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एटीएम कार्ड क्लोनिंग: चंडीगढ़ पुलिस को मिली बड़ी सफलता, दो विदेशी युवक किए गिरफ्तार

हर बार अलग वेशभूषा में एटीएम में जाकर जाकर क्लोनिंग मशीन लगते थे ताकि सीसीटीवी फुटेज में कोई उन्हें पहचान न सके

dainikbhaskar.com | Last Modified - Aug 11, 2018, 05:04 PM IST

एटीएम कार्ड क्लोनिंग: चंडीगढ़ पुलिस को मिली बड़ी सफलता, दो विदेशी युवक किए गिरफ्तार

चंडीगढ़।शहर में जगह-जगह एटीएम में कार्ड क्लोनिंग मशीन लगाकर लोगों के बैंक अकाउंट से पैसे निकलवाने के मामले में चंडीगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में पुलिस ने दो विदेशी युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों रोमानिया के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों को दिल्ली के रँगूरी इलाके के होटल ग्लिट्ज वेस्टएन्ड से गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उक्त युवकों ने बताया कि वह घूमने के बहाने भारत आये थे। दो अगस्त को वह चंडीगढ़ आए और एटीएम में क्लोनिंग मशीन लगाकर 5 अगस्त को वापस दिल्ली के वसंत कुंज चले गए। हालांकि, दोनों सात अगस्त को एटीएम में लगाई क्लोनिंग मशीन लेने फिर चंडीगढ़ आए थे लेकिन तब तक एटीएम कार्ड धारकों की शिकायतों कि तहकीकात कर पुलिस ने क्लोनिंग मशीनों को अपने कब्जे में ले लिया था।

क्लोन्ड एटीएम से ऑनलाइन शॉपिंग करते थे

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वह क्लोन्ड एटीएम से ऑनलाइन शॉपिंग करते थे और पैसे निकलवाते थे। वह हर बार अलग वेशभूषा में एटीएम में जाते थे ताकि सीसीटीवी फुटेज में कोई उन्हें पहचान न सके और क्लोनिंग मशीन लगा देते थे। पुलिस ने गिरफ्तार किए विदेशी युवकों को डयूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर 3 दिन की रिमांड हासिल कर ली है।

बता दें कि सैक्टर-17 स्थित केनरा बैंक के मैनेजर योगेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि सैक्टर-35 के ए.टी.एम. में क्लोनिंग मशीन मिलने के बाद जब सैक्टर-17 स्थित ए.टी.एम. चेक किया तो उसके अंदर क्लोनिंग मशीन लगी हुई मिली थी । क्लोनिंग मशीन कीपेड के ऊपर कवर के पीछे लगाई हुई थी। बैंक मैनेजर ने वीडियो बनाई और सूचना पुलिस को दी थी। सैक्टर-17 थाना पुलिस ने क्लोनिंग मशीन जब्त कर डी.डी.आर. दर्ज की थी।

ऐसे करते हैं कार्ड क्लोनिंग

एटीएम के अंदर जहां कार्ड डालते हैं वहां आरोपी क्लोनिंग मशीन लगा देते हैं। जैसे ही कोई शख्स एटीएम में कार्ड डालता है तो उसका पूरा रिकॉर्ड इस मशीन में सेव हो जाता है। अपराधी एटीएम में कैमरा इस तरीके से लगाते हैं कि जब भी कोई शख्स अपना पिन नंबर डालता है तो वे उसे रीड कर लेते हैं। बाद में कार्ड क्लोनिंग मशीन से मिले रिकॉर्ड से कार्ड तैयार कर पैसे निकाल लिए जाते हैं। इसके अलावा हैकर अकाउंट हैक कर या कार्ड की डिटेल से आॅनलाइन शॉपिंग कर लेते हैं। ऐसे कई मामले चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में सामने आ चुके हैं।

बचने के लिए ये करें...

- अपना कार्ड इस्तेमाल करने से पहले मशीन में एटीएम डालने वाली जगह को जांच लें। यदि आपको कोई संदेहजनक चीज लगती है तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस या बैंक को दें।

- कभी भी किसी को अपना पिन नंबर न बताएं। बैंक कभी भी आपको फोन कर एटीएम का पिन नहीं मांगता।

- अपने एटीएम कार्ड को मोबाइल नंबर के साथ रजिस्टर करवाएं, ताकि जब ट्रांजेक्शन हो तो उसका मैसेज आए। इससे आप तुरंत अपना एटीएम ब्लॉक कर सकते हैं।

- जब भी एटीएम में रुपए निकलवाएं तो किसी को भी अंदर नहीं आने दें। अकेले एटीएम को ऑपरेट करें।

- यदि एटीएम में कोई संदिग्ध चीज लगे तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और सम्बंधित बैंक अधिकारीयों को दें।

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