विज्ञापन

महावीर जयंती पर अहिंसा अंक इसलिए

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:26 AM IST

Chandigarh News - करीब 2618 वर्ष पहले जन्मे भगवान महावीर ने दुनिया को सत्य और अहिंसा की ताकत बताई थी। उन्होंने इन्हें जीवनशैली बनाया...

Chandigarh News - non violence marks on mahavir jayanti
  • comment
करीब 2618 वर्ष पहले जन्मे भगवान महावीर ने दुनिया को सत्य और अहिंसा की ताकत बताई थी। उन्होंने इन्हें जीवनशैली बनाया और लाखों-करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि अहिंसा संसार का सबसे बड़ा धर्म है। हिंसा से कभी, किसी का दर्द दूर नहीं किया जा सकता। इसलिए आज भगवान महावीर की जयंती पर दैनिक भास्कर में ऐसी खबरें और तस्वीरें नहीं होंगी, जिनमें हिंसा का जिक्र हो और जो हिंसा दर्शाती हों।



अभिव्यक्ति पेज 6 पर

जैन साध्वी बनने

वाली पहली अमेरिकी महिला की कहानी

टैमी हर्बेस्टर जैन साध्वी बनने वाली पहली अमेरिकी महिला हैं। कैथोलिक परिवार में उनका जन्म हुआ था। 2008 में आचार्य श्री योगीश सेे दीक्षा लेने के बाद वे साध्वी सिद्धाली श्री बन गईं। मानव तस्करी रोकना उनके जीवन के सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक है। तस्करों से छुड़ाए लोगों को फिर समाज में लाने के लिए वे काम कर रही हैं। इसके लिए वे अमेरिकी पुलिस को भी ट्रेनिंग दे रही हैं।

पढ़िए, जैन साध्वी बनने की उनकी कहानी टैमी हर्बेस्टर की ही जुबानी...

बात 2005 की है। मैं अमेरिकी सेना में बतौर नर्स इराक में काम कर रही थी। मेरा काम घायल अमेरिकी सैनिकों का इलाज करना था। मैंने कई सैनिकों को अपने अंग खोते और मरते हुए देखा। एक दिन मेरी बटालियन काफिले के साथ शिविर में लौट रही थी। अचानक सड़क किनारे धमाका हुआ। सब लहूलुहान हो गए। एक सैनिक की जान चली गई। मैं काफिले में नहीं थी। अगर होती तो उसे बचाने की पूरी कोशिश करती। उस सैनिक के अंतिम संस्कार में अपने साथी सैनिकों के साथ खड़े हुए मैं पीड़ा के चरम पर थी। उस दिन एक नए सच से मेरा सामना हुआ था। अहिंसा का महत्व समझ में आया था। मैंने महसूस किया था कि हिंसा बहुत वीभत्स और कठोर है। यह मेरे मन को भी निष्ठुर बना रही है। मुझे लगा कि हिंसा और मौत का इतना आम हो जाना मानवता की सबसे बड़ी बीमारी है। इराक में मैंने बेकसूर बच्चों, महिलाओं, युवकों और वृद्धों की लाशों के बीच जिंदा लाशों को भोजन ढूंढ़ते हुए देखा। इन हालात ने बचपन से मन में उठ रहे कुछ सवालों की बेचैनी को और बढ़ा दिया था। मसलन, मैं कौन हूं? भगवान कौन है? सत्य क्या है? मेरी मां की मौत इतनी जल्दी क्यों हो गई? मेरे पिता से मेरी बनती क्यों नहीं? इन सवालों के उत्तर पाने के लिए मैं बचपन में चर्च में सेविका बनी थी। लेकिन सीनियर स्कूल में आते-आते मुझे महसूस होने लगा था कि इस तरह तो जवाब नहीं मिलेंगे। फिर कई आध्यात्मिक लोगों से मिली। एक मित्र ने आचार्य श्री योगीश से मिलवाया। उनसे मिले चार महीने ही हुए थे कि मुझे इराक युद्ध में नर्स के तौर पर जाना पड़ा। इराक में अपनी 16 महीने की ड्यूटी पूरी कर जब मैं अमेरिका लौटी तो कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में बैचलर इन कम्युनिकेशन काेर्स में दाखिला ले लिया। साथ ही विचार, आचरण और वाणी में मैंने अहिंसा का अभ्यास शुरू किया। शाकाहार अपना लिया। 24 की उम्र में मैंने दीक्षा ले ली। आचार्य श्री योगीश से मुझे साध्वी सिद्धाली श्री नाम मिला। अभी हम लोग अहिंसा और मानव तस्करी जैसे विषयों पर डॉक्यूमेंट्री भी बना रहे हैं। आज हम शायद पहले ऐसे जैन भिक्षु हैं, जो मानव तस्करी रोकने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इराक युद्ध में हिंसा देख सैन्य नर्स से जैन साध्वी बनीं अमेरिका की टैमी, अब मानव तस्करी रोकने के लिए काम कर रही हैं

वर्ष 2005 में इराक में ड्यूटी के दौरान टैमी के कंधे पर गन रहती थी। युद्ध प्रभावित एक परिवार के बच्चे से मिलीं तो टॉफी देकर उसे हंसाया था। अब वे साध्वी सिद्धाली श्री बन गई हैं और दिनचर्या में ध्यान अहम हिस्सा बन गया है।

टैमी हर्बेस्टर तब...

...अब

इतनी दुखी हुईं कि इराक से फोन कर आचार्य से पूछा- दीक्षा कैसे लेते हैं | पढ़ें पेज 6 पर

Chandigarh News - non violence marks on mahavir jayanti
  • comment
X
Chandigarh News - non violence marks on mahavir jayanti
Chandigarh News - non violence marks on mahavir jayanti
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन