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सभी बिल्डिंग्स में लगे सोलर प्लांट तो 9 सेक्टर्स की जरूरत हाे जाएगी पूरी

बायलॉज में शामिल सभी कैटेगरी के प्लांट लग जाते हैं तो 55.26 मेगावॉट बिजली हर रोज मिलेगी

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 12, 2018, 02:10 AM IST

सभी बिल्डिंग्स में लगे सोलर प्लांट तो 9 सेक्टर्स की जरूरत हाे जाएगी पूरी
बायलॉज में शामिल सभी कैटेगरी के प्लांट लग जाते हैं तो 55.26 मेगावॉट बिजली हर रोज मिलेगी

हर रोज करीब 22 लाख यूनिट बिजली बनेगी, 4400 मकानों की बिजली की खपत पूरी करने के बराबर

सिटी रिपोर्टर| चंडीगढ़

चंडीगढ़ में सोलर प्लांट लगाने को मेंडेटरी किया गया है। एक कनाल या इससे ज्यादा बड़े हाउसेज या इंस्टीट्यूशन के लिए प्लांट लगाना जरूरी है। लोग लगा भी रहे हैं लेकिन अगर सभी लोग प्लांट घरों में लगवा भी लेते हैं तो भी जितनी खपत पूरे शहर की बिजली की है उसका 20% ही सोलर एनर्जी से जेनरेट हो पाएगा। एक कनाल या इससे ज्यादा बड़े घरों में प्लांट लगाना बिल्डिंग बायलॉज के हिसाब से जरूरी है। वो भी जितना टारगेट 50 मेगावॉट का है वो अचीव होने पर। अभी 23 मेगावॉट बिजली हर रोज जेनरेट हो रही है। जबकि जितने हाउसेज और बाकी कमर्शियल व इंडस्ट्रियल प्लॉट प्रशासन ने मेंडेटरी सोलर प्लांट लगाने के लिए गिने हैं उनमें प्लांट लग जाता है तो इससे करीब 22.26 मेगावॉट बिजली जेनरेट होगी। यानी कुल 55.26 मेगावॉट बिजली हर रोज जेनरेट होने लगेगी। मतलब की 22 लाख यूनिट बिजली हर रोज मिलेगी। एक घर की 500 यूनिट बिजली महीने की खपत है तो इससे करीब 4400 मकानों की एक महीने की बिजली की खपत पूरी होगी। एक सेक्टर की एवरेज डिमांड हर रोज की करीब 6 मेगावॉट है। यानि हर रोज करीब 9 सेक्टरों की बिजली की खपत इस बिजली से पूरी की जा सकेगी। चंडीगढ़ का 2022 तक 50 मेगावॉट का टारगेट है लेकिन इससे पहले ही ये टारगेट अचीव हो जाएगा।

1.12 लाख रुपए हर साल सेव...

पांच साल पहले 10 किलोवॉट का प्लांट लगवाया था करीब 9.5 लाख रुपए खर्च करके। हर साल करीब 14000 यूनिट बिजली इससे बनती है। इससे करीब 1.12 लाख रुपए की सेविंग हो जाती है। जब हमने सोलर प्लांट लगवाया था तो उस वक्त रेट ज्यादा था जबकि अब तो प्लांट लगवाने पर खर्चा भी कम है। जो प्लांट लगवाया है उससे फायदा ये लग रहा है कि कभी दिन में लाइट चली जाती है तो छोटे जनरेटर से ही काम हो जाता है और कम डीजल से काम हो जाता है। 7-8 साल में इसकी कोस्ट रिकवर हो जाएगी। हम अपने दूसरे स्कूल सेक्टर-37 में भी सोलर प्लांट लगवा रहे हैं जिसको इंस्टॉल करवा दिया है। ये 20 किलोवॉट का प्लांट हैं जिसको नेट मीटरिंग में लगवाया है। -आरुल कुमार, डायरेक्टर, स्टेपिंग स्टोन स्कूल सेक्टर-38

एक कनाल या इससे ज्यादा बड़े हैं कुल 5955 प्राइवेट हाउसेज

रेजिडेंशियल...

कैटेगरी-1:- 500 से 999 स्क्वेयर यार्ड के कुल 3803 प्राइ‌वेट हाउसेस हैं। इनमें एक किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। सभी में 3803 किलोवॉट कैपेसिटी के प्लांट लगेंगे।

पावर जेनरेट: 15212 यूनिट बिजली हर रोज जेनरेट होगी, महीने में 456360 यूनिट बिजली बनेगी

कैटेगरी-2:- 1000 से 2999 स्क्वेयर यार्ड के कुल 1984 प्राइवेट हाउसेज हैं। इनमें दो किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। सभी में कुल 3968 कैपेसिटी के प्लांट लगेंगे।

पावर जेनरेट:15872 यूनिट बिजली हर रोज जेनरेट होगी और हर महीने 476160 यूनिट बिजली मिलेगी।

कैटेगरी-3:- 3000 स्क्वेयर यार्ड कैटेगरी में कुल 168 प्राइवेट हाउसेज हैं। इनमें से प्रत्येक में तीन किलोवॉट का प्लांट लगाना जरूरी है। सभी में मिलाकर 504 किलोवॉट के प्लांट लगेंगे।

पावर जेनरेट:2016 हर रोज बिजली बनेगी और महीने में 60480 यूनिट बिजली मिलेगी।

कमर्शियल...

कैटेगरी-1 (कमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य):- 500 स्क्वेयर यार्ड से ज्यादा प्लॉट साइज के कुल 1252 प्लॉट हैं। इनमें प्रत्येक में मिनिमम 10 किलोवॉट या कनेक्टेड लोड के 5 परसेंट तक की कैपेसिटी का सोलर प्लांट लगाना जरूरी है। सभी में प्लांट लगते हैं तो 12520 किलोवॉट के प्लांट इनमें लगेंगे।

पावर जेनरेट: हर रोज 50080 यूनिट और महीने में 1502400 यूनिट बिजली मिलेगी।

कैटेगरी-2 (इंस्टीट्यूशनल):- वो सभी इंस्टीट्यूट जिनका प्लॉट साइज 500 स्क्वेयर यार्ड से ज्यादा का है इनमें 5 किलोवॉट के प्लांट लगाना जरूरी है। सभी में कुल 1470 किलोवॉट के प्लांट लगेंगे।

पावर जेनरेट: हर रोज 5880 यूनिट बिजली हर रोज और महीने में 176400 यूनिट बिजली बनेगी।

इन सभी से हर महीने 2671800 यूनिट बिजली मिलेगी... अगर एक घर में एवरेज 500 यूनिट बिजली महीने में खर्च होती है तो इस बिजली से एक महीने में 5343 घरों की पूरी बिजली की डिमांड पूरी हो पाएगी।

यानि:- कुल 7501 हाउसेस और प्लॉट में सोलर प्लांट लगाने जरूरी है, इन सभी में प्लांट लग गए तो इससे 22.27 मेगावॉट बिजली हर रोज जेनरेट होगी।

7-8 साल में खर्चा पूरा हो जाएगा...

से-38 वेस्ट में हाउस नंबर 5597 में दो साल पहले 12 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगा हुआ। चंडीगढ़ में एसएसपी रह चुके रिटायर्ड आईपीएस एनएस रंधावा का ये घर है जो करीब 220 स्क्वेयर यार्ड का है। रंधावा ने ये प्लांट करीब 10 लाख रुपए में लगाया व ग्रोस मिटरिंग के साथ इसको लगाया। अब हर रोज एवरेज 60-65 यूनिट बिजली जेनरेट होती है जो वे प्रशासन को बेचते हैं। रंधावा कहते हैं कि इससे कई फायदे हैं जिसमें एक तो बिजली बनेगी जिससे सभी को फायदा होगा, फाइनेंशियल बैनिफिट तो है ही, साथ ही पक्षियों के लिए यहां पर बसेरा बन जाता है। दो साल में रंधावा को इससे तीन लाख रुपए रिटर्न हो चुके हैं यानि 7-8 साल में जितना खर्चा किया था वो वापस हो जाएगा। -एनएस रंधावा, रिटायर्ड आईपीएस, सेक्टर-38 वेस्ट

सोलर प्लांट लगवाने के लिए कितना खर्चा, कितनी मिलेगी बिजली

1 किलोवॉट का प्लांट: सब्सिडीमिलाकर करीब 42 हजार रुपए लगेंगे। हर रोज 4-5 यूनिट बिजली जेनरेट होगी।

2 किलोवॉट का प्लांट: करीब85 हजार रुपए का लगेगा। हर रोज 8 यूनिट बिजली जेनरेट

5 किलोवॉट का प्लांट: करीब2.15 लाख का प्लांट लगेगा। इससे हर रोज 20 यूनिट बिजली जेनरेट होगी।

ये दो ऑप्शन...

नेट मीटरिंग में प्लांट लगवाते हैं तो जो बिजली इससे बनेगी पहले उससे आपके घर की खपत पूरी होगी और कुछ बिजली बचती है तो ग्रिड में जाएगी और अगले बिलों में एडजस्ट होगी।

दूसरा ग्रोस मीटरिंग में प्लांट लगवा सकते हैं इसमें जितनी कीमत जेईआरसी ने प्रति यूनिट बिजली की तय की है उस हिसाब से आप पूरी बिजली इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट को बेच सकते हैं।

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