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मामला यौन शोषण के बजाय मानसिक उत्पीड़न का लग रहा, गुलाटी की कार्यप्रणाली ठीक नहीं:आयोग

प्रदेश की महिला आईएएस की ओर से लगाए यौन शोषण के आरोपों को लेकर बुधवार को महिला आयोग के सामने आरोपी सीनियर आईएएस...

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2018, 03:05 AM IST
प्रदेश की महिला आईएएस की ओर से लगाए यौन शोषण के आरोपों को लेकर बुधवार को महिला आयोग के सामने आरोपी सीनियर आईएएस सुनील गुलाटी बयान दर्ज कराने पहुंचे। गुलाटी ने आयोग सदस्यों के सामने 3 घंटे तक अपनी बात रखी। इसके बाद महिला आयोग ने कहा कि अब तक की जांच में आरोप सही नहीं लग रहे हैं। मामला मानसिक शोषण का ही लग रहा है, लेकिन आरोपी सीनियर आईएएस सुनील कुमारी गुलाटी का व्यवहार अपने कर्मचारियों के साथ ठीक नहीं है। यह आयोग की ओर से अपनी स्तर पर कराई जांच में सामने आया है। आरोपी सीनियर आईएएस को चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने की हिदायत दी है। बयान लेने के साथ आयोग इस मामले की अपने स्तर पर भी जांच कर रहा है। इस मामले में 6 और अधिकारियों को आयोग ने समन जारी किए हैं। इनमें पशु पालन एवं डेयरी विभाग के महानिदेशक जीएस जाखड़ को भी आयोग ने बुलाकर बयान दर्ज किए हैं। आयोग ने जांच पूरी न होने के चलते बाकी अधिकारियों के नामों का खुलासा नहीं किया। दोपहर बाद साढ़े तीन बजे आयोग ने महिला आईएएस को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया। शाम सवा 6 बजे तक आयोग चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन और वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज ने उससे बातचीत। उन्हें कुछ दस्तावेज जमा कराने कहा, जिस पर महिला आईएएस ने 7 दिन का वक्त मांगा है। आंतरिक शिकायत समिति की आईएएस एवं अध्यक्ष नवराज संधू ने बताया कि अभी कमेटी बनी है। यदि आईएएस से जुड़ा मामला कमेटी में लाया जाएगा तो जरूर इसे गंभीरता से देखा जाएगा।

सीएस को चिट्ठी लिखी, ली जाएगी सीसीटीवी फुटेज और खंगाला जाएगा रिकॉर्ड : राज्य महिला आयोग की ओर से पूरे मामले की सीसीटीवी फुटेज देखी जाएगी। इसके अलावा रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। इसके लिए आयोग की ओर से मुख्य सचिव को चिट्ठी लिख दी है, ताकि इस मामले की और जांच की जा सके।

आमने-सामने बैठने से महिला आईएएस ने किया इनकार : महिला आयोग, महिला आईएएस और सीनियर आईएएस को आमने-सामने बैठाना चाहता था, लेकिन महिला आईएएस ने इसके लिए मना कर दिया।

महकमे के डीजी के भी बयान दर्ज, 6 और अधिकारियों को महिला आयोग ने जारी किए समन

मैं निर्दोष, सभी आराेप झूठे, हर जांच को तैयार : सुनील गुलाटी

सुबह 11 बजे आयोग के सामने पहुंचे सीनियर आईएएस गुलाटी ने दोपहर बाद करीब 2:30 बजे तक अपना पक्ष रखा। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे निर्दोष हैं और लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जब वे उनके विभाग में तबादला होकर आईं तभी इंटरनेट पर बैकग्राउंड देखा तो स्टाफ से कह दिया था कि ये जब भी ऑफिस में आएं तो कोई न कोई सदस्य जरूर अंदर बैठे। गुलाटी ने कहा कि उनकी वजह से उनकी मानहानि हुई है और आवश्यकता हुई तो मानहानि का केस भी करूंगा। जूनियर ऑफिसर का ध्यान रखने की जिम्मेदारी सीनियर की होती है, वही मैंने किया। इन्हें सभी सुविधाएं दीं। ये जहां भी रही हैं, वहां आरोप लगाए हैं। इसके कोई मेडिकली कारण हो सकते हैं, तनाव हो सकता है। परिवार को ये देखना चाहिए। रोहतक बुलाने के लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि महिला आईएएस ने उनसे ई-मेल पर छुट्‌टी मांगी थी, लेकिन उन्होंने उनसे कहा कि रविवार को डिस्पेंसरी बंद होती है। ऐसे में रोहतक में कार्यक्रम में सभी डॉक्टर-अधिकारी आएंगे। उनसे समस्या पूछी जाएगी और उन्हें कुछ नया बताया जाएगा, लेकिन वे इसमें नहीं आईं।

झूठ बोल रहे गुलाटी, यहां न्याय नहीं मिला तो जाऊंगी अदालत : पीड़िता

सीनियर आईएएस गुलाटी के जाने के बाद दोपहर बाद करीब 3:30 बजे महिला आईएएस आयोग दफ्तर पहुंचीं। उन्होंने गुलाटी की ओर से मीडिया में रखी बात पर पूछा तो उन्होंने कहा कि कौन अपराधी यह कहता है कि उसने अपराध किया है। वह झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने जो आरोप लगाए हैं, सब सही है। उन्होंने महिला आयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बयान दर्ज करने के लिए आधे घंटे के नोटिस पर बुलाया गया। मेरे पास तथ्य भी तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा कि यदि आयोग से न्याय नहीं मिला तो अदालत जाएंगी।

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