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सरकार ने कहा, समान काम-समान वेतन पर बनेगी कमेटी, कर्मी नेता बोले- तुरंत पूरी हो मांगें

आठ दिनों से चल रही नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री के साथ हुई कर्मचारी नेताओं की बैठक में...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 04:05 AM IST
आठ दिनों से चल रही नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री के साथ हुई कर्मचारी नेताओं की बैठक में मांगों पर सहमति नहीं बन पाई।

सरकार ने कहा कि समान काम समान वेतन पर कमेटी बनाई जाएगी और पीएफ व ईएसआई जमा न होने की विजिलेंस जांच कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं से हड़ताल वापस लेने को कहा, लेकिन कर्मचारी नेता सभी मांगें तुरंत पूरी करने पर अड़े रहे। कर्मचारी केवल सफाई भत्ता 625 से बढ़ाकर 1000 रुपए करने पर ही संतुष्ट रहे। इधर, शहरों से कचरा नहीं उठने पर हालात और बदत्तर होते जा रहे हैं। इधर, सीएम खट्‌टर ने कहा कि कर्मचारी नेताओं से बातचीत हुई है। अभी बातचीत चल रही है। वे जल्द हड़ताल खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा है कि वे कमेटी में मीटिंग में हुई बातचीत रखेंगे।

आठ दिनों में कर दिया जाएगा मामलों का निपटान : सीएम

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दावा किया कि कर्मचारी यूनियनों के साथ सफाई कर्मचारियों की कुछ मांगों पर आम सहमति बनी है और उम्मीद है कि यूनियनें अपनी हड़ताल समाप्त कर देंगी। उन्होंने कहा कि हमने यूनियनों को आश्वस्त किया कि आगामी 8 दिनों के भीतर उनके सभी उचित मामलों का निपटान कर दिया जाएगा। कुछ मांगों पर सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच एक समझौता पहले ही हो चुका है। उन्होंने अपने फैसले के बारे में राज्य सरकार को सूचित करने के लिए शाम तक का समय मांगा है।

मांग : ठेका प्रथा खत्म की जाए। सरकार ने कहा- सीवर और सफाई के काम में खत्म हो जाएगा ठेकेदारों का समय

चंडीगढ़ में हरियाणा निवास पर नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर कर्मचारी नेताओं से बात करते सीएम।

जानिए...किस मांग पर क्या रहा सरकार और संघ का रुख

1. मांग: ठेका प्रथा खत्म की जाए।

सरकार: सीवर और सफाई के काम से ठेका खत्म हो जाएगा। बाकी पदों का ठेका समय पूरा होने पर खत्म होगा।

संघ: सभी पदों के लिए ठेका प्रथा समाप्त की जाए।

2. मांग : फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को न हटाया जाए।

सरकार: अनग्निशमन विभाग मंे 1646 फायर आॅपरेटरों के पदों की भर्ती को रद्द करने व सेवा नियमों में संशोधन करके पुरानी योग्यता के अनुसार भर्ती प्रक्रियां शुरू कर दी जाएगी। नई भर्ती में पहले से कार्यरत फायरमैन व ड्राइवरों को अनुभव के 5 अंक देंगे। इन्हें योग्यता पूरी करने के लिए एक साल का वक्त दिया जाएगा।

संघ: जो कर्मचारी पहले से लगे हैं, उन्हें सरकार समायोजित करे। ठेकेदार को बीच से हटाया जाए।

3. मांग: समान काम समान वेतन।

सरकार: ऐसा नहीं किया जा सकता। लागू किया तो सभी महकमों में करना पड़ेगा।

संघ: भाजपा ने चुनावी घोषण पत्र में 15 हजार रुपए देने का वादा किया था। सातवें वित्त आयोग के हिसाब से 18 हजार रुपए मिलने चाहिए।

4. मांग: कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए।

सरकार: पॉलिसी का मेटर अभी कोर्ट में है। नई पॉलिसी नहीं बना सकते।

संघ: सरकार नई पॉलिसी बनाकर करे पक्का।

5. मांग: जोखिम भत्ता।

सरकार: जो कमेटी बनाई थी, उसने रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट का अध्ययन किया जाएगा।

संघ: सरकार जल्द अध्ययन कर लागू करे रिपोर्ट।

6. मांग: एक्स -ग्रेसियां नीति लागू हो

सरकार: कर्मचारियों को दस लाख रुपए तक देते हैं। ऐसे में इसे लागू नहीं किया जा सकता।

संघ: कर्मचारी की मौत पर आश्रितों को मिले नौकरी।

दूसरी यूनियन हुई बाहर | सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधि सुबह सीएम आवास पहुंचे तो वहां कमरे में पहले से ही दूसरी यूनियन के प्रतिनिधि बैठे थे। यह देख संघ के नेता बिफर गए और मीटिंग का बायकॉट करने की चेतावनी दी। इसके बाद दूसरे यूनियन के प्रतिनिधियों को बाहर किया गया।