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वित्तीय अनियमितता नहीं लिखकर दें डीएसओ, तुरंत जारी कर देंगे राशि, गड़बड़ी मिली तो खुद होंगे जिम्मेदार

प्रदेश में खेल राशि को लेकर मच रहे बवाल के बीच अब खिलाड़ियों को इनाम दिए जाने के लिए 36 करोड़ रुपए की चली एक और फाइल को...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 15, 2018, 02:10 AM IST

प्रदेश में खेल राशि को लेकर मच रहे बवाल के बीच अब खिलाड़ियों को इनाम दिए जाने के लिए 36 करोड़ रुपए की चली एक और फाइल को लेकर महकमे में खींचतान शुरू हो चुकी है। खेल निदेशालय की ओर से वर्ष-2016-17 की खेल उपलब्धियों के आधार पर 2047 खिलाड़ियों को कैश अवाॅर्ड देने के लिए महकमे के प्रधान सचिव अशोक खेमका के पास फाइल भेज दी है, लेकिन उन्होंने इसमें गड़बड़ी की आशंका जताई है। इसलिए महकमे की ओर से इसकी पड़ताल की जाएगी। क्या सभी खिलाड़ी वास्तव में इनामी राशि के हकदार हैं। हालांकि इससे पहले खेमका ने इन नामों को अनुमोदित करने वाले सभी जिला खेल अधिकारियों से कहा कि यदि वे यह लिखकर दें कि इसमें कोई अनियमितता नहीं है तो तत्काल कैश अवाॅर्ड राशि जारी कर दी जाएगी, लेकिन कोई वित्तीय अनियमितता हुई तो इसके जिम्मेदार खुद होंगे।

सूत्रों का कहना है कि खेल निदेशालय से प्रधान सचिव कार्यालय पहुंची फाइल पर उन्होंने निदेशालय को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया कि इस सूची में जूनियर, सब जूनियर के भी नाम हैं, जिन्हें खेल नीति-2015 के अनुसार नकद इनाम नहीं दिया जा सकता। इन्हें केवल खेल मंत्रालय की ओर से ही सीनियर खिलाड़ियों से कम राशि दी जाती है। इसके अलावा इसमें कुछ ऐसे खेलों के भी नाम है, जो प्रदेश की खेल नीति में शामिल नहीं है। लिखा कि यदि खिलाड़ी प्रदेश की पॉलिसी के अनुसार शर्तें पूरी करते हैं तो ही उन्हें कैश अवाॅर्ड दिया जाएगा। इसके अलावा खेलो इंडिया में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी कैश अवाॅर्ड दिया जाएगा। उन्होंने उक्त सभी बिंदुओं पर निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है।

आईएएस खेमका ने डीएसओ के पाले में डाली गेंद

2047 में जूनियर, सब जूनियर और यूथ कैटेगरी के खिलाड़ी

निदेशालय ने ये लिखा फाइल में

खेल निदेशालय की ओर से प्रधान सचिव को भेजी फाइल में लिखा कि वर्ष-2016-17 के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के आवेदन पत्रों की जिला खेल अधिकारियों की ओर से जिला स्तर पर गठित कमेटी से जांच कराई गई है। इसके बाद संबंधित डीसी से जांच कराई है। इसके बाद 3 अगस्त, 2017 को आवेदन की जांच के लिए बनी 14 टेक्निकल अधिकारियों की ओर जांच की गई। इसके बाद संयुक्त खेल निदेशक की अध्यक्षता में जिला खेल अधिकारियों की बनी कमेटी से दोबारा आवेदन पत्रों की जांच कराई है। लिखा गया कि विभागीय कमेटी की ओर से खेल नीति-2015 के आधार पर ओलिंपिक और नॉन ओलिंपिक खेलों की मान्यता प्राप्त प्रतियोगिताओं में नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने के लिए पात्र माना है। विभाग की ओर से पिछले वर्षों में ओलिंपिक व नॉन ओलिंपिक दोनों खेलों में पदक विजेता खिलाड़ियों को ही नकद पुरस्कार स्वीकृत करने के लिए मामला भेजा जा रहा है। इसमें वुशू के खिलाड़ी भी हैं। इस प्रकार कुल 2047 खिलाड़ियों को 36 करोड़ 47 लाख 85 हजार रुपए की राशि इनाम देने पर खर्च होगी। यह राशि खिलाड़ियों के खातों में जमा करानी है।

कुछ बिंदू स्पष्ट करने को कहा है: खेमका

हम खिलाड़ियों का पैसा नहीं रोकना चाहते, लेकिन इसमें कोई वित्तीय अनियमितता नहीं होनी चाहिए। इसे लेकर खेल निदेशालयों को कुछ बिंदु स्पष्ट करने के लिए कहा है। खेल पॉलिसी में जूनियर, सब जूनियर और यूथ कैटेगरी के लिए नकद इनाम का प्रावधान नहीं है। -अशोक खेमका, प्रधान सचिव, खेल विभाग।

खेल नीति-2015 में इनके लिए नकद इनाम का प्रावधान नहीं, पहले दी जा रही थी इनाम राशि

जानिए... किस जिले के कितने हैं खिलाड़ी और कितनी मांगी है राशि

जिला खिलाड़ी राशि

अम्बाला 31 37,30,000

भिवानी 247 3,40,05000

फरीदाबाद 76 2,42,20000

फतेहाबाद 22 33,05,000

गुड़गांव 63 1,30,45,000

हिसार 237 3,07,90,000

जींद 167 2,50,45,000

झज्जर 105 2,42,30,000

कैथल 79 64,10,000

करनाल 90 2,85,75,000

कुरुक्षेत्र 94 1,78,30,000

मेवात 1 2,50,000

नारनौल 10 18,90,000

पलवल 17 41,60,000

पंचकूला 46 1,46,30,000

पानीपत 122 73,60,000

रेवाड़ी 27 42,05,000

रोहतक 221 3,68,45,000

सिरसा 58 1,53,70,000

सोनीपत 292 5,81,90,000

यमुनानगर 42 1,07,00,000

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