• Home
  • Union Territory News
  • Delhi News
  • News
  • New Delhi - 1097 सांसदों व विधायकों के खिलाफ अदालतों में आपराधिक मुकदमे लंबित
--Advertisement--

1097 सांसदों व विधायकों के खिलाफ अदालतों में आपराधिक मुकदमे लंबित

देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,097 सांसदों-विधायकों के खिलाफ 12 विशेष अदालतों में आपराधिक मुकदमे लंबित...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:11 AM IST
देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,097 सांसदों-विधायकों के खिलाफ 12 विशेष अदालतों में आपराधिक मुकदमे लंबित हैं। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यह जानकारी दी। कानून एवं न्याय मंत्रालय ने बताया कि नेताओं से जुड़े मुकदमों की सुनवाई के लिए 11 राज्यों में 12 विशेष अदालतें गठित की गई हैं। दिल्ली में दो और आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, उत्तरप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश में एक-एक विशेष अदालत है। सांसदों-विधायकों से जुड़े 1,233 आपराधिक मुकदमे यहां ट्रांसफर किए गए। 136 मुकदमों का निपटारा हो चुका है और 1,097 लंबित हैं। बाकी राज्यों में सांसदों-विधायकों के खिलाफ 65 से कम केस हैं। इन केसों की सामान्य अदालतों में ही फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2017 में आदेश जारी कर नेताओं के मुकदमों के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने 21 अगस्त को केंद्र से पूछा था कि उसके आदेश पर कितनी विशेष अदालतें स्थापित की गईं अौर कितने केस वहां लंबित हैं। इस मामले की सुनवाई बुधवार को होगी।


देवकीनंदन को रोका, पूछताछ के बाद रिहा किया

आगरा| उत्तर प्रदेश के आगरा में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर को पुलिस ने मंगलवार को नजरबंद कर लिया। वे एससी, एसटी एक्ट के विरोध में खंदौली के एक गांव में सभा करने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। बाद में उन्होंने आगरा में एक प्रेसवार्ता की। नाराज कथावाचक ने कहा कि सीएम योगी संत हैं और पीएम मोदी संत से कम नहीं हैं। उनके राज में कथाकारों के बोलने पर पाबंदी लगाई जा रही है। आजाद भारत में प्रेसवार्ता करना गुनाह हो गया है। इस बीच, पुलिस ने उन्हें होटल में ही रोक लिया। हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।