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इन दो लड़कियों ने ज्वाइन की इंडियन एयरफोर्स, उडाएंगी सुखोई या मिग प्लेन

पासआउट हुए 105 फ्लाइट कैडेट्स में दो महिला कैडेट्स शिवांगी और प्रतिभा भी शामिल रहीं।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 04:24 AM IST

नई दिल्ली. 105 फ्लाइट कैडेट्स ने शनिवार को फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर भारतीय वायुसेना जॉइन की। हैदराबाद के दुन्दिगल स्थित इंडियन एयरफोर्स एकेडमी में इन फ्लाइट कैडेट्स और ग्राउंड ड्यूटी ऑफिसर्स की ज्वाइंट ग्रेजुएशन परेड हुई। वायुसेना अधिकारियों का ये 200वां पायलट कोर्स था। परेड के दौरान ही इंडियन नेवी और कोस्टगार्ड के 14 अधिकारियों को भी सम्मान दिया गया। इस मौके पर भारतीय नौसेना चीफ एडमिरल सुनील लांबा और एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ट्रेनिंग कमांड एयर मार्शल एसआरके नायर मौजूद रहे। पासआउट हुए 105 फ्लाइट कैडेट्स में दो महिला कैडेट्स भी शामिल रहीं। फ्लाइंग ऑफिसर प्रतिभा और फ्लाइंग ऑफिसर शिवांगी की जॉइनिंग के साथ ही इस साल वायुसेना से जुड़ने वाली कुल महिला ऑफिसर्स की संख्या 15 हो गई है। जून-2016 में भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भारतीय वायुसेना जॉइन करने वाली पहली महिला पायलट बनी थीं।


- बनारस की रहने वाली फ्लाइंग ऑफिसर शिवांगी के पिता बिजनेसमैन और मां टीचर हैं।

- बास्केट बॉल की अच्छी खिलाड़ी रहीं शिवांगी कहती हैं कि- ‘भारतीय वायुसेना से एक फाइटर पायलट के तौर पर पासआउट होना बहुत गर्व का क्षण है। फाइटर पायलट बनना यूं भी एक बेहद अलग अनुभव है।

- मैं सेना में होने के मायनों से पूरी तरह वाकिफ हूं। हालांकि, अभी तो कोई युद्ध नहीं चल रहे हैं, लेकिन भविष्य में अगर कभी ऐसा कुछ होता है तो भी मैं पूरी तरह से तैयार रहूंगी।’

- वहीं, फ्लाइंग ऑफिसर प्रतिभा राजस्थान के राजगढ़ से हैं। प्रतिभा के पिता भी भारतीय आर्मी में रहे हैं। शिवांगी की तरह प्रतिभा की मां भी टीचर हैं।

- प्रतिभा अपने कॉलेज में भी एनसीसी कैडेट रहीं और दिल्ली में गणतंत्र दिवस कैंप में भी हिस्सा लिया। इंडियन एयरफोर्स की गणतंत्र दिवस परेड से प्रभावित होकर ही प्रतिभा ने इसका हिस्सा बनने का फैसला लिया।

- प्रतिभा कहती हैं कि- ‘सेना में पुरुष और महिला के लिए बराबर पैमाने हैं। लेकिन वूमेन कैडेट्स ने बार-बार साबित किया है कि वो अच्छा कर सकती हैं।’

- शिवांगी की तरह प्रतिभा भी सेना में रहते हुए युद्ध सहित हर हालात का सामना करने के लिए तैयार हैं। इससे पहले भी गैर लड़ाकू भूमिकाओं में महिलाओं की भर्ती के आधार पर वायुसेना सबसे आगे रहा है। वायुसेना में 13% महिलाएं हैं, जबकि आर्मी में 3.64% और नौसेना में 4.49% महिलाएं हैं।