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एयरफोर्स के फाइटर एयरक्राफ्ट होंगे यहां से ऑपरेट: एस श्रीनिवासन

12विंग के एओसी-इन-सी एयर कमाडोर एस श्रीनिवासन ने कहा कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ऑपरेशनल कंडीशन में रखकर हम...

Dainik Bhaskar

May 17, 2018, 03:10 AM IST
एयरफोर्स के फाइटर एयरक्राफ्ट होंगे यहां से ऑपरेट: एस श्रीनिवासन
12विंग के एओसी-इन-सी एयर कमाडोर एस श्रीनिवासन ने कहा कि चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ऑपरेशनल कंडीशन में रखकर हम इसका कंस्ट्रक्शन कर रहे हैं। अगर हम 6 महीने के लिए पूरी तरह से एयरपोर्ट बंद करके इसे बनाते तो खर्च 220 करोड़ रुपए के आसपास आता, लेकिन हमने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे ऑपरेशनल कंडीशन में रात के वक्त बनाने का फैसला लिया। हालांकि इस पर खर्च 425 करोड़ रुपए आया। बेशक इसे बनाने में 1 साल से अधिक समय लगा है। रात में कंस्ट्रक्शन कर दिन के वक्त सिविल और एयरफोर्स फ्लाइट्स के ऑपरेशन के लिए हमें 25 मीटर रनवे के स्लोप काे काटना पड़ता था। हाईकोर्ट के डायरेक्शन पर हमने समय पर रनवे का काम पूरा किया है। दिल्ली-मुंबई के बाद चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे देश सबसे बेहतरीन रनवे बनाया गया है। हमने 1 दिन भी एयरपोर्ट का लाइट शेड्यूल नहीं बिगड़ने दिया।

एस श्रीनिवासन

रनवे डे एंड नाइट ऑपरेशन के लिए होगा तैयार... रनवे का काम पूरा होने के बाद रनवे डे एंड नाइट ऑपरेशन के लिए तैयार होगा। अंबाला, हलवारा, आदमपुर यहां के फाइटर एयरक्राफ्ट यहां से ऑपरेट होंगे। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट को प्रयास करने होंगे कि यहां वे ज्यादा से ज्यादा फ्लाइट लेकर आएं। अगर रात में दो-तीन फ्लाइट आती हैं तो यह फिजिबल नहीं होगा। ड्रीमलाइनर, बोइंग 787 ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, यूरोप, एयरबस 330, 340 यहां से ऑपरेट हो सकेगी।

एयरपोर्ट टेकओवर करने के लिए मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा...

एस श्रीनिवासन ने बताया कि पुराने एयरपोर्ट का सही इस्तेमाल करने के लिए रक्षा मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है। रक्षा मंत्रालय सिविल एविएशन मंत्रालय से इस बारे में बात कर रहा है। बहुत संभव है कि इसे रक्षा मंत्रालय इसे टेकओवर कर इसका इस्तेमाल आर्मी मूव्स के लिए करे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ एयरपोर्ट बॉर्डर के नजदीक होने की वजह से पुराने एयरपोर्ट का इस्तेमाल आर्मी मूव्स, डिजास्टर मूविंग और वार मूव के लिए किया जा सकता है।

एटीसी के लिए 120 कर्मियों की जरूरत...

एयर कमाडोर एस श्रीनिवासन ने कहा कि लाइट शेड्यूल के घंटों में एक्सपेंड करने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यह एयरपोर्ट प्रबंधन को देखना है कि वह इसे कैसे मैनेज कर पाती है, क्योंकि एयरपोर्ट पर अगर रात को भी लाइट ऑपरेट करना है तो उसके लिए 400 कर्मचारियों का अतिरिक्त स्टाफ चाहिए होगा। उन्होंने कहा कि एयरफोर्स को सुबह-सुबह अपने जहाज लद्दाख भेजने होते हैं, उनके बाद दिन में लाइट के लिए कोई दिक्कत नहीं। उन्होंने बताया कि एटीसी के लिए 120 कर्मचारियों की जरूरत होगी। रनवे और एयरपोर्ट का काम पूरा होते ही मेन पावर की रिक्रूटमेंट भी हो जाएगी।

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