों में स्थापित ऐसे सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इस योजना के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने पोर्टल पर संबंधित जिला उद्योग केंद्र के साथ उद्योग आधार ज्ञापन (यूएएम) फाइल किया है।

यह योजना 15 अगस्त 2015 से 5 वर्ष तक के लिए होगी, Rs.2 प्रति यूनिट मिलेगा अनुदान

बंद इकाइयों को नहीं मिलेगा अनुदान: उस उद्यम को राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अधिसूचित प्रतिबंधित सूची में न रखा गया हो। सब्सिडी जारी करने के समय उद्यम नियमित उत्पादन कर रहा हो और यह सब्सिडी बंद इकाइयों को जारी नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पावर टैरिफ सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित फॉर्म पर विभाग के वेब पोर्टल पर उद्योग और वाणिज्य निदेशक को भेजना होगा। आवेदन की जांच की जाएगी और कमियां, यदि कोई है तो उस बारे 10 कार्य दिवसों के भीतर आवेदक को लिखित में सूचित किया जाएगा। आवेदक को इन कमियों को दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाएगा।

सक्षम अधिकारी दायर करेंगे दावा

यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना उद्यम को निर्दिष्ट किए दस्तावेजों के अलावा कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। इस प्रकार फाइल किए दावों को प्रशासनिक सचिव, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आदेशों पर फिर से खोला जा सकता है, बशर्तें ऐसे अनुरोध नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे को अस्वीकार किए जाने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर प्राप्त हों।

सीधे खाते में जाएगी राशि

स्वीकृत राशि राज्य सरकार के खजाने के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी राशि जारी होने से पहले आवेदक को हलफनामा और पूर्व-रसीद जमा करनी होगी और निदेशक, उद्योग और वाणिज्य पावर टैरिफ सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। आवेदक इस योजना की अधिसूचना की तिथि से 15 अगस्त 2015 तक की अवधि की प्रतिपूर्ति के लिए इस योजना की अधिसूचना जारी होने की तिथि से छ: महीनों के भीतर दावा आवेदन जमा करा सकते हैं।

हो सकती है कानूनी कार्रवाई

सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य को ऐसे आदेश प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपील की जा सकती है। अपील में प्रशासनिक सचिव द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा। यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि आवेदक ने किसी भी झूठी सूचना के आधार पर पावर टैरिफ सब्सिडी का दावा किया है तो आवेदक को 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज की चक्र दर के साथ सब्सिडी राशि वापस करने के अलावा कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा और उसे राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन या सहायता प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा।