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ग्रुप हाउसिंग, कॉमर्शियल, अस्पतालों और सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाना जरूरी

पंजाब के शहरों के विकास को योजनाबद्ध तरीके से यकीनी बनाने के लिए शहरी विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने...

Danik Bhaskar | Jun 13, 2018, 03:05 AM IST
पंजाब के शहरों के विकास को योजनाबद्ध तरीके से यकीनी बनाने के लिए शहरी विकास मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने मंगलवार को इमारत निर्माण संबंधी नए नियमों को हरी झंडी दे दी। इन नियमों को कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुका है। ये नियम म्यूनिसिपल हदों से बाहर लागू होंगे। इसका नोटिफिकेशन जल्द जारी होगा।

बाजवा ने कहा, अब डिवेल्पर ग्रुप हाउसिंग, कमर्शियल, सार्वजनिक कार्यालय, होटल और औद्योगिक इमारतों के लिए बिना हद के फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) खऱीद सकेंगे। इसके अलावा रिहायशी प्लाॅटों, शिक्षा संस्थाओं की इमारतों, किराए के मकानों, होस्टल, ढाबों, मिनीपलैक्स और मल्टीप्लेक्स, थोक कारोबार, वेयरहाऊस, एकीकृत गोदामों और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्टों में व्यापारिक प्रयोग के लिए एफएआर का घेरा 0.20 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक बढ़ा सकेंगे। बाजवा ने बताया, शिक्षा, सरकारी, अस्पताल, औद्योगिक इमारतों और ग्रुप हाउसिंग इमारतों में बिजली पैदा करने के लिए छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाना जरूरी कर दिया है। हर तरह की इमारत में कुल कवर्ड एरिया का 15 प्रतिशत स्टाफ या वर्करों के रहने के लिए रखने की इजाज़त होगी और बड़े कैंपसों, यूनिवर्सिटियों, आईआईटी व आईआईएम में कुल कवर्ड क्षेत्र का 30 प्रतिशत ज़रूरी स्टाफ के लिए रहने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। इन इमारती नियमों में नये राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड -2016 को शामिल किया गया है।

बता दें, पंजाबी शहरी विकास अथॉरटी इमारती नियम वर्ष 1996 में लागू हुए थे, जिनको संशोधित करके 2013 में फिर नोटीफाई किया गया। इन नियमों में समय-समय पर संशोधन होता रहा है। देश के नगर और ग्राम योजनाकार (टीसीपीओआई) ने वर्ष 2016 में मॉडल बिल्डिंग उप-नियम तैयार किए थे और राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड 2016 भी वर्ष 2016 में प्रकाशित हुआ था। टीसीपीओआई ने सभी राज्यों को यह नियम अपनाने और लागू करने की अपील की थी। अलग अलग जत्थेबंदियों ने पंजाब सरकार को भी इमारती नियमों में संशोधन करने के लिए कहा था और म्यूनिसिपल हदों से बाहर की इमारतों के मालिकों को पेश समस्याओं से अवगत करवाया था।

नये इमारती नियम बनाते हुए सह विभागों और आम लोगों से राय भी ली गई और नियमों का मसौदा भी जनतक निगरानी के लिए रखा गया। इस संबंधी आए प्रमाणक विचारों को ध्यान में रखा गया और नियमों में शामिल किया गया। इमारती नियमों को सरल बनाने के मंतव्य के साथ पंजाब सरकार ने पंजाब शहरी विकास अथॉरटी बिल्डिंग नियम 2013 में संशोधन करके नये इमारती नियम तैयार किये हैं, जिनका नाम पंजाब शहरी योजनाबंदी और विकास इमारती नियम -2018 रखा गया है।

यूनिवर्सिटीज, अनाथ आश्रमों के लिए पार्किंग नियमों में छूट

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि परचून सेवा उद्योग के मामलो में ग्राउंड कवरेज में पांच प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट दी जाएगी और औद्योगिक इमारत के लिए ग्राउंड कवरेज 40 प्रतिशत से बढ़ा कर 45 प्रतिशत कर दी गई है। इसके अलावा अनाथ आश्रम, वृद्ध आश्रम, विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों और व्यक्तियों के स्कूलों व संस्थाओं के लिए नए प्रस्ताव पेश किए गए है। यूनिवर्सिटीज, अनाथ आश्रम, वृद्ध आश्रम, विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों और व्यक्तियों के स्कूल व संस्था के लिए पार्किंग नियमों में भी छूट दी गई है। विशेष ज़रूरतों वाले व्यक्तियों की देखभाल करने वाले केंद्र या स्कूल की इमारत का नक्शा पास करवाने के लिए कोई नजऱसानी फीस नहीं लिए जायेगी। वृद्ध आश्रम के लिए पांच प्रतिशत अतिरिक्त फ्लोर एरिया अनुपात (एफएआर) मुफ्त होगा और ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेट जमा करवाने पर इमारत नजऱसानी फीस से 100 प्रतिशत छूट होगी।