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रात को पिता के गले लग रोया, कहा-पापा पुलिस आपको जेल भेजेगी, सुबह नहीं उठा

मुंडी खरड़ में एक 14 साल के लड़के की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। इस पर उसके पिता ने अपने ही पुराने मालिक पर बच्चे को...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 03:05 AM IST
मुंडी खरड़ में एक 14 साल के लड़के की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। इस पर उसके पिता ने अपने ही पुराने मालिक पर बच्चे को धमकाने का आरोप लगाकर कहा कि इस कारण बेटा पिछले दो दिन से डरा, सहमा हुआ था कि अचानक ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मृतक बच्चे के पिता के बयान दर्ज कर सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है।

मुंडी खरड़ निवासी हरीश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 14 साल से अपने दो बच्चों व प|ी के साथ मुंडी खरड़ के वार्ड नंबर 11 के मकान नंबर 920 में रहता है। वह मौजूदा समय में इनकम टैक्स कार्यालय में प्राइवेट तौर पर ड्राइवर की नौकरी कर रहा है। प|ी भी प्राइवेट जॉब करती है। उसके दो बेटों में बड़ा बेटा 18 साल का अभिषेक है, जबकि छोटा बेटा 14 साल का ध्रुव था। मंगलवार शाम को जब वह काम से वापिस आया तो छोटा बेटा ध्रुव उसके गले लगा और रोने लगा वह बहुत डरा हुआ था और बार-बार एक ही बात कह रहा था कि पापा चंडीगढ़ पुलिस आपको अरेस्ट कर लेगी जो आपको मारेगी-पीटेगी और जेल भेज देगी। वह हैरान हो गए जब उन्होंने बच्चे से पूछा कि क्या बात हुई है तो उसने बताया कि 14 मई को गगनप्रीत अंकल आए थे, उन्होंने कहा था कि वह पुलिस भेजकर तेरे पापा को पकड़वा देंगे और खूब पिटाई करवाएेंगे। उन्होंने और उनकी प|ी ने बच्चे को समझाया कि ऐसा कुछ नहीं होगा उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। जिसके बाद वह रात करीब 11 बजे खाना खाने के बाद डरा सहमा हुआ सौ गया। बुधवार सुबह 5 बजे उनकी प|ी उठी जो बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में थी उसने बच्चों के कमरे में जाकर बच्चों को उठाया अभिषेक तो उठ गया, लेकिन ध्रुव को बार बार हिलाने पर भी वह नहीं उठा। प|ी चिल्लाई तो वह भी उठा व बच्चे को देखा। उसके हाथ-पांव ठंडे पड़े हुए थे। उन्होंने बच्चे पर पानी के छींटे भी डाले, लेकिन कोई रिस्पांस न होने के कारण वह तुरंत अपनी कार में बच्चे को डालकर सिविल अस्पताल फेस-6 ले गए। जहां पर बच्चे की धड़कने चल रही थी, डॉक्टरों ने नाजुक हालत को देखते हुए उसे पीजीआई रैफर कर दिया। यहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को ब्राॅट डैड घोषित कर दिया।

ध्रुव

चेक चोरी होने के बाद पुराने मालिक से था विवाद

हरीश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2014 में गिल्को वैली निवासी गगनप्रीत सिंह के आॅफिस में उसकी कार का ड्राइवर था। गगनप्रीत सिंह प्राइवेट कार ड्राइविंग स्कूल चलाता है। उस समय काम के दौरान एक बार उसका पर्स कार में भूल जाने के कारण उसके कुछ चेक चोरी हो गए थे। इस संबंधी उसने अपने मालिक क खिलाफ खरड़ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। तब गगनप्रीत सिंह ने लिखित में बयान दर्ज करवाए थे कि उसके पास कोई भी चेक नहीं है। इसके बाद उसने वहां से काम छोड़ दिया था। हाल ही में 14 मई 2018 को उसके घर पर उस समय गगनप्रीत आया जब उसका छोटा बेटा 14 साल का ध्रुव घर पर अकेला था, जबकि बड़ा बेटा क्रिकेट खेलने गया था और प|ी भी काम पर थी। तब गगनप्रीत ने उसके बेटे को धमकाया। इसके कुछ ही समय बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीम समन नोट करवाने के लिए आई जो ध्रुव को कह कर गई कि उसके पिता को मिलने आई है। ध्रुव डर गया पुलिस वाले ध्रुव को मोबाइल नंबर देकर गए। शाम को जब वह घर आया तो ध्रुव ने उसे पुलिस का दिया नंबर दिया। इसके बाद उसने पुलिस वालो से बात की और शाम को दोबारा चंडीगढ़ पुलिस घर दोबारा आई और चंडीगढ़ अदालत के समन नोट करवाए। केस के बारे में पता लगा कि गगनप्रीत ने उन्हीं चेकों को अपने खाते में लगाकर बाउंस करवाया जो वर्ष 2014 में चोरी हुए थे। इसी चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने उसे समन किए हैं। उन्होंने बताया कि ध्रुव सेक्टर-35 चंडगढ़ स्थित गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकंडरी स्कूल में 9वीं क्लास में पढ़ता था जो 15 मई को स्कूल से आया था, तब सब सामान्य था। शाम को वह सहम गया था।