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पुलिस ऑफिसर नहीं, नागरिक के तौर पर लिखी यह किताब

आरती एम अग्निहोत्री | चंडीगढ़ गुरजाेत सिंह कलेर, पंजाब पुलिस में सीनियर डीएसपी हैं। एक पुलिस ऑफिसर होने के...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:05 AM IST
आरती एम अग्निहोत्री | चंडीगढ़

गुरजाेत सिंह कलेर, पंजाब पुलिस में सीनियर डीएसपी हैं। एक पुलिस ऑफिसर होने के साथ-साथ इनके व्यक्तित्व के दूसरे पहलू भी हैं। ये गाते भी हैं, लिखते भी हैं और यंगस्टर्स को मोटिवेटेड लेक्चर्स भी देते हैं। पिछले साल इनका अंग्रेजी गाना ‘माय हीरो फार्मर’ आया था। हाल ही में इनकी पहली किताब ‘न्यू इंडिया: द रिएलिटी रीलोडेड’ रीडर्स के बीच आई है। खास बात यह है कि कुछ ही दिनों में इनका दूसरा एडिशन भी मार्केट में आ गया है। इस किताब में गुरजोत ने देश की अलग-अलग समस्याओं की चिंताओं, संघर्ष और चुनौतियों की बात की है। करिअर के छोटे से समयकाल में पंजाब पुलिस के इस युवा ऑफिसर ने न सिर्फ अपराधों से निपटने के तौर-तरीके सीखे, बल्कि इनमें छुपे एक ऑथर ने देश के बड़े मुद्दों पर बात करने की सोची और उसके लिए समाधान भी बताए हैं। पर उनकी मानें तो उन्होंने इस किताब को एक पुलिस ऑफिसर के नाते नहीं, बल्कि भारत के युवा नागरिक के तौर पर लिखी है। कहते हैं कि किताब लिखकर वे खुद को जीवंत और संतुष्ट महसूस करते हैं। यूं तो गुरजोत पिछले दस साल से आर्टिकल लिख रहे हैं, पर चार साल पहले उन्होंने इस किताब को लिखने की सोची और फिर इसे साढ़े तीन साल में अंजाम तक पहुंचा दिया। बताते हैं कि इसे लिखने का मकसद यह था कि यह किताब बॉर्डर्स के पार भी उन लोगों को इंस्पायर करेगी, जो भारत की केयर करते हैं और भारत से प्रेम करते हैं। इसको पढ़कर अगर कुछ लोग ही आगे आकर भारत की दशा को बदल दें, तो उनका लिखना कारगर साबित होगा।

उन्होंने बताया कि किताब को लिखने के लिए उन्हें काफी रिसर्च करनी पड़ी, और कई जर्नल्स, मैग्जींस, न्यूजपेपर्स पढ़े। किताब को दिलचस्प बनाने के लिए उन्होंने इसके कवर पेज और यहां तक कि फोंट्स पर भी बारीकी से काम किया। ऑथर पद्मभूषण रस्किन बॉन्ड, शोभा डे और सीनियर जर्नलिस्ट राजदीप सरदेसाई ने इस किताब का प्रिव्यू किया है।

इसके अलावा पुलिस में अपनी सर्विस के लिए इन्हें कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं, जिसमें इसी साल 15 अगस्त को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा नवाजा गया स्टेट अवॉर्ड भी शामिल है।

पंजाब के सीनियर डीएसपी गुरजाेत सिंह कलेर की पहली किताब ‘न्यू इंडिया: द रिएलिटी रीलोडेड’ को लेकर उनसे बात हुई।

सिर्फ लिखने के लिए नहीं लिखूंगा

गुरजोत के पेरेंट्स डॉक्टर्स और बहन एक्टर हैं। इन्हें ट्रेवलिंग, स्टंट परफॉर्म करना, ब्लॉगिंग, गोल्फ खेलने और एडवेंचर स्पोर्ट्स का शौक है। अब आप किस विषय पर लिख रहे हैं? इस सवाल के जवाब में गुरजोत ने कहा कि अभी उन्होंने दूसरी किताब के बारे में कुछ नहीं सोचा। बोले- मैं सिर्फ लिखने के लिए नहीं लिखूंगा। अगर मुझे लगेगा कि अब देश की जनता को किसी और मुद्दे पर अवेयर करने की जरूरत है, तभी लिखूंगा।

किताब में कुल 40 चैप्टर|किताब में कुल 40 चैप्टर हैं। इनमें एजुकेशनल रिफॉर्म्स, क्लाइमेट चेंज, गरीबी, इकोनॉमिक स्लोडाउन, भ्रष्टाचार, हंगर, ड्रग एब्यूज, हेल्थ, वीआईपी कल्चर, डेरा कल्ट, बेगिंग ऐज ऐन ऑर्गनाइज्ड क्राइम, होमो सेक्सुएलिटी आदि जैसे चैप्टर शामिल हैं।