Hindi News »Union Territory »New Delhi »News» Reality Of Hat Story With Pakistan

चुनाव में पाकिस्तान मुद्दा, पर सरकार दे रही है उसे बिजनेस, वहां से आए लोगों को आधार

पाकिस्तान के साथ बातचीत के सारे रास्ते बंद हैं। सीमा पर फायरिंग है। घुसपैठ की कोशिशें हैं।

मुकेश कौशिक | Last Modified - Dec 17, 2017, 05:46 AM IST

नई दिल्ली.पाकिस्तान के साथ बातचीत के सारे रास्ते बंद हैं। सीमा पर फायरिंग है। घुसपैठ की कोशिशें हैं। यहां तक कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आरोप लगा चुके हैं कि पाकिस्तान गुजरात चुनाव में हस्तक्षेप कर रहा है। इस पर भाजपा-कांग्रेस में आरोपों की जंग तक हो गई। लेकिन पाकिस्तान से भारत के रिश्तों का दूसरा पहलू भी है। कारोबार, लोगों के बीच संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के पैमानों पर पिछले तीन सालों में मोदी सरकार में कोई खास असर नहीं आया है। बल्कि इस सरकार ने तो पाकिस्तान से भारत आने वाले नागरिकों को सहूलियत देने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जैसे- पिछले साल से पाकिस्तान से विस्थापित होकर आने वाले हिंदू, सिख एवं अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को आधार और पैन कार्ड देने की सुविधा शुरू की है। साथ ही वे अब यहां घर भी खरीद सकते हैं और बैंकों में खाते भी खुलवा सकते हैं।


मोदी सरकार ने पाकिस्तान के साथ फाइनेंसियल और कल्चरल संबंध बढ़ाने के लिए जारी कोशिश में कटौती नहीं की है। दोनों देशों के बीच कम्पोजिट डायलॉग रुका हुआ है, लेकिन ज्वाइंट बिजनेस फोरम की बैठक जारी है, वैसे ही जैसे मनमोहन सरकार में होती थी। इतना ही नहीं, भारत ने उड़ी सैन्य शिविर पर आतंकी हमले के बाद यह घोषणा की थी कि पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशन के आर्थिक दर्जे पर वह नए सिरे से विचार करेगी।

रिश्तों में इतनी कड़वाहट
गृह मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान ने इस साल 750 से अधिक बार संघर्ष विराम तोड़ा है। पाकिस्तान की मानें तो भारतीय सेना ने जवाब में 1300 बार फायरिंग की है। दोनों ओर से मौतों के आंकड़ेे करीब डेढ़-डेढ़ सौ बताए गए हैं। एक साल के भीतर सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तानियों को 199 विरोध पत्र भेजे हैं। जवाब में पाकिस्तानी रेंजर्स ने 215 खत थमा कर अपना विरोध जता दिया।

पैन और आधार की सुविधा
होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पिछले साल 14 जुलाई की बैठक में लॉन्ग टर्म वीजा पर भारत आने वाले अल्पसंख्यक हिन्दू पाकिस्तानी नागरिकों को कई सुविधाएं दी गई हैं। जैसे-वे रोजगार शुरू कर सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। पैन और आधार कार्ड बनवा सकते हैं। अगस्त 2016 में लागू होने के बाद से 431 पाकिस्तानी नागरिकों को एलटीवी में ये सुविधाएं मिली हैं। हर साल 5000 हिन्दू विस्थापित हो रहे हैं।


तीन साल में 7200 एलटीवी
पाकिस्तान के नागरिकों को दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) देने के बारे में भी प्रावधान किए गए हैं। 2014 से लेकर अब तक 7200 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को एलटीवी मिल चुका है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सॉफ्ट डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाते हुए पाकिस्तानी मरीजों को मेडिकल वीजा दे चुकी हैं।


ग्रुप तीर्थ वीजा की शुरुआत
मोदी सरकार ने जुलाई 2015 में एकतरफा पहल करते हुए पाकिस्तान से आने वाले लोगों को ग्रुप तीर्थ वीजा का चलन शुरू किया, जिनमें हिंदू और सिख पाकिस्तानी शामिल थे। करीब ढाई सौ हिंदू कटास राजमंदिर के पर्यटन पर जा रहे हैं। पाकिस्तान हर साल करीब 11000 वीजा अपने अहमदिया और बोहरा समुदाय के लोगों को भारत जाने के लिए जारी कर रहा है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Delhi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: chunaav mein paakistaan muddaa, par srkar de rhi hai use bijnes, vhaan se aaye logon ko aadhar
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×