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पीयू के लिए 577 करोड़ रुपए के बजट एस्टीमेट को पास करेगा बोर्ड ऑफ फाइनेंस

पीयू के बजट में इस बार करीब 9 परसेंट की बढ़ौतरी की गई है। 2019-20 का यह बजट एस्टीमेट 16 जुलाई को होने जा रही बोर्ड ऑफ...

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 03:20 AM IST
पीयू के बजट में इस बार करीब 9 परसेंट की बढ़ौतरी की गई है। 2019-20 का यह बजट एस्टीमेट 16 जुलाई को होने जा रही बोर्ड ऑफ फाइनेंस की मीटिंग में रखा जाएगा। इस बार पीयू ने 57693 लाख रुपए का बजट प्रस्ताव तैयार किया है। पिछले साल 54808 लाख का बजट पास हुआ था। पंजाब और केंद्र सरकार दोनों ने ही पीयू के बजट में 6 से 7 परसेंट तक बढ़ोतरी का वादा किया है। पीयू ने स्टूडेंट की स्कॉलरशिप में 10 परसेंट की बढ़ोतरी की है हालांकि यह रकम सिर्फ एक लाख रुपए है। पिछले साल जहां स्टूडेंट को 18 लाख रुपए स्कॉलरशिप के रखे गए थे, वहीं इस बार 19 लाख का बजट रखा गया है। स्टूडेंट स्कॉलरशिप फंड के लिए कंट्रीब्यूशन फंड करीब 20 लाख रुपए मिलने की संभावना है।

साल इंटरनल इनकम (करोड़ रुपए में)

2017-18 517 282

2018-19 548 293

2019-20 577 363 (संभावित)

यह मुद्दे भी रखे जाएंगे बीओएफ में



पीयू स्टूडेंट्स को शूटिंग में मिलेगी छूट

पीयू कैंपस में फिल्म की शूटिंग के लिए यूनिवर्सिटी ₹25000 प्रति दिन लेती है, लेकिन करंटली कैंपस में पढ़ने वाले स्टूडेंट को इसके लिए प्रतिदिन ₹10000 रुपए अदा करने होंगे। बीओएफ इसको भी मंजूरी दे सकती है।

सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च को दिए जाएंगे 20 लाख रुपए

डीएसटी सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च को 20 लाख रुपए की सीड मनी देने के लिए भी सहमति बन सकती है। यह सेंटर नॉर्थ वेस्टर्न हब ऑफ यूनिवर्सिटी नेशनल रिसर्च लैब लिंकेज प्रोग्राम के लिए नोडल सेंटर के तौर पर काम करने वाला है। यह हब चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज कलस्टर (क्रिक) की तर्ज पर बनने वाला है। सेंटर के कोऑर्डिनेटर प्रो. रुपिंदर तिवारी ने वाइस चांसलर को लेटर लिखकर कहा है कि क्योंकि सेंटर इंडस्ट्री अकेडमी कलस्टर की मीटिंग आयोजित कराने के साथ ही अन्य कई जिम्मेदारियां भी निभाने वाला है तो इसके लिए फंड की जरूरत होगी। इसलिए उनको कुछ रकम मुहैया कराई जाए। वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने हर साल 20 लाख रुपए की ग्रांट आगामी 5 साल के लिए देने की सिफारिश की है।

लाइब्रेरी का बजट भी बढ़ेगा...

पंजाब यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी के बजट में भी कुछ बढ़ोतरी की गई है। इस बार को कुछ जनरल जो एमएचआरडी के जरिए यूनिवर्सिटी को मिलते थे। वह फ्री नहीं मिल सकेंगे। इसलिए यूनिवर्सिटी को उन जनरल को लेने के लिए करीब ढाई करोड रुपए अदा करने होंगे जो इस बजट में रख दिए गए हैं।