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चंडीगढ़ के प्रणव बने जेईई एडवांस्ड ऑल इंडिया टॉपर, बीमारी के चलते हॉस्पिटल में की थी पढ़ाई

यह लगातार दूसरा साल है जब चंडीगढ़ के स्टूडेंट ने ऑल इंडिया रैंक 1 लिया है।

Dainik Bhaskar

Jun 11, 2018, 09:50 AM IST
प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल

चंडीगढ़. जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस्ड के रिजल्ट रविवार सुबह घोषित हो गए। रिजल्ट्स में टॉप-100 में ट्राईसिटी के चार स्टूडेंट हैं। रिजल्ट में चंडीगढ़ सेक्टर-15 के रहने वाले प्रणव गोयल ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल किया है। प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल किए। पीरमुछल्ला जीरकपुर के रेजिडेंट नील आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया 10वां रैंक हासिल किया और 310 स्कोर लेकर ट्राईसिटी में सेकेंड पोजिशन पर रहे। सेक्टर-46 के रेजिडेंट साहिल सूद ने ऑल इंडिया 36 रैंक लिया और 294 स्कोर लेकर ट्राईसिटी में थर्ड पोजिशन ली। सेक्टर-40 के रेजिडेंट अनीश गर्ग ने ऑल इंडिया रैंक 52 लिया और 285 स्कोर के साथ ट्राईसिटी में फोर्थ पोजिशन पर रहे। यह तीनों स्टूडेंट्स आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करना चाहते हैं।


हॉस्पिटल में एडमिट थे फिर भी कर रहे थे तैयारी: आर्यन
- मानव मंगल स्कूल से 10वीं और गुरु गोबिंद सिंह स्कूल सेक्टर-35 से 12वीं कर चुके नील आर्यन ने बताया कि उन्हें बीमारी (फिस्टुला) हो गई थी। मार्च 15 को प्रॉब्लम शुरू हुई। डॉक्टर्स ने कहा कि ऑपरेशन होगा, लेकिन मैंने इसलिए नहीं करवाया क्योंकि जेईई मेन्स का एग्जाम देना था।

- एग्जाम खत्म हुआ तो जेईई एडवांस्ड के एग्जाम के बीच कुछ दिनों का टाइम था। इस पर मैंने ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के बाद 15 दिनों का बेड रेस्ट था और मैं बैठ तक नहीं सकता था, इसलिए लेट कर ही पढ़ाई की। एलन कोचिंग इंस्टीट्यूट से मुझे पढ़ाई का मेटीरियल आ जाता था और मैं हॉस्पिटल में लेटकर पढ़ता था।

लगातार दूसरे साल ऑल इंडिया रैंक 1
- यह लगातार दूसरा साल है जब चंडीगढ़ के स्टूडेंट ने ऑल इंडिया रैंक 1 लिया है। 2017 के रिजल्ट्स में चंडीगढ़ के सर्वेश मेहतानी ने ऑल इंडिया रैंक 1 लिया था और अब 2018 में प्रणव गोयल ने यह रैंक लिया है। इससे पहले वर्ष 2006 में चंडीगढ़ के रघु महाजन ने आॅल इंडिया रैंक 1 लिया था।

- इस साल के टॉपर प्रणव गोयल ने दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-40 से 10वीं और भवन विद्यालय पंचकूला से 12वीं की है। जेईई एडवांस देने से पहले जेईई मेन्स का रिजल्ट आया था उसमें उन्होंने 360 में से 350 स्कोर लिए थे। यह 150 स्कोर लेने वाले देश के 6 स्टूडेंट थे इसलिए टाई होने की वजह से सब्जेक्ट में नंबर के अाधार पर रैंक दिए गए और प्रणव को चौथा रैंक मिला था।

इन 3 टीचर्स ने लगातार दो साल दिलवाया एआईआर 1 रैंक

- 2017 और वर्ष 2018 इन दोनों रिजल्ट्स में चंडीगढ़ के स्टूडेंट्स ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल किया। इस रैंक लेने के पीछे सिर्फ स्टूडेंट ही नहीं टीचर्स की भी काफी मेहनत रहती है क्योंकि वह दो साल तक स्टूडेंट को इस तरह से शेप देते हैं कि वह इस एग्जाम को क्रैक कर पाए।

- खासबात रही कि दोनों सालों में ऑल इंडिया 1 रैंक लाने वाले स्टूडेंट के वही तीन टीचर्स रहे। हमने चैतन्य इंस्टीट्यूट के इन 3 टीचर्स से बात की और इनकी मेथेडोलॉजी को जाना। खासबात है कि स्टूडेंट्स को आईआईटी तक पहुंचाने वाले यह तीनों टीचर्स खुद भी आईआईटी के पासआउट हैं।

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प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल प्रणव ने 360 में से 337 स्कोर हासिल
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