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IIM को छोड़कर पहली बार देश में इंजीनियरिंग का समान पाठ्यक्रम

एआईसीटीई ने प्रबंधन कॉलेजों के लिए भी यूनिफॉर्म सिलेबस जारी किया

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 04:48 AM IST

नई दिल्ली. अब देश में इंजीनियरिंग और प्रबंधन कॉलेजों (आईआईएम को छोड़) के अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट व एमबीए कोर्सेज के एक समान पाठ्यक्रम होंगे। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने बुधवार को पहली बार यूनिफॉर्म सिलेबस जारी किया है। इसमें इंडस्ट्री की मांग के अनुसार थ्योरी के बजाए प्रैक्टिकल पर जोर दिया है। यह 2018-2019 सत्र से लागू होगा।

- इंजीनियरिंग के अंडरग्रेजुएट कोर्स में 220 की जगह 160, पीजी में 60 से 144 की जगह 68 क्रेडिट होंगे। एमबीए और पीजीडीएम के लिए 120 क्रेडिट तय किए हैं। इंटर्नशिप के 14 क्रेडिट होंगे, अभी 16 से 18 क्रेडिट होते हैं। एक क्रेडिट के लिए 40 से 45 घंटे की इंटर्नशिप होगी।

- अभी इंटर्नशिप के लिए कोई घंटा तय नहीं है। वहीं, इंजीनियरिंग के छात्रों को 4-6 सप्ताह की समर इंटर्नशिप कराई जाएगी। पहले साल में यह इंस्टीट्यूट में होगी, जबकि दूसरे साल में औद्योगिक क्षेत्र, कंपनी, एनजीओ या सामाजिक क्षेत्र में कराई जाएगी। हर इंस्टीट्यूट अपने बजट का 1 फीसदी ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल पर खर्च करेगा।

मंत्री बोले-अब इंटर्नशिप के फर्जी प्रमाणपत्र नहीं चलेंगे
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने नया पाठ्यक्रम जारी करते हुए कहा कि अब इंटर्नशिप के फर्जी प्रमाण-पत्र नहीं चलेंगे। पांच लाख छात्रों के लिए इंटर्नशिप का खाका तैयार किया है। इससे तकनीकी के साथ व्यावहारिक ज्ञान तो मिलेगा ही, बेहतर प्लेसमेंट भी मिलेगी।

10वीं से ही छात्रों को मिलेगी स्किल एजुकेशन
एआईसीटीई चेयरमैन प्रो. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि अब दसवीं के छात्र भी स्किल एजुकेशन में डिप्लोमा ले सकेंगे। यह डिप्लोमा उन्हीं इंस्टीट्यूट में मिलेगा, जो इसे चलाएंगे। बैचलर ऑफ वोकेशनल कोर्स यूनिवर्सिटी स्तर पर शुरू किए जाएंगे। दसवीं पास के लिए दो वर्षीय डिप्लोमा ऑफ वोकेशनल कोर्स और जो दसवीं उत्तीर्ण नहीं हैं, उनके लिए डिप्लोमा ऑफ स्किल कोर्स शुरू किया जाएगा।


शिक्षा का बजट बढ़ेगा, कई घोषणाएं होंगी
स्वीपर की जॉब निकलती है तो इंजीनियर और ग्रेजुएट आवेदन करते हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई उन्होंने ऐसी नहीं की, जो इंडस्ट्री की मांग पूरी करे। सरकार शिक्षा का बजट बढ़ाने जा रही है। कई घोषणाएं बजट में होंगी।
-प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री