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घर बैठे सुखना की चिंता सभी को, पर सॉल्यूशन कोई नहीं दे रहा:हाईकोर्ट

घर बैठे सुखना लेक में पानी की कमी की चिंता सभी लोगों को है लेकिन कोर्ट में आकर समाधान कोई नहीं बता रहा। यह बिल्कुल...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:10 AM IST

घर बैठे सुखना की चिंता सभी को, पर सॉल्यूशन कोई नहीं दे रहा:हाईकोर्ट
घर बैठे सुखना लेक में पानी की कमी की चिंता सभी लोगों को है लेकिन कोर्ट में आकर समाधान कोई नहीं बता रहा। यह बिल्कुल इसी तरह है, जैसे रोड एक्सीडेंट में सड़क पर घायल पड़े हुए को इलाज देने की सलाह तो सभी दे रहे हैं, लेकिन उसे उठाकर अस्पताल कोई नहीं ले जा रहा। सोमवार को यह मौखिक टिप्पणी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अजय कुमार मित्तल व जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान की।

जस्टिस मित्तल ने कहा कि लोग गलत फैसले की आलोचना करने से पीछे नहीं हटते, लेकिन फैसले को सही करने में कोई सहयोग भी नहीं देते। ऐसे मामलों में कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों किया जाए। क्या प्रशासन को खुद इस मामले को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए। खंडपीठ ने अब इस मामले में एमिकस क्यूरी (अदालत की सहयोगी) वकील तनु बेदी को सुखना लेक में पानी की कमी को पूरा करने के लिए लॉन्ग व शाॅर्ट टर्म दोनों तरह के सुझाव और कोर्ट के उन फैसलों की जानकारी देने को कहा है, जिन्हें लागू नहीं किया गया। मामले पर बुधवार को लिए सुनवाई तय की गई है।

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1156फीट वॉटर लेवल पहुंचा अप्रैल महीने में

तेजी से कम हो रहा लेवल, ऐसा ही रहा तो लेक के रेगुलेटरी एंड की तरफ का हिस्सा सूख जाएगा।

एक महीने में वॉकिंग एरिया को री-कार्पेट करे प्रशासन

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि लेक पर 1500 मीटर के वॉकिंग एरिया में तो सड़क ठीक है लेकिन आगे 700 मीटर की सड़क खराब है। ऐसे में पूरे 2300 मीटर के वॉकिंग एरिया के री-कार्पेटिंग के काम को पूरा किया जाए। हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को इसके लिए एक महीने का समय दिया है।

एसटीपी के लिए 17 मई को टेंडर खुलेगा... पूरी तरह से बरसात पर निर्भर सुखना में पानी की कमी को एसटीपी से ट्रीट हुए वाॅटर से भरने के प्रयासों पर सोमवार को प्रशासन की तरफ से कहा गया कि एसटीपी लगाने के काम पर 17 मई को टेंडर खोले जाएंगे। आगे ट्रायल के लिए एसटीपी को चलाने में 9 महीने का समय लगेगा। सुखना चौ के पास किशनगढ़ में प्लांट लगाया जाएगा। किशनगढ़ से आने वाले सीवरेज का निपटारा सीवर लाइन में किया जाएगा, जो नगर निगम के ट्रंक सीवर के साथ कनेक्ट है। इसको एसटीपी से ट्रीट कर तय मानकों पर परखने के बाद सुखना में पंप किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि एसटीपी लगने और काम शुरू होने में 9 माह का समय है। ऐसे में लॉन्ग टर्म व शाॅर्ट टर्म समाधान निकाले जाएं। सुखना का जल स्तर तेजी से घट रहा है। ऐसे में कुछ वैकल्पिक समाधान भी किए जाने चाहिए।

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