Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» प्रशासक ने बस क्यू शेल्टर की दो प्रपोजल में से एक को भी नहीं किया अप्रूव

प्रशासक ने बस क्यू शेल्टर की दो प्रपोजल में से एक को भी नहीं किया अप्रूव

शहर में बस क्यू शेल्टर बनाने का मामला अभी साफ नहीं हुआ है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने बस क्यू शेल्टर के दोनों...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 14, 2018, 03:10 AM IST

शहर में बस क्यू शेल्टर बनाने का मामला अभी साफ नहीं हुआ है। इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने बस क्यू शेल्टर के दोनों सैंपल्स की बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनोर के सामने प्रजेंटेशन दी। इनमें हिमालय मार्ग पर सेक्टर 17 साइड बने 3.4 लाख के कंक्रीट बस क्यू शेल्टर और एमएस फ्रेम व एल्युमीनियम कंपोजिट के डेमो सैंपल की प्रेजेंटेशन दी गई। एमएस फ्रेम का बस क्यू शेल्टर 12 लाख में बनना है। इसमें धूप और बारिश का बचाव नहीं है। पैसे ज्यादा खर्च होने हैं। इसकी डिटेल प्रेजेंटेशन के बाद भी प्रशासक ने अभी इसे अप्रूव नहीं किया। इससे शहर में बस क्यू शेल्टर बनाने का मामला डिले हो गया है।

इससे पहले बस क्यू शेल्टर को लेकर फाइनेंस एंड इंजीनियरिंग सेक्रेटरी एके सिन्हा की अध्यक्षता में पिछले बुधवार को मीटिंग हुई थी। इसमें हिमालय मार्ग पर सेक्टर 17 बस स्टैंड के निकट 3.4 लाख से बनाए गए बस क्यू शेल्टर के सैंपल को ओके कर दिया गया था। इसका बेस मजबूत होने और कॉस्ट कम आने की वजह से भी यह फैसला लिया गया। कंक्रीट बस क्यू शेल्टर के सैंपल की कम काॅस्ट होने पर इसे इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट भी अपने स्तर पर बना सकता है, क्योंकि 200 बस क्यू शेल्टर की कॉस्ट करीब 7 करोड़ आनी है। ऐसे में इन्हें पीपीपी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इन्हें एडवर्टाइजमेंट लगाने वाली कंपनियों से बनवाने की जरूरत नहीं है। प्रेजेंटेशन के दौरान सेक्रेटरी इंजीनियरिंग एके सिन्हा, चीफ इंजीनियर कम स्पेशल सेक्रेटरी इंजीनियर मुकेश आनंद, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर यशपाल गुप्ता व कई ऑफिसर मौजूद थे।

दोनों की खूबियां और कमियां बताईं: दिल्ली की तर्ज पर एमएस फ्रेम के बस क्यू शेल्टर बनाने की प्रेजेेंटेशन के दौरान इन्हें स्टेनलेस स्टील का दिखाया गया। इस तरह का एक बस क्यू शेल्टर बनाने पर 12 लाख खर्च आएगा। इन्हें प्रशासन के बजाय पीपीपी मोड पर बनवाया जा सकता है। एडवर्टाइजमेंट लगाने वाली कंपनियां इन्हें बनाने के लिए आगे आएंगी। इस पर इंजीनियरिंग अफसरों ने कहा कि पेड़ का टहना गिरने से एमसी फ्रेम वाले बस क्यू शेल्टर सेफ नहीं हैं। वहीं इंजीनियर डिपार्टमेंट की ओर से बनाए गए सैंपल बस क्यू शेल्टर की प्रशंसा की गई। कहा कि यह पूरी तरह कंक्रीट का बनाया गया है फिर भी इसपर 3.4 लाख खर्च आया है। इसमें बैठकर बस का इंतजार करने वालों का धूप और बारिश से बचाव है। ऐसे बस क्यू शेल्टर पर पेड़ गिरने से भी खतरा नहीं होगा, क्योंकि कंक्रीट से बनने वाला बस क्यू शेल्टर जल्दी से ढहता नहीं है, इसलिए इनमें बैठे लोग आंधी या बारिश में सेफ हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×