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राहुल की कांग्रेस में युवाओं को अहमियत तो मिलेगी पर बुजुर्ग भी बाहर नहीं होंगे

राहुल गांधी ने शनिवार को अध्यक्ष के तौर पर पहले भाषण में साफ कर दिया कि उनकी कांग्रेस कैसी होगी।

Dainik Bhaskar

Dec 17, 2017, 06:31 AM IST
राहुल गांधी ने शनिवार को कांग् राहुल गांधी ने शनिवार को कांग्

नई दिल्ली. राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेसिडेंट के तौर पर पहले भाषण में साफ कर दिया कि उनकी कांग्रेस कैसी होगी। उन्होंने कहा कि ग्रेंड ओल्ड पार्टी को ग्रेंड ओल्ड एंड यंग पार्टी बनाएंगे। यानी युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों को भी बराबर अहमियत मिलेगी। वैसा क्रांतिकारी बदलाव तो हरगिज नहीं दिखेगा, जैसा नरेंद्र मोदी बीजेपी में लाए। राहुल के कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले युवाओं की पूछ तो बढ़ेगी, लेकिन बुजुर्ग भी बाहर नहीं होंगे। पद ग्रहण के दौरान राहुल के साथ मंच पर सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह, जनार्दन द्विवेदी, मोतीलाल वोरा और मधुसूदन मिस्त्री जैसे बुजुर्ग मौजूद थे।

सिंधिया-पायलट को मिल सकती है अहम पोस्ट

- टीम राहुल में ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट, रणदीप सिंह सुरजेवाला जैसे युवा नेताओं को अहम पोस्ट मिलना तय है।

- कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी में चीजें नए सिरे से शुरू करने के लिए राहुल की प्लानिंग तैयार है। 18 दिसंबर को गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों के बाद से इस पर अमल शुरू हो जाएगा।

एकतरफा संवाद से मोदी की छवि टूट रही है

- सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया कहते हैं कि राहुल के फैसले तुरंत और लोकतांत्रिक होते हैं। कठिन लड़ाई में भी वह सामने खड़े होने से नहीं हिचकते।
- वहीं, महिला कांग्रेस की नेशल प्रेसिडेंट सुष्मिता देब कहती हैं कि एकतरफा संवाद से नरेंद्र मोदी की छवि टूट रही है। इसी बीच राहुल गांधी तैयार हो रहे हैं।

- पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य कहते हैं कि राहुल जमीन से जुड़े सादे व्यक्ति हैं। गांवों के दौरे पर डिस्पोजेबल में खाना खाकर रास्ते में फेंकने के बजाय जूठा बर्तन झोले में रख लेते हैं।

तेजी से फैसले लेते हैं राहुल, सलाहकारों के चक्कर में देरी नहीं होगी
- सोनिया गांधी अपनी विश्वस्त टीम के जरिये काम करती थीं। लेकिन राहुल देश में सबसे ज्यादा पैदल चलने वाले युवा नेता हैं। विवेक और भावना के साथ फैसला करते हैं।
- ऐसे में सलाहकारों के भरोसे फैसले देर तक लटकाए नहीं रखेंगे। एक बैठक में राहुल ने कहा था कि वह ऐसी कांग्रेस चाहते हैं, जिसमें हर राज्य में कम से कम 5 चेहरे मुख्यमंत्री बनने के काबिल हों।

पुराने कांग्रेसियों के वापस लाने पर होगा काम
- खांटी कांग्रेसी या उनकी अगली पीढ़ियों के काफी नेता बीेजेपी के साथ-साथ क्षेत्रीय दलों में कांग्रेस के लिए चुनौती पैदा कर रहे हैं। राहुल की अगुआई में ऐसे लोगों को वापस लाने पर काम शुरू होगा। राहुल की टीम ऐसे नेताओं की लिस्ट तैयार कर रही है।

- पूर्व सांसद निर्मल खत्री कहतेे हैं कि राहुल 10 साल से देश के कोने-कोने में घूमे हैं। संगठन की मजबूती उनकी प्राथमिकता रही है।

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