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2019 चुनावों में भी सोनिया गांधी ही होंगी यूपीए चेयरमैन और संसदीय दल की नेता

कांग्रेस संसदीय दल की नेता और यूपीए चेयरमैन की जिम्मेदारी, सोनिया गांधी के पास ही रहेगी।

श्रवण सिंह राठौड़ | Last Modified - Dec 23, 2017, 06:32 AM IST

2019 चुनावों में भी सोनिया गांधी ही होंगी यूपीए चेयरमैन और संसदीय दल की नेता

नई दिल्ली.कांग्रेस में राहुल गांधी भले ही पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट बनकर प्रधानमंत्री पद के स्वाभाविक कैंडिडेट बन गए हों, लेकिन कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ही पार्टी की सबसे बड़ी नेता रहेंगी। कांग्रेस संसदीय दल की नेता और यूपीए चेयरमैन का पद सोनिया गांधी के पास ही रहेगा। यह फैसला शुक्रवार को यहां कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में लिया गया। अगले लोकसभा चुनावों में मोदी को घेरने के लिए समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन करने की जिम्मेदारी यूपीए चेयरमैन के रूप में सोनिया निभाएंगी। बता दें कि 22 दिसंबर को राहुल गांधी ने कांग्रेस के 60वें अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला था।

अहम रोल निभाएंगी सोनिया

- सोनिया गांधी पार्टी की संसदीय दल की नेता के रूप अपने एक्सपीरियंस और और पुरानी टीम को नए प्रेसिडेंट के साथ रखकर राहुल गांधी को आगे बढ़ाने में अहम रोल निभाएंगी।

- पिछले 37 साल में यह पहला मौका था, जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में नए कांग्रेस अध्यक्ष के साथ ही पूर्व प्रेसिडेंट के मौजूद रहने का मौका आया है। इससे पहले जब राजीव गांधी कांग्रेस अध्यक्ष थे, तब पी.वी नरसिम्हा राव शामिल हुए थे।

पहली बैठक में राहुल के बड़े बदलाव वाले फैसले

- वर्किंग कमेटी की मीटिंग अब दिल्ली से बाहर भी होगी।

- लोकपाल की नियुक्ति नहीं करने पर मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किए जाएंगे।

- अब कांग्रेस में अनुशासन पर जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। कांग्रेस के नेताओं को अनुशासन में रहकर मोदी, हिंदूत्व, कश्मीर और नेशनल सिक्युरिटी के मुद्दे पर बयान देने के लिए एक गाइड लाइन बनाकर सख्ती से पालन करवाया जाएगा।

बीजेपी की तरह बूथ मैनेजमेंट पर फोकस
- कांग्रेस पूरे देश में बीजेपी की तरह करप्शन और बीजेपी की मौजूदा सरकार की नीतियों और कामकाज के खिलाफ आंदोलन चलाएगी, जिससे 2018 तक इसे बड़ा लेवल पर पहुंचाया जा सके।

- गुजरात चुनावों से सबक लेते हुए कांग्रेस अब नेताओं को अनुशासन में रहकर मोदी पर हमला करने, बूथ मैनेजमेंट को ठीक करने और एग्रेसिव कैम्पेन और संगठन को मजबूत करने पर फोकस करेगी।

राहुल गांधी अब बनाएंगे कांग्रेस की नई वर्किंग कमेटी
- सोनिया गांधी के समय से बनी हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी की यह आखिरी मीटिंग थी। इसमें पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, सीनियर नेता अहमद पटेल, जनार्दन द्विवेदी, मोतीलाल वोरा, गुलाम नबी आजाद, डाॅ. करण सिंह, मोहसिना किदवई, डाॅ. सीपी जोशी, मोहन प्रकाश, अविनाश पांडे, बीके हरिप्रसाद, ऑस्कर फर्नांडिस, विलास मुत्तेमवार, अंबिका सोनी आदि मौजूद थे।

- अब राहुल गांधी अपनी पसंद से नई वर्किंग कमेटी बनाएंगे। बता दें कि यह पार्टी की सबसे बड़ी कमेटी है।

राहुल गांधी- जय शाह और राफेल पर क्यों नहीं बोलते मोदीजी

- राहुल गांधी ने पार्टी प्रेसिडेंट बनने के बाद पहली बार इस मीटिंग की अध्यक्षता की। मीटिंग के बाद राहुल गांधी मीडिया के सामने आए। अपना बयान दिया लेकिन मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। राहुल ने कहा- हमने पीएम से तीन सवाल पूछे थे। कोई जवाब नहीं दिया। जय शाह और राफेल डील पर पीएम क्यों नहीं बोलते? नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स पर क्यों नहीं बोलते? (पूरी खबर यहां पढ़ें)

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Web Title: kangares mein Rahul gandhi adhyks, lekin party suprimo aur yupie cheyrmain soniyaa gandhi hi rahengai
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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