पीयू वीसी ऑफिस: चीन और पाकिस्तान से लड़ाई के कारण वापस ली थी पंजाब ने ग्रांट

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:30 AM IST
Chandigarh News - pu vc office punjab which had withdrawn due to the war with china and pakistan grant

ननु जोगिंदर सिंह | चंडीगढ़ [email protected]

पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ऑफिस को बनाने के लिए पंजाब सरकार ने यूनिवर्सिटी को पैसा दिया लेकिन पहली बार दी गई ग्रांट को चाइना के साथ तनाव के समय रोक दिया गया और दूसरी बार जब ग्रांट जारी की गई तो पाकिस्तान से जंग छिड़ गई और पंजाब सरकार ने यह रकम वापस ले ली। इस तरह यूनिवर्सिटी का वीसी ऑफिस किसी ना किसी कारण से बना ही नहीं। 1953 से यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में शिफ्ट की गई है। अब तक

यूनिवर्सिटी के वीसी ऑफिस को बनाने का प्रस्ताव हर बार चलता ही रहा है। वीसी प्रो राजकुमार से पहले लगभग 13 वीसी इस पद पर रह चुके हैं। हाल ही में प्राे कुमार ने नया ऑफिस बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बजट कमेटी में हुई डिस्कशन और इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद से एक बार फिर कैंपस में वीसी ऑफिस को लेकर चर्चाएं आम हैं। इस समय वाइस चांसलर ऑफिस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की इमारत में चल रहा है। यह इमारत यूनिवर्सिटी में पूरी होने वाली पहली इमारत थी और केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बनाई गई थी। केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की लैब्स के साथ एक रास्ता वीसी ऑफिस के लिए जाता है जो लंबे समय से बंद है।

पीयू की प्लानिंग पर तत्कालीन वाइस चांसलर लाला सूरजभान ने आर्किटेक्ट पीएरे जेनेरे और बीपी माथुर का जिक्र किया है। इस प्लान के पेज नंबर 95 में लिखा गया है कि एक सीनेट हॉल बनेगा। इसी में वाइस चांसलर, डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन का ऑफिस होगा और सीनेटव सिंडिकेट के लिए कमरे अाैर कमेटी रूम भी ताकि बोर्ड ऑफ स्टडीज की मीटिंग हो सके। इसमें रैंप और और लिफ्ट की योजना भी रखी गई थी। इसी हॉल में कन्वोकेशन हाल का इंतजाम था। मल्टीस्टोरी हॉल में 5000 मेहमानों के एक साथ बैठने की क्षमता थी। हॉल को बनाने के लिए पंजाब सरकार ने कुछ फंड दिए लेकिन चाइनीस एग्रेशन के समय वापस ले लिए। दोबारा फंड अलॉट किए गए लेकिन पाकिस्तान से जंग के कारण वापस ले लिए गए। उस समय से लेकर अब तक इस हॉल को बनाया नहीं जा सका हॉल में कन्वोकेशन की जरूरत के अनुसार सारी सुविधाएं होनी थी। इसी में वॉशरूम के अलावा बेसमेंट में स्टेज और रेस्टोरेंट का इंतजाम भी था। बड़े ड्रेसिंग व मेकअप रूम बनाए जाने थे। यह प्लान उसके बाद से कागजों में ही सिमट कर रह गया। धीरे-धीरे सरकारों ने यूनिवर्सिटी को फंड देने से हाथ खींच लिए और यह पीयू के मास्टर प्लान में अभी भी सुरक्षित है। इस हॉल को ला ऑडिटोरियम के सामने वाले ग्राउंड में बनाया जाना था। इस समय स्टूडेंट्स के फेस्ट का आयोजन होता है और कुछ एरिया में अब पार्किंग बना दी गई है।

ननु जोगिंदर सिंह | चंडीगढ़ [email protected]

पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ऑफिस को बनाने के लिए पंजाब सरकार ने यूनिवर्सिटी को पैसा दिया लेकिन पहली बार दी गई ग्रांट को चाइना के साथ तनाव के समय रोक दिया गया और दूसरी बार जब ग्रांट जारी की गई तो पाकिस्तान से जंग छिड़ गई और पंजाब सरकार ने यह रकम वापस ले ली। इस तरह यूनिवर्सिटी का वीसी ऑफिस किसी ना किसी कारण से बना ही नहीं। 1953 से यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में शिफ्ट की गई है। अब तक

यूनिवर्सिटी के वीसी ऑफिस को बनाने का प्रस्ताव हर बार चलता ही रहा है। वीसी प्रो राजकुमार से पहले लगभग 13 वीसी इस पद पर रह चुके हैं। हाल ही में प्राे कुमार ने नया ऑफिस बनाने का प्रस्ताव रखा था लेकिन बजट कमेटी में हुई डिस्कशन और इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद से एक बार फिर कैंपस में वीसी ऑफिस को लेकर चर्चाएं आम हैं। इस समय वाइस चांसलर ऑफिस यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की इमारत में चल रहा है। यह इमारत यूनिवर्सिटी में पूरी होने वाली पहली इमारत थी और केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के एडमिनिस्ट्रेशन के लिए बनाई गई थी। केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की लैब्स के साथ एक रास्ता वीसी ऑफिस के लिए जाता है जो लंबे समय से बंद है।

पीयू की प्लानिंग पर तत्कालीन वाइस चांसलर लाला सूरजभान ने आर्किटेक्ट पीएरे जेनेरे और बीपी माथुर का जिक्र किया है। इस प्लान के पेज नंबर 95 में लिखा गया है कि एक सीनेट हॉल बनेगा। इसी में वाइस चांसलर, डीन ऑफ यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन का ऑफिस होगा और सीनेटव सिंडिकेट के लिए कमरे अाैर कमेटी रूम भी ताकि बोर्ड ऑफ स्टडीज की मीटिंग हो सके। इसमें रैंप और और लिफ्ट की योजना भी रखी गई थी। इसी हॉल में कन्वोकेशन हाल का इंतजाम था। मल्टीस्टोरी हॉल में 5000 मेहमानों के एक साथ बैठने की क्षमता थी। हॉल को बनाने के लिए पंजाब सरकार ने कुछ फंड दिए लेकिन चाइनीस एग्रेशन के समय वापस ले लिए। दोबारा फंड अलॉट किए गए लेकिन पाकिस्तान से जंग के कारण वापस ले लिए गए। उस समय से लेकर अब तक इस हॉल को बनाया नहीं जा सका हॉल में कन्वोकेशन की जरूरत के अनुसार सारी सुविधाएं होनी थी। इसी में वॉशरूम के अलावा बेसमेंट में स्टेज और रेस्टोरेंट का इंतजाम भी था। बड़े ड्रेसिंग व मेकअप रूम बनाए जाने थे। यह प्लान उसके बाद से कागजों में ही सिमट कर रह गया। धीरे-धीरे सरकारों ने यूनिवर्सिटी को फंड देने से हाथ खींच लिए और यह पीयू के मास्टर प्लान में अभी भी सुरक्षित है। इस हॉल को ला ऑडिटोरियम के सामने वाले ग्राउंड में बनाया जाना था। इस समय स्टूडेंट्स के फेस्ट का आयोजन होता है और कुछ एरिया में अब पार्किंग बना दी गई है।


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