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करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलेगा पाक, वीजा नहीं, टिकट लेकर अा सकेंगे श्रद्धालु: पाक सूचना मंत्री फवाद चौधरी

पाक सूचना मंत्री बोले-इमरान सरकार भारत से बातचीत करना चाहती है, हम अमन के एजेंडे पर काम कर रहे हैं, भारत भी करे...

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 03:28 PM IST

अमृतसर. पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार जल्द ही भारत से करतारपुर गुरुद्वारा साहिब आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए कॉरिडोर खोलने जा रही है। इस्लामाबाद में एक इंटरव्यू के दौरान चौधरी ने कहा, ‘सिखों के लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने के लिए एक प्रणाली विकसित की जा रही है। जल्द ही इस दिशा में कुछ आगे बढ़ने की उम्मीद है। सिख तीर्थयात्री बिना वीजा करतारपुर आ सकेंगे। वे टिकट खरीदकर आएंगे और माथा टेककर वापस जाएंगे।’

भारत सरकार भी एक कदम उठाए: फवाद चौधरी ने कहा कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के लिए जल्द ही ये कॉरिडोर तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इमरान सरकार भारत के साथ बातचीत करना चाहती है। सरकार अमन, शांति के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। भारत भी एक कदम उठाए। गौरतलब है कि कॉरिडोर बनाने का पहला संकेत पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस नेता सिद्धू से मुलाकात के दौरान दिए थे।

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर लांघा खोल रहा पाक: चंडीगढ़ | कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को कहा कि वह इमरान खान का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं क्योंकि पाक कॉरिडोर (लांघा) खोलने जा रहा है। सिद्धू ने बताया कि पाक सरकार गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर 22 सितंबर से करतारपुर कॉरिडोर खोलने को तैयार है। गुरु साहिब ने आखिरी समय यहीं बिताया था। सिद्धू ने कहा भारत भी सकारात्मक कदम उठाए। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नकारात्मक राजनीति करने वालों के मुंह पर थप्पड़: सिद्धू ने कहा कि यह उन लोगों के मुंह पर करारा थप्पड़ है, जो इस मुद्दे पर भी नकारात्मक राजनीति कर रहे थे। सिद्धू ने कहा कि वो कैप्टन के भी धन्यवादी हैं, जिन्होंने विदेश मंत्री सुषमा को चिट्ठी लिखी थी। सिद्धू ने कहा कि पाक पीएम इमरान खान नेे दोस्ती निभाते हुए सिखों के जज्बातों का ख्याल किया है। वह भी केंद्र के पास जाकर विनती करने को तैयार हैं कि कोई पहल करें।

इतना आसान नहीं आस्था का सफर: कॉरिडोर बनाना आसान नहीं है। बीएसएफ समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां इसे सियासी स्टंट बता रही हैं। बॉर्डर से पाक स्थित गुरुद्वारे के बीच में पहले सरकंडों का जंगल, फिर रावी दरिया, नाला (देग बेंईं), इसके बाद समतल है। आवाजाही मैनेज करना आसान नहीं होगा। सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा, पाक पर भरोसा नहीं कर सकते। बीएसएफ के रिटायर्ड डीआईजी जगीर सिंह सरां कहते हैं कि सुरक्षा और संवेदनशील होगी। पूरा इलाका दरियाई है और कहां पर फेंसिंग लगेगी, कहां पोस्ट बनेंगी।

भारतीय सीमा में डेरा बाबा नानक स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा सिद्ध सैन रंधावा तक सड़क तैयार है। यहीं पर बीएसएफ ने करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए दूरबीन लगा रखी है। 102 मीटर सड़क भारतीय सीमा में बननी है। ये डेरा बाबा नानक स्थित गुरुद्वारा से जीरो लाइन तक है। 2.58 किमी दूरी भारतीय सीमा से पाक में पड़ते रावी दरिया तक। 629 मीटर है दरिया की चौड़ाई। इस पर अस्थायी पुल बनाना होगा। 823 मीटर दूरी है रावी दरिया से देग बेईं तक। 82 मीटर है देग बेईं की चौड़ाई। इस पर भी अस्थायी पुल बनाना होगा या कोई अन्य व्यवस्था करनी होगी। 337 मीटर है देग बेईं से करतारपुर साहिब की दूरी।


इस जगह ली थी गुरु नानकदेवजी ने अंतिम सांस, रावी के खूबसूरत तट पर पाकिस्तान में स्थित है गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब