Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» रिमोट एरिया में काम करने वाले डॉक्टरों को इनसेंटिव देने का फैसला सही: हाईकोर्ट

रिमोट एरिया में काम करने वाले डॉक्टरों को इनसेंटिव देने का फैसला सही: हाईकोर्ट

हरियाणा के रिमोट अथवा डिफिकल्ट एरिया में काम करने वाले डॉक्टरों को आगे उच्च शिक्षा के लिए इनसेंटिव देने के...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:05 AM IST

हरियाणा के रिमोट अथवा डिफिकल्ट एरिया में काम करने वाले डॉक्टरों को आगे उच्च शिक्षा के लिए इनसेंटिव देने के हरियाणा सरकार के फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सही माना है। जस्टिस महेश ग्रोवर और जस्टिस राजबीर सेहरावत की खंडपीठ ने दो अलग अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह फैसला दिया। एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों की तरफ से याचिका दायर कर हरियाणा सरकार की 17 जनवरी की अधिसूचना पर सवाल उठाया गया था जिसमें राज्य सरकार ने अलग अलग जिलों के 46 ब्लॉक्स को रिमोट एरिया मानते हुए सरकार की योजनाओं में यहां काम करने वाले इन सर्विस एमबीबीएस डॉक्टरों को इनसेंटिव देने का फैसला लिया गया। याचिका में कहा गया कि सरकार का यह फैसला गलत है जिसे खारिज किया जाए। हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2000 के तहत राज्य सरकार को अधिकार है कि वह इन सर्विस उम्मीदवारों के लिए इनसेंटिव देने की स्कीम शुरु कर सकती है। हरियाणा कोई ऐसा राज्य नहीं जहां सड़कों जैसे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न हो। ऐसे में सामाजिक आर्थिक तथ्यों के आधार पर किसी एरिया के पिछड़ेपन को तय किया जा सकता है।

आज सीबीआई कोर्ट में पेश होंगे पूर्व सीएम हुड्‌डा

चंडीगढ़| चर्चित मानेसर लैंड स्कैम मामले में मंगलवार को पंचकूला स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा पेश होंगे। यहां वे जमानत के लिए अपील कर सकते हैं, क्योंकि इस मामले में सीबीआई कोर्ट में पेश होकर पूर्व सीएम के पूर्व प्रधान सचिव एमएल तायल हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर एसएस ढिल्लो, संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य पूर्व आईएएस अफसर छतर सिंह आदि कोर्ट से जमानत ले चुके हैं। पिछली सुनवाई पर हुड्‌डा अस्वस्थ होने की वजह से कोर्ट नहीं पहुंचे थे। ऐसे में सुनवाई की तारीख एक मई तय की गई थी। उल्लेखनीय है कि गुड़गांव के मानेसर में 15 सितंबर 2015 को एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद जांच में पूर्व सीएम और पूर्व आईएएस समेत 34 लोगों का नाम सामने आया था। प्रदेश सरकार की ओर से 27 अगस्त 2004 और 25 अगस्त 2005 में लैंड एक्जीबिशन के तहत मानेसर के नोरंगपुर और लखनौला गांव में 912 एकड़ जमीन को एक्वायर किया गया, लेकिन खुलासा हुआ कि मिलीभगत से करीब 400 एकड़ जमीन को एक्वायर किया गया।

मैनहोल में बच्चे के गिरने के मामले पर हरियाणा सरकार को नोटिस

चंडीगढ़| हिसार में खुले मैनहोल में बच्चे के गिर जाने से हुई मौत के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पत्र पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने मामले पर दो जुलाई के लिए सुनवाई तय की है। हिसार निवासी गंगापुत्र राजेश हिंदुस्तानी ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में हिसार सेशन डिवीजन की इंस्पेक्टिंग जज दया चौधरी को पत्र लिखा था। पत्र में कहा था कि लेबर का काम करने वाली महिला का 13 माह का बच्चा रेलवे कालोनी में गली से अचानक लापता हो गया। बाद में बच्चा मैनहोल में गिरा मिला। 18 मार्च को हुई इस घटना में बच्चे की मौत हो गई थी। पत्र में कहा गया कि बच्चे की मौत से पूरा परिवार सदमे में चला गया है। पुलिस को भी मामले की शिकायत की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। मामले को लेकर लोकल अथारिटी से किसी तरह की कोई मदद की उम्मीद नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट मामले में दखल दे। पत्र को जनहित याचिका मानते हुए चीफ जस्टिस ने इसे संबंधित बेंच को सुनवाई के लिए भेजा।

भास्कर न्यूज| चंडीगढ़

हरियाणा के रिमोट अथवा डिफिकल्ट एरिया में काम करने वाले डॉक्टरों को आगे उच्च शिक्षा के लिए इनसेंटिव देने के हरियाणा सरकार के फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सही माना है। जस्टिस महेश ग्रोवर और जस्टिस राजबीर सेहरावत की खंडपीठ ने दो अलग अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह फैसला दिया। एमबीबीएस करने वाले डॉक्टरों की तरफ से याचिका दायर कर हरियाणा सरकार की 17 जनवरी की अधिसूचना पर सवाल उठाया गया था जिसमें राज्य सरकार ने अलग अलग जिलों के 46 ब्लॉक्स को रिमोट एरिया मानते हुए सरकार की योजनाओं में यहां काम करने वाले इन सर्विस एमबीबीएस डॉक्टरों को इनसेंटिव देने का फैसला लिया गया। याचिका में कहा गया कि सरकार का यह फैसला गलत है जिसे खारिज किया जाए। हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशन, 2000 के तहत राज्य सरकार को अधिकार है कि वह इन सर्विस उम्मीदवारों के लिए इनसेंटिव देने की स्कीम शुरु कर सकती है। हरियाणा कोई ऐसा राज्य नहीं जहां सड़कों जैसे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध न हो। ऐसे में सामाजिक आर्थिक तथ्यों के आधार पर किसी एरिया के पिछड़ेपन को तय किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×