Home | Union Territory | Chandigarh | News | पानी न मिलने से सूख रहे गार्डन में लगे पौधे, निगम नहीं दे रहा ध्यान

पानी न मिलने से सूख रहे गार्डन में लगे पौधे, निगम नहीं दे रहा ध्यान

मनीमाजरा में पर्यावरण से किस कदर नगर निगम व पुलिस खिलवाड़ कर रही है, इसके कई उदाहरण मिल जाएंगे। यहां करोड़ों रुपए की...

Bhaskar News Network| Last Modified - Jun 11, 2018, 04:10 AM IST

पानी न मिलने से सूख रहे गार्डन में लगे पौधे, निगम नहीं दे रहा ध्यान
पानी न मिलने से सूख रहे गार्डन में लगे पौधे, निगम नहीं दे रहा ध्यान
मनीमाजरा में पर्यावरण से किस कदर नगर निगम व पुलिस खिलवाड़ कर रही है, इसके कई उदाहरण मिल जाएंगे। यहां करोड़ों रुपए की लागत से नगर निगम ने शिवालिक गार्डन बनाया। शिवालिक गार्डन के पेड़-पौधे सूखने लगे हैं। वजह ये है कि इन पेड़-पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है। इसको लेकर नगर निगम हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारियों ने पब्लिक हेल्थ विंग के अधिकारियों को सचेत किया है कि यदि पानी का प्रबंध जल्द नहीं किया गया तो शिवालिक गार्डन की ग्रीनरी खतरे में पड़ सकती है। हॉर्टिकल्चर विंग के अधिकारियों का कहना है कि पब्लिक हेल्थ विंग ने यहां जो ट्यूबवेल लगा रखा है वह अधिकतर समय खराब रहता है और इन दिनों लो प्रेशर से पानी आ रहा है। इसी के चलते पेड़-पौधों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है।

पार्षद फंड से लगे फूल-पौधे भी लगे सूखने: मॉडर्न कॉम्प्लेक्स एरिया के अलावा अन्य भागों में पार्षद जगतार सिंह ने अपने फंड से पौधे लगवाए थे जो पानी न मिलने से सूखने लगे हैं। निगम की लापरवाही से पौधे नष्ट होते जा रहे हैं।

कलाग्राम में काटे पेड़ों की पुलिस दर्ज नहीं कर रही एफआईआर

कलाग्राम में मेले में झूले लगाने के चलते काफी संख्या में पेड़ काट दिए गए थे। इसको लेकर हॉर्टिकल्चर विंग ने शिकायत भी दर्ज कराई थी। चंडीगढ़ के होम सेक्रेटरी ने इस मामले में मौलीजागरां पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई। एसएचओ मौलीजागरां का कहना है कि लीगल राय के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। जिस अधिकारी के पास इस मामले की जांच थी, वह रिटायर हो गए हैं। अब नए अधिकारी को जांच सौंपी जाएगी।

पार्षद का जवाब... शिवालिक गार्डन में सूख रहे पौधों को लेकर पार्षद ने कहा कि गार्डन में ट्यूबवेल का प्रबंध किया जा रहा है। उनका कहना है कि ट्यूबवेल शुरू करने से पहले जो पानी पीने योग्य नहीं होता, उसे पौधों की सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा।

prev
next
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now