यूआईईटी ने स्टेशनरी कंपनी की समस्या का हल निकालकर जीता कंपीटिशन

Chandigarh News - ननु जोगिंदर सिंह | चंडीगढ़ nj.singh@dbcorp.in एक ऐसा बोर्ड जिस पर बैठ कर पूरी इंडस्ट्री की सभी मशीनों की न सिर्फ परफॉर्मेंस की...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:30 AM IST
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ननु जोगिंदर सिंह | चंडीगढ़ nj.singh@dbcorp.in

एक ऐसा बोर्ड जिस पर बैठ कर पूरी इंडस्ट्री की सभी मशीनों की न सिर्फ परफॉर्मेंस की निगरानी हो सकेगी बल्कि इसकी मदद से कंट्रोल करना भी पॉसिबल होगा। इंडो-जैपनीज स्टेशनरी इंडस्ट्री की समस्या का सॉल्यूशन देकर यूआईईटी की टीम ने एक्सीडेंट रोकने वाली कैटेगरी में पहला स्थान पाया है। लगभग 250 टीमों को स्मार्ट इंडिया हैकाथाॅन के हार्डवेयर एडिशन में 117 समस्याओं का हल निकालना था जिसमें से 17 इंडस्ट्रीज और बाकी मिनिस्ट्रीज की थीं। इसके लिए उनको पांच दिन यानि 120 घंटे का समय दिया गया था। यूआईईटी की टीम हैदराबाद में काम कर रही थी।

ये हैं मेंबर्स: अक्षय कुमार, बिपिन कुमार, चारवी मेंहदीरत्ता, धवल शारदा, सागर कालड़ा, राहुल बफीला, मयूर वशिष्ठ और प्रणव कुमार।

हैकाथान की एक कैटेगरी में विजेता रही यूआईईटी की टीम

टीम को 50 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया: टीम लीडर अक्षय कुमार ने बताया कि उनको इंडो जैपनिज कंपनी एक प्राॅब्लम बताई गई थी कि जब भी काम होता है तो प्रेशर, वाइब्रेशन व टेंपरेचर आदि के कारण बड़े हादसे हो जाते हैं। उनके पास इसका कोई सॉल्यूशन नहीं है। स्टूडेंट्स ने कंपीटिशन के लिए भेजे गए अपने प्रोजेक्ट के अनुसार प्रेशर व्हीसल, फर्नेंसेज, वाइब्रेटिंग मशीन आदि को दर्शाता एक बोर्ड बनाया। इसमें हरेक मशीन और काम के हिसाब से स्पेसिफिक जानकारी डाल दी गई। एक स्पेसिफिक टेंपरेचर, वाइब्रेशन आदि को मापने के लिए सेंसर्स का उपयोग किया गया था। इस सेंट्रलाइज्ड ट्रैकिंग बोर्ड के जरिए पता लग जाता है कि कौन सी मशीन सही टेंपरेचर दे रही है। ये इंडस्ट्री पूरी तरह अलग-अलग सेंसर और कंट्रोलर इस्तेमाल किया था, ट्रैकिंग बोर्ड पर पूरी जानकारी आ रही थी, यहां पर एक जगह पर डिस्प्ले बोर्ड पर आ रहा था, मशीन का प्रेशर या वाइब्रेटिंग को नोट करके वह आटोमैटिक अलर्ट आ जाएगा और वह मशीन उसी बोर्ड से बंद हो जाएगी, टेंपरेचर के मामले भी यही होगा। उन्होंने बताया कि इस क्रेयॉन व स्टेशनरी का सामान बनाती है जिसके लिए ऑटोेमेटिक मशीनों का इस्तेमाल होता है। टीम को 50 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया है।

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