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सुखना होगी वेटलैंड डिक्लेयर, 16 जुलाई को अथॉरिटी की पहली मीटिंग, एजेंडा सिर्फ लेक

सुखना लेक को बचाने के लिए इस 16 जुलाई को प्रशासन इसको नोटिफाइड वेटलैंड को लेकर फैसला लेगा। वेटलैंड अथॉरिटी की पहली...

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 03:20 AM IST
सुखना होगी वेटलैंड डिक्लेयर, 16 जुलाई को अथॉरिटी की पहली मीटिंग, एजेंडा सिर्फ लेक
सुखना लेक को बचाने के लिए इस 16 जुलाई को प्रशासन इसको नोटिफाइड वेटलैंड को लेकर फैसला लेगा। वेटलैंड अथॉरिटी की पहली मीटिंग 16 जुलाई को होगी जिसमें एक ही एजेंडा सुखना लेक को लेकर रखा गया है। इस मीटिंग की प्रमुखता अथॉरिटी के चेयरमैन प्रशासक वीपी सिंह बदनोर करेंगे। जिसके अलावा एडवाइजर समेत बाकी सभी ऑफिसर्स मीटिंग में शामिल होंगे। मिनिस्ट्री ऑफ फॉरेस्ट एंड एन्वायर्नमेंट की तरफ से नवंबर, 2017 में नोटिफिकेशन इसको लेकर की थी जिसमें एक अथॉरिटी बनाकर अपने लेवल पर ही सुखना लेक को वेटलैंड डिक्लेयर करने को लेकर निर्देश दिए गए थे। इसके बाद यूटी चंडीगढ़ प्रशासन ने 3 दिसंबर 2017 को ही इस अथॉरिटी का गठन कर नोटिफिकेशन जारी कर दी थी। सुखना लेक को वेटलैंड डिक्लेयर करने को लेकर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन भी हो चुकी है जिस पर अब इस अथॉरिटी की फाइनल मुहर लग जाएगी।

इसलिए लगा इतना टाईम: सुखना लेक को लेकर सिटको और इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से कमेंट्स मांगे गए थे, जिसमें सिटको ने तो जल्दी कमेंट्स दे दिए थे लेकिन इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने नहीं दिए थे। इसके चलते अथॉरिटी की पहली मीटिंग होने में करीब सात महीने का टाईम लग गया।

ये हैं कमेटी में: चंडीगढ़ वेटलैंड अथॉरिटी के चेयरमैन प्रशासक वीपी सिंह बदनोर को बनाया गया है। एन्वायर्नमेंट सेक्रेटरी वाइस चेयरमैन हैं। मेंबर सेक्रेटरी फॉरेस्ट, सेक्रेटरी अर्बन डेवलपमेंट, सेक्रेटरी डिपार्टमेंट ऑफ फिशरीज, टूरिज्म डिपार्टमेंट सेक्रेटरी, मेंबर सेक्रेटरी सीपीसीसी, सेक्रेटरी बायोडायवर्सिटी बोर्ड, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, वेटलैंड इकोलॉजी, हाइड्रोलॉजी से एक्सपर्ट व अन्य अफसर इस अथॉरिटी के मेंबर होंगे।

ड्राफ्ट में है ये : सुखना में आ रहे सीवरेज के पानी को रोकने के लिए सख्ती की जाएगी और साथ लगते राज्यों से गंदा पानी इस तरफ आता है उसको रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे। सुखना के आसपास एन्क्रोचमेंट को रोकने के लिए काम किया जाएगा। सिटको टूरिज्म के साथ-साथ सुखना को साफ सुथरा किस तरह से रखना है इसको लेकर भी ध्यान देगी। इसके साथ ही इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट सुखना को प्रॉपर तरीके से मेंटेन रखेगा। लोगों की राय लेने के लिए ग्रिवांस रिड्रेसल सेल बनेगा। इसमें लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी और एक टेक्निकल कमेटी का गठन किया जाएगा। यह लेक की प्रॉब्लम्स को चेक करेगी।

ये पड़ेगा सुखना पर असर...

पूरी सुखना लेक में होने वाली एक्टिविटीज से लेकर बाकी सभी तरह की परमिशन अथॉरिटी से लेनी पड़ेगी। लेक में एन्वायर्नमेंट एक्ट पूरी तरह से लागू होगा। साथ ही कैचमेंट एरिया से लेक की तरफ आने वाले पानी में जहां भी अड़चनें इस समय मौजूद हैं उन सबको हटाना पड़ेगा। इससे नैचुरल वाॅटर रिसोर्स के जरिए ही लेक को भरा जाएगा। लेक को आने वाले वाॅटर चैनल में सीवरेज, जो अभी सकेतड़ी में डाला जा रहा है, को तुरंत बंद करना होगा। इसके साथ ही साल में तीन मीटिंग्स सिर्फ सुखना को बचाने को लेकर करनी ही पड़ेंगी।


1. डिमार्केशन ऑफ वेटलैंड बाउंड्री।

2. एक्टिविटीज की लिस्ट जिनको वेटलैंड के अंदर रेगुलेट किया जा सके

3. वेटलैंड ईको सिस्टम के कैचमैंट एरिया में पानी के फ्लो से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।

4. लेक के आसपास किसी प्रकार की कटाई नहीं की जाएगी।

5. इंडस्ट्रीज और शहर के अन्य हिस्सों से आने वाले वेस्ट को यहां नहीं डाला जा सकता।

6. लेक के नेचर और कैरेक्टर को नुकसान पहुंचाने वाली मोटराइज्ड बोट को नहीं चलाया जा सकता।

7. केवल सिल्ट ही एकमात्र कारण है जिसकी वजह से लेक में खुदाई की जा सकती है।

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