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ये कैसी मुस्तैदी: नगर निगम फायर विंग की सात गाड़ियां खड़ी कंडम

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़ नगर निगम फायर विंग की कारगुजारी का यह आलम है कि इन दिनों फायर विंग में सात गाड़ियां बेकार कंडम खड़ी हैं। ऐसे में अगर भयंकर आग लगती है तो ऐसी इमरजेंसी में फायर विंग के कर्मचारी आग पर काबू पाने में सक्षम नहीं है। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट घोषित किया हुआ है। इसी के चलते नगर निगम का फायर विंग अपने आप को मुस्तैद दिखा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि चंडीगढ़ के अलग-अलग फायर स्टेशन में ऐसी कंडम गाड़ियां खड़ी हैं जो कि इमरजेंसी की स्थिति में काम ही नहीं दे सकती।

दो गाड़ियां 25 साल पुरानी, प्रेशर बनाने में लग जाते हैं 20 मिनट तक: नगर निगम फायरिंग के पास दो बजर गाड़ियां पच्चीस साल पुरानी हैं। इनमें तो प्रेशर बीस मिनट बाद बनता है। ऐसे में आग बुझाने के लिए बीस मिनट तक फायर विंग के कर्मचारियों को इंतजार करना पड़ता है। तब तक काफी नुकसान हो जाता है। वहीं रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी द्वारा 1 गाड़ी को 15 साल तक चलाने की इजाजत दी जाती है। जबकि नगर निगम का फायरिंग विंग इन दोनों गाड़ियों को अभी तक चला रहा है। जबकि इनको खरीदे 25 साल से अधिक का समय हो चुका है। इसके बावजूद फायरिंग इन दोनों गाड़ियों को 25 साल तक चलाए जाने की इजाजत दे रहा है।

मनीमाजरा, सेक्टर 17 और 32 के वॉटर टेंडर ही खराब: नगर निगम फायर विंग के तीन वॉटर टेंडर खराब पड़े हैं। इनमें मनीमाजरा, सेक्टर-17 और सेक्टर 32 फायर स्टेशन पर खड़े वॉटर टेंडर शामिल हैं। बताया गया है कि इनको भी विभाग द्वारा ठीक नहीं कराया जा रहा। इसको लेकर काफी परेशानी होती है। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि चंडीगढ़ प्रशासन की यह किस तरह का हाई अलर्ट है। जबकि फायरिंग की इतनी गाड़ियां खराब पड़ी हैं।

निगम में फायर विंग के अधिकारी एवं चीफ फायर ऑफिसर अनिल गर्ग ने पूछने पर कहा कि इस बारे में जांच की जाएगी।

ऊंची बिल्डिंग में आग बुझाने वाली दो एचपीटीटीएल भी खराब... चंडीगढ़ फायर विंग के पास ऊंची बिल्डिंगों में आग लगने की स्थिति में आग बुझाने के लिए एचपीटीटीएल गाड़ियां हैं। इन दिनों दो गाड़ियां खराब पड़ी हैं। इनमें एक मनीमाजरा फायर स्टेशन में और दूसरी सेक्टर 17 के फायर स्टेशन में खड़ी ह विभागीय सूत्रों का कहना है कि दोनों गाड़ियों की मरम्मत काफी समय से नहीं कराई जा रही। इस कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

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