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पार्किंग कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट करने के लिए नोटिस देने का हाउस में आएगा एजेंडा

फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की मीटिंग में सोमवार को पार्किंग के पहली अप्रैल से बढ़े रेट का मामला...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:10 AM IST
फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (एफएंडसीसी) की मीटिंग में सोमवार को पार्किंग के पहली अप्रैल से बढ़े रेट का मामला उठा। कमेटी मेंबर्स ने अफसरों ने पूछा कि जब मेयर देवेश मोदगिल द्वारा पार्किंग चेक करने के लिए कमेटी गठित कर दी गई थी तो उसकी रिपोर्ट 13 अप्रैल को सबमिट होनी थी। तब तक अफसरों को रेट बढ़ाने का इंतजार करना चाहिए था। लेकिन अफसरों ने ऐसा नहीं किया। क्या अफसर अपनी मनमर्जी ऐसे ही करते रहेंगे? कमेटी मेंबर और मेयर ने कहा कि पार्किंग का कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेट करने के लिए तीन माह का नोटिस देने का हाउस में एजेंडा लाएंगे।

कजौली से से-39 वाटर वर्क्स तक बिछाई जा रही फेज पांच-छह की लाइन पर चल रहे वर्क को एफएंडसीसी मैंबर चेक करने कजौली और जंडपुर जाएंगे। यह फैसला एफएंडसीसी की मीटिंग में लिया गया। वहीं कार बाजार को हल्लोमाजरा से किसी अन्य जगह शिफ्ट करने पर भी अफसरों से चर्चा हुई। एफएंडसीसी की मीटिंग मेयर देवेश मोदगिल की अध्यक्षता में हुई। इसे निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव, कमेटी मेंबर राजबाला मलिक, अनिल दुबे, हीरा नेगी, गुरबख्श रावत, फरमिला के अलावा एडिशनल कमिश्नर सौरभ मिश्रा, अनिल कुमार गर्ग, तेजदीप सिंह सैनी, चीफ इंजीनियर मनोज बंसल और अन्य एमसी ऑफिसर ने अटेंड किया।

अफसर और काउंसलर आमने-सामने

एमओयू की कंडीशन हाउस ने ही पास की थी: मिश्रा

राजबाला मलिक, गुरबख्श रावत और अनिल दुबे ने कहा कि हाउस सुप्रीम है, इसके बाद एफएंडसीसी पावरफुल है। इसके बाद निगम कमिश्नर का नंबर आता है। लेकिन कमिश्नर छुट्टी पर जाते हुए भी पार्किंग रेट पहली अप्रैल से डबल करवाने का 28 मार्च को जॉइंट कमिश्नर से लेटर निकलवा गए। अफसर 13 अप्रैल तक मेयर द्वारा बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट आने तक इंतजार नहीं कर सकते थे। इस पर एडिशनल कमिश्नर सौरभ मिश्रा बोल पड़े कि एमओयू की कंडीशन हमारे आने से पहले बनी थी, उन्हें हमने नहीं बनाया है। इसे सभी काउंसलर ने हाउस में पास किया हुआ है।

ये एजेंडा मीटिंग में पास











मिश्रा जी, हम अापसे ऊंचा बोलना जानते हैं: गुरबख्श

इस पर गुरबख्श रावत ने कहा कि मिश्रा जी ऊंची आवाज में मत बोलें। हमें आपसे ज्यादा ऊंची आवाज में बाेलना आता है। एमओयू की कंडीशन है कि पार्किंग रेट पहली अप्रैल से बढ़ने थे, पर इसे 16 दिन आगे बढ़ाया जा सकता था। अगर हम वॉयलेशन कर रहे हैं तो क्या पार्किंग चलाने वाली कंपनी एमओयू का वॉयलेशन नहीं कर रही है। जब कंपनी एमओयू की कंडीशन नहीं मान रही है तो क्या कंपनी एमओयू का वॉयलेशन नहीं कर रही है। पहली अप्रैल से बढ़े पार्किंग रेट वापस लिए जाएं। निगम कमिश्नर ने कहा कि इस मामले पर लीगल राय ले लेते हैं।

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