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भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाने में खर्च कर देती हैं पूरी पेंशन

73 वर्षीय प्रोफेसर मनोरमा खन्ना ने इसकी मिसाल पेश की है।

Danik Bhaskar | Jan 01, 2018, 04:08 AM IST

नई दिल्ली. समाज में बदलाव लाने के लिए अगर नेक इरादे हों तो उम्र भी बाधा नहीं बनती। ग्रेटर कैलाश में रहने वाली 73 वर्षीय प्रोफेसर मनोरमा खन्ना ने इसकी मिसाल पेश की है। उन्होंने शहर के प्रमुख फ्लाईओवर के नीचे सामान बेचने व‌‌‌‌‌ भीख मांगने वाले बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है। वे इन बच्चों के लिए हर संडे 3 घंटे की क्लास लगाती हैं, उन्हें लैपटॉप पर कार्टून फिल्में दिखाती हैं। वे अपनी पेंशन की सारी रकम इस पर खर्च कर देती हैं।

400 बच्चों को मुहिम से जोड़ चुकी हैं। कई बच्चों को वॉलेंटियर भी बनाया है। वे उनके साथ फ्लाईओवर के नीचे बच्चों को पढ़ाते हैं।

आईआईटी फ्लाईओवर के नीचे लगाई थी पहली क्लास
मनाेरमा ने करीब एक साल पहले घर के नजदीक आईआईटी फ्लाईओवर से इस पाठशाला की शुरुआत की। शुरुआत बच्चों के मनोरंजन से हुई, धीरे-धीरे बच्चों को लिखने-पढ़ने के लिए किताबें दी गईं। इन बच्चों में करीब 10 फीसदी बच्चे तो बहुत अच्छा पढ़ लेते हैं। कमाल का टैलेंट हैं इनमें। इसलिए हर खास मौके पर फ्लाईओवर के नीचे ही इनके लिए पार्टी भी कराई जाती है।

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