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रनवे बनने के बाद बड़े से बड़ा जहाज होगा ऑपरेट

चंडीगढ़ | दिन में किसी भी एयरक्राफ्ट की लैंडिंग के लिए 31 मई तक चंडीगढ़ इंटरनेशनल का रनवे बिल्कुल तैयार हो जाएगा।...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 03:10 AM IST
चंडीगढ़ | दिन में किसी भी एयरक्राफ्ट की लैंडिंग के लिए 31 मई तक चंडीगढ़ इंटरनेशनल का रनवे बिल्कुल तैयार हो जाएगा। इसके बाद दुनिया का कोई भी एयरक्राफ्ट यहां से दिन में ऑपरेशन के लिए तैयार हो जाएगा। दोबारा रनवे क्लोजर की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह बात 12विंग के एओसी-इन -सी एयर कमाडोर एस श्रीनिवासन ने बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि यह देश का सबसे बड़ा एयर लॉजिस्टिक एयरबेस है। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और एयरफोर्स मिलकर इसे बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं। 31 मई तक रनवे के फर्स्ट फेज का काम पूरा हो जाएगा। दूसरे फेज में रनवे को 12400 फीट किया जाना है। यह काम नवंबर-दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद दुनिया के बड़े से बड़े जहाज को ऑपरेट करने के लिए रनवे तैयार हो जाएगा। तीसरे फेज के तहत आईएलएस और ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाना है। यह फरवरी या मार्च तक पूरा होने की संभावना है। रक्षा मंत्रालय से फिटनेस सर्टिफिकेट अगस्त तक मिलेगा। अगस्त 2019 से हम 24 घंटे फ्लाइट ऑपरेशन के लिए वॉच आवर्स खोलने के लिए तैयार हैं।


150 मीटर की जा रही है चौड़ाई






100 मीटर की विजिबिलिटी पर भी फ्लाइट्स हो सकेंगी ऑपरेट


एस श्रीनिवासन ने बताया कि दिसंबर और जनवरी में खराब मौसम से यहां थोड़ी दिक्कत होती है। हम यहां पर कैट-2 आईएलएस लगाने जा रहे हैं। ग्राउंड लाइटिंग सिस्टम की मदद से 300 मीटर की विजिबिलिटी पर फ्लाइट ऑपरेट करना संभव होगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कैट थ्री आईएलएस लगाने को तैयार है। इस पर 20 से 25 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च आएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या आप कैट-3 आईएलएस नहीं लगा सकते थे तो उन्होंने कहा कि एयरफोर्स को नहीं लगता कि यहां पर कैट थ्री आईएलएस की जरूरत है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के इस प्रस्ताव के अनुरूप हमने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम को कैट थ्री केंपेटबल बनाने का प्रोविजन भी कर दिया है। इससे 100 मीटर की विजिबिलिटी पर भी फ्लाइट्स ऑपरेट हो सकेंगी। बेशक एएआई इसे लगाएगा। लेकिन एयरफोर्स भी इसका इस्तेमाल करेगा। इसके लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं लगेगा।