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किताबों पर विपक्ष की बयानबाजी माहौल बिगाड़ सकती है : कैप्टन

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि विपक्ष इतिहास की स्कूली किताबों में सिख गुरुओं संबंधी जानकारी के बेहद...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:10 AM IST

किताबों पर विपक्ष की बयानबाजी माहौल बिगाड़ सकती है : कैप्टन
सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि विपक्ष इतिहास की स्कूली किताबों में सिख गुरुओं संबंधी जानकारी के बेहद संवेदनशील और धार्मिक भावनाओं के साथ जुड़े मुद्दे पर राजनीति खेलकर राज्य के हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के बेबुनियाद बयानों से राज्य का अमन और भाईचारा बिगड़ सकता है।

कैप्टन ने सोमवार कहा कि तथ्यों की पुष्टि किए बगैर सरकार को बदनाम करने वाली इस मुहिम में आम आदमी पार्टी भी शामिल है। सीएम ने कहा है कि 2014 में अकाली शासन के समय इन पाठ्यक्रमों को एनसीईआरटी सिलेबस के अनुसार फिर तैयार करने का फैसला किया गया था। माहिरों की कमेटी द्वारा सिलेबस को विचारने के बाद 2016 में बोर्ड द्वारा 9वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए किताबें प्रकाशित करवाई गई थीं और 11वीं-12वीं कक्षाओं के लिए किताबें 2018 में छपाने संबंधी फैसला किया गया था। उनकी सरकार ने इतिहास के विषय को फिर तैयार के लिए विचार-चर्चा के लिए मार्च 2017 में एसजीपीसी को लिखा था। एसजीपीसी ने पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के प्रोफेसर परमवीर सिंह को तैनात किया था, जिन्होंने सभी मीटिंगों में हिस्सा लिया था। सीएम ने कहा कि विपक्ष की तरफ से अपने दोषों को सिद्ध करने के लिए 11वीं कक्षा की इतिहास की जिस किताब में से मिसालें और हवाले दिए जा रहे हैं वह तो अभी प्रकाशित भी नहीं हुई है।

सीएम ने स्पष्ट किया कि फिर तैयार किए सिलेबस में सिख गुरुओं बारे मुकम्मल इतिहास को बगैर किसी कांट-छांट के शामिल किया गया है। अब 11वीं कक्षा में श्री गुरु नानक देव जी से लेकर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के इतिहास और चार साहिबजादों की शहीदी बारे पढ़ाया जा रहा है। चार साहिबजादों के इतिहास को उनकी निजी सिफारिश पर शामिल किया गया है।

सिलेबस का मसौदा विषय-वस्तु के आधार पर तैयार

होता है चैप्टरों के अनुसार नहीं

सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर पर मुकम्मल सिख इतिहास काल संबंधी पढ़ाए जाने के संबंध में स्पष्ट करते हुए सीएम ने बताया कि किसी बोर्ड या यूनिवर्सिटी की तरफ से किसी भी सिलेबस का मसौदा विषय-वस्तु के आधार पर तैयार किया जाता है, चैप्टरों के अनुसार नहीं। उन्होंने 11वीं और 12वीं कक्षाओं के पुराने और नए सिलेबस को मंगवाकर देखा है और इनको पढ़ने के बाद स्पष्ट पता लगता है कि नए सिरे से सिलेबस तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान सिख इतिहास या सिख गुरुओं संबंधी एक भी जानकारी नहीं हटाई गई । सीएम ने बताया कि किताबों की छपाई को प्राइवेट प्रकाशकों पर छोड़ने की बजाय अब सरकार ने सिख इतिहास और सभ्याचार संबंधी सारी जानकारी यकीनी बनाने के लिए किताबों की छपाई का कार्य पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को सौंप दिया है, जो कि पहले इस प्रक्रिया में शामिल नहीं था।

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