गमाडा के एरिया में आबादी के बीच बिना मंजूरी खोदी जा रही गहरी बेसमेंट्स, प्रशासन बेखबर

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 07:31 AM IST

Mohali Bhaskar News - मोहाली के बिलकुल साथ सटे होने के कारण मोहाली के मुकाबले गमाडा के अंतर्गत आते गांव बलौंगी में रेंटल एकोमोडेशन...

Mohali News - the deep basements dug in the area of the khanda area without approval the administration is oblivious
मोहाली के बिलकुल साथ सटे होने के कारण मोहाली के मुकाबले गमाडा के अंतर्गत आते गांव बलौंगी में रेंटल एकोमोडेशन सस्ती होने के कारण लोग बलौंगी की ओर रूख कर रहे हैं। जिसका फायदा उठाते हुए लोग बलौंगी में पैसा इनवेस्ट कर रहे हैं। मोहाली और चंडीगढ़ के लोग बलौंगी में छोटा सा प्लॉट खरीदकर उस पर कंस्ट्रक्शन करके बहुमंजिला इमारतें बना रहे हैं और इन इमारतों में छोटे-छोटे कमरे बनाकर उन्हें किराए पर देकर अच्छी खासी रेंटल इनकम पैदा कर रहे हैं। जिस इनकम का न तो सरकार को टैक्स जा रहा है और न ही कोई लेखा-जोखा है। बलौंगी में भवन निर्माण पर वर्ष 2005 के बाद पाबंदी लगी हुई है, लेिकन यहां पर पिछले कुछ साल में लगातार निर्माण जारी है। यहां पर रोड के किनारे भारी संख्या में निर्माण हुए और भारी संख्या में होटल भी खुले हुए हैं जो सब गमाडा के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे हैं। इन दिनों में भी िबना प्लानिंग के बलौंगी में निर्माण किया जा रहा है। कहीं बहुमंजिला बिल्डिंग्स बन रही हैं तो कही बिल्डिंग बनाने से पहले गहरी बेसमेंट खोदी जा रही है। जिसके लिए जिला प्रशासन से किसी भी प्रकार की मंजूरी नहीं ली गई है। बलौंगी में इस समय अच्छी खासी होटल इंडस्ट्री विकासित हो चुकी है।

लगातार हो रही बेसमेंटस की खुदाई, हो सकता है हादसा : अब बलौंगी में इन दिनों कई इमारतें निर्माणाधीन हैं। जिनमें से कुछ इमारतें अभी बननी शुरू हुई जिनके मालिकों द्वारा िबना किसी प्रशासनिक मजंूरी के भरी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़ी और गहरी बेसमेंटस खोद दी गई। जिसके आसपास सुरक्षा के प्रबंध भी नहीं हैं। रात के समय कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन ने अगर अब भी इस ओर ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है जिसका जिम्मेदार प्रशासन ही होगा।

बलौंगी में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन करने पर 2005 के बाद पाबंदी लग चुकी थी

िबना मंजूरी के िमल रहे पानी/िबजली और सीवरेज के कनेक्शन:

गांव बलौंगी मोहाली के साथ सटा सबसे पहला गांव है जो म्यूनिसिपल काॅर्पोशन के अधीन नहीं है। इस गांव में नई कंस्ट्रक्शन पर रोक लगी होने के बावजूद निरंतर निर्माण जारी रही है। जिन निर्माणों के बाद लोगों को िबजली के मीटर भी आसानी से िमल रहे है और पानी व सीवरेज के कनेक्शन भी िमल जाते हैंद्ध यह सब प्रशासनिक िमलीभगत से चल रहा है। इनवेस्टर्स पुरानी इमारतें खरीदकर उन्हें िगराते हैं। उसके बाद इन इमारतों को कमर्शियल यूज के लिए अपने मनमाने ढंग से तैयार करते हैं। जिससे अच्छी खासी इनकम गेन करते हैं। जब भी इस संबंध में प्रशासन को खबर होती है तो महज औपचारिकता के लिए गमाडा की टीम गांव में आकर दौरा करती है और कुछ एक लोगों को नोटिस थमा कर चली जाती है। जिसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होती। यह खेल िपछले कई साल से चल रहा है। बलौंगी में मकान व बिल्डिंग बनाने के लिए किसी भी प्रकार के नक्शे व अन्य प्रकार की मजंूरी की जरूरत नहीं होती। इस कारण लोग मनमर्जी से बिल्डिंगें बना रहे हैं।

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