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ऑल इंडिया में चौथा रैंक ले प्रणव ट्राईसिटी में टॉपर रहे, विश्व सेकेंड

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन जेईई मेन्स-2018 के नतीजे सोमवार शाम...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:05 AM IST
ऑल इंडिया में चौथा रैंक ले प्रणव ट्राईसिटी में टॉपर रहे, विश्व सेकेंड
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की ओर से जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन जेईई मेन्स-2018 के नतीजे सोमवार शाम को घोषित कर दिए गए। नतीजों में ट्राईसिटी के प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया में चौथा रैंक हासिल कर ट्राईसिटी में टॉप किया है। वहीं, विश्व राकेश विग ने ऑल इंडिया में 45वां रैंक लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड पोजिशन हासिल की है। इन दोनों के लिए यह कामयाबी की मंजिल नहीं, बल्कि एक सीढ़ी भर है। क्योंकि दोनों का सपना आईआईटी में एडमिशन लेने का है और वह तभी पूरा हो सकता है जब जेईई एडवांस में बेहतरीन स्कोर ले पाएंगे। जेईई मेन्स के बाद अगर जेईई एडवांस में अपीयर होना है तो मेन्स की कोई वेटेज नहीं मिलती। 1 लाख 20 हजार तक रैंक हासिल करने वाले एडवांस में अपीयर हो सकते हैं।

जेईई एग्जाम के एक्सपर्ट सुचित वर्मा ने कहा कि कुल 360 में से 74 नंबर लाने वाले स्टूडेंट्स का रैंक एक लाख 20 हजार है। ऐसे में यह सभी एलिजिबल हैं। इसलिए इस एग्जाम में टॉप रैंक हासिल करने के बावजूद टॉपर्स को भी एडवांस के लिए पूरी मेहनत करनी है। सुचित ने बताया कि यह एग्जाम ट्राइसिटी से करीब 12 हजार स्टूडेंट्स ने दिया था, जबकि देश भर से 11 लाख 98 हजार अपीयर हुए थे। जेईई मेन्स के बाद अब ट्राईसिटी से करीब दो हजार ऐसे स्टूडेंट्स हैं जो जेईई एडवांस के लिए एलिजिबल हुए हैं। 21 मई को जेईई एडवांस का एग्जाम होना है और इसका रिजल्ट जून 15 के नजदीक आ जाएगा। अगर सिर्फ जेईई मेन्स के आधार पर एडमिशन की बात करें तो देशभर के 31 एनआईटी के अलावा पेक और पीयू के यूआईईटी में एडमिशन मिल सकता है।

मुंबई आईआईटी में एडमिशन लेना है: प्रणव

चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में रहने वाले प्रणव गोयल ने कुल 360 में से 350 नंबर हासिल किए। 17 साल के प्रणव ने दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-40 से 10वीं की और पंचकूला भवन विद्यालय से 12वीं की। जेईई मेन्स में बेहतरीन परफॉर्मेंस के बाद अब प्रणव की निगाहें जेईई एडवांस की तरफ हैं। प्रणव ने कहा कि वे जेईई मेन्स की तैयार के लिए हर रोज 4-5 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे, लेकिन जेईई एडवांस को क्रैक करने ज्यादा मुश्किल है, इसलिए उन्हें अब और भी ज्यादा तैयारी करनी होगी। प्रणव के पिता पंकज गोयल एक बिजनेसमैन हैं और फार्मास्युटिकल कंपनी चलाते हैं। मां ममता गोयल भी बिजनेस में उनका साथ निभाती हैं। प्रणव का कहना है कि आज वे जिस भी मुकाम पर हैं, उसका सारा श्रेय उनके पिता और टीचर्स को जाता है। अगर जेईई एडवांस को क्रैक कर पाते हैं तो मुंबई आईआईटी में एडमिशन लेकर कंप्यूटर साइंस के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहेंगे।

अब फोकस सिर्फ जेईई एडवांस पर: विश्व

विश्व राकेश विग ने कुल 360 में से 329 नंबर हासिल किए। मोहाली फेज-9 के रहने वाले राकेश ने एसजीजीएस कॉलेजिएट पब्लिक स्कूल सेक्टर-26 से 12वीं की। प्रणव की तरह विश्व भी आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में एडमिशन लेना चाहते हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन वह विदेश में जाकर करना चाहते हैं। विश्व के पिता राकेश विग का फार्मास्युटिकल का बिजनेस है, मां मंजू विग भी बिजनेस में हाथ बंटाती हैं। विश्व ने कामयाबी का श्रेय अपने मैथ्स टीचर नरेंद्र को दिया, क्योंकि उन्होंने ही उसके कंसेप्ट क्लियर किए थे। विश्व ने कहा कि अब उनका सारा फोकस जेईई एडवांस पर रहेगा, क्योंकि इसे हर हाल में क्रैक करना है।

ऑल इंडिया में चौथा रैंक ले प्रणव ट्राईसिटी में टॉपर रहे, विश्व सेकेंड
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ऑल इंडिया में चौथा रैंक ले प्रणव ट्राईसिटी में टॉपर रहे, विश्व सेकेंड
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