Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर

प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर

साहिल सूद सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़ जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड के रिजल्ट रविवार सुबह घोषित हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 04:10 AM IST

  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें

    साहिल सूद

    सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

    जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड के रिजल्ट रविवार सुबह घोषित हो गए। रिजल्ट्स में टॉप-100 में ट्राईसिटी के चार स्टूडेंट हैं। रिजल्ट में चंडीगढ़ सेक्टर-15 के रहने वाले प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है। प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल किए। पीरमुछल्ला जीरकपुर के रेजिडेंट नील आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया 10वां रैंक हासिल किया और 310 स्कोर लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड पोजिशन पर रहे। सेक्टर-46 के रेजिडेंट साहिल सूद ने ऑल इंडिया 36 रैंक लिया और 294 स्कोर लेकर ट्राईसिटी में थर्ड पोजिशन ली। सेक्टर-40 के रेजिडेंट अनीश गर्ग ने ऑल इंडिया रैंक 52 लिया और 285 स्कोर के साथ ट्राईसिटी में फोर्थ पोजिशन पर रहे। यह तीनों स्टूडेंट्स आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।

    हॉस्पिटल में एडमिट था फिर भी कर रहा था तैयारी: आर्यन

    मानव मंगल स्कूल से 10वीं और गुरु गोबिंद सिंह स्कूल सेक्टर-35 से 12वीं कर चुके नील आर्यन ने बताया कि उन्हें बीमारी (फिस्टुला) हो गई थी। मार्च 15 को प्रॉब्लम शुरू हुई। डॉक्टर्स ने कहा कि ऑपरेशन होगा, लेकिन मैंने इसलिए नहीं करवाया क्योंकि जेईई मेन्स का एग्जाम देना था। एग्जाम खत्म हुआ तो जेईई एडवांस्ड के एग्जाम के बीच कुछ दिनों का टाइम था। इस पर मैंने ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के बाद 15 दिनों का बेड रेस्ट था और मैं बैठ तक नहीं सकता था, इसलिए लेट कर ही पढ़ाई की। एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट से मुझे पढ़ाई का मेटीरियल आ जाता था और मैं हॉस्पिटल में लेटकर पढ़ता था।

    रैंक-1

    रैंक-10

    नील आर्यन

    रैंक-52

    अनीश गर्ग

    एक दिन पहले ही पता था टॉपर का

    जेईई एडवांस्ड के रिजल्ट रविवार सुबह घोषित किया गया। लेकिन एक दिन पहले ही पता लग गया था कि टॉपर कौन है। भास्कर ने इस खबर को 10 जून के अंक में प्रमुखता से छापा था।

    इन 3 टीचर्स ने लगातार दो साल दिलवाया एआईआर 1 रैंक

    गौरव भाटिया, चंडीगढ़ | 2017 और 2018 इन दोनों रिजल्ट्स में चंडीगढ़ के स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है। यह रैंक लेने के पीछे सिर्फ स्टूडेंट ही नहीं टीचर्स की भी काफी मेहनत रहती है, क्योंकि वह दो साल तक स्टूडेंट को इस तरह से शेप देते हैं कि वह इस एग्जाम को क्रैक कर पाएं। दोनों सालों में ऑल इंडिया 1 रैंक लाने वाले दोनों स्टूडेंट के तीन टीचर्स सेम ही रहे। भास्कर ने चैतन्य इंस्टीट्यूट के उन 3 टीचर्स से बात की और इनकी मेथेडोलॉजी को जाना। खासबात है कि स्टूडेंट्स को आईआईटी तक पहुंचाने वाले यह तीनों टीचर्स खुद भी आईआईटी के पासआउट हैं।

    एनसीईआरटी की बुक्स से शुरू करते हैं...

    स्टूडेंट के हिसाब से हम कंटेंट क्रिएट करते हैं क्योंकि हर स्टूडेंट एक-दूसरे से अलग है। हर स्टूडेंट की जरूरत अलग है। कौन स्टूडेंट देश का टॉपर बन सकता है और किसमें कितना कैलिबर है यह जानने में हमें एक साल लग जाता है। अगले साल स्टूडेंट के उस बैच पर अलग से फोकस करते हैं और कंटेंट उसी तरह से उनके लिए तैयार करते हैं। हम ओलंपियाड के लिए स्टूडेंट्स को तैयार करते हैं और जेईई एडवांस की तैयारी ऑटोमेटिकली हो जाती है। एनसीईआरटी की बुक्स से शुरू करते हैं और धीरे-धीरे एडवांसमेंट की ओर जाते हैं और स्टूडेंट्स इंटरनेशनल पेपर्स सॉल्व करते हैं।

    -अनिमेश वर्मा, केमिस्ट्री टीचर, आईआईटी बॉम्बे से 2009 में पासआउट

    जब तक डाउट क्लियर नहीं होते मेरी क्लास खत्म नहीं होती

    आम तौर पर टीचर्स प्रॉब्लम देते हैं और स्टूडेंट उसे सॉल्व करने के के लिए स्ट्रगल करता है लेकिन मेरी टीचिंग मेथेडोलॉजी अलग है। मैं पहले सब्जेक्ट इंट्रोड्यूज करवाता हूं फिर उस पर डिस्कशन होती है और आखिर में प्रॉब्लम सॉल्विंग सेशन होता है। सब्जेक्ट में जो स्टूडेंट को डाउट है उसके जवाब क्लास में ही दिए जाते हैं। चाहे क्लास का टाइम खत्म हो जाए लेकिन जब तक स्टूडेंट के सभी डाउट खत्म नहीं होते मेरी क्लास खत्म नहीं होती। क्लास के बाहर 5 से ज्यादा सवाल सॉल्व करने के लिए नहीं देता हूं, ताकि स्टूडेंट को किसी तरह का स्ट्रेस न हो। -केजे अमरनाथ, फिजिक्स टीचर, आईआईटी मद्रास से 2009 में पासआउट

    लगातार दूसरे साल ऑल इंडिया रैंक 1

    यह लगातार दूसरा साल है जब चंडीगढ़ के स्टूडेंट ने ऑल इंडिया रैंक 1 लिया है। 2017 के रिजल्ट्स में चंडीगढ़ के सर्वेश मेहतानी ने ऑल इंडिया रैंक 1 लिया था और अब 2018 में प्रणव गोयल ने यह रैंक लिया है। इससे पहले वर्ष 2006 में चंडीगढ़ के रघु महाजन ने आॅल इंडिया रैंक 1 लिया था। इस साल के टॉपर प्रणव गोयल ने दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-40 से 10वीं और भवन विद्यालय पंचकूला से 12वीं की है। जेईई एडवांस देने से पहले जेईई मेन्स का रिजल्ट आया था उसमें उन्होंने 360 में से 350 स्कोर लिए थे। यह 150 स्कोर लेने वाले देश के 6 स्टूडेंट थे इसलिए टाई होने की वजह से सब्जेक्ट में नंबर के अाधार पर रैंक दिए गए और प्रणव को चौथा रैंक मिला था।

    स्टूडेंट के थिंकिंग प्रोसेस को समझता हूं

    जेईई एडवांस्ड मतलब प्रेशर को हैंडल करना। इस एग्जाम को क्रैक करना आसान नहीं है, क्योंकि इतना प्रेशर हो जाता है कि स्टूडेंट अपनी काबलियत के मुताबिक परफॉर्म नहीं कर पाते। इसलिए मैं अपनी क्लास में सबसे पहला उन्हें प्रेशर हैंडल करना सिखाता हूं। मैंने कुछ पढ़ाया और बच्चा उस पर क्या सोच रहा है मुझे उस थिंकिंग प्रोसेस को समझना होता है। तभी सक स्टूडेंट को ओलंपियाड के लिए तैयार किया जाता है। ओलंपियाड क्रैक करने के लिए सब्जेक्ट में महारत चाहिए। स्टूडेंट के कंसेप्ट को क्लियर करता हूं और उनकी गलतियों को समझाता हूं, ताकि वह इससे सीख सकें। अगर ओलंपियाड के लिए तैयार हो गई तो समझो आईआईटी में एडमिशन का रास्ता साफ हो गया। -मृणाल सिंह, मैथ्स टीचर, आईआईटी बॉम्बे से 2010 में पासआउट

  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
  • प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
    +7और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Chandigarh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: प्रणव गोयल ही रहे ऑल इंडिया टॉपर, नील आर्यन 10वें स्थान पर
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×