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जब सीएम के सामने मारपीट हो सकती है तो और जगह क्या होगा: आप MLA की बेल अर्जी पर कोर्ट

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मारपीट कायर लोग करते हैं। मैं जिद्दी हूं, हिंसक नहीं।

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2018, 06:04 AM IST
दिल्ली के सीएस अंशु प्रकाश मार दिल्ली के सीएस अंशु प्रकाश मार

नई दिल्ली. दिल्ली में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित हाथापाई मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सख्त टिप्पणी की। इस मामले में गिरफ्तार विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत पर सुनवाई के दौरान जस्टिस मुक्ता गुप्ता ने कहा, ‘मैं चिंतित हूं कि अगर सीएम और डीप्टी सीएम के सामने किसी व्यक्ति से हाथापाई होती है तो अन्य जगहों पर क्या होता होगा? अदालत ने जारवाल के पूर्व के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनका तीसरा मामला है, मैं कैसे यकीन करूं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी? कोर्ट ने जारवाल के पहले के आपराधिक मामलों की फाइल भी मंगाई है। कोर्ट ने जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। 12 मार्च को अगली सुनवाई होगी। इस मामले में ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान पर भी आरोप है। उन्‍हें 21 और जारवाल को 20 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से अमानतुल्लाह खान की जमानत याचिका पर स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

कोर्ट रूम लाइव: पहले भी लिखकर दे चुके हैं, कैसे मान लूं अब मारपीट नहीं करेंगे : जस्टिस मुक्ति

प्रकाश जारवाल (वकीलों के जरिए से): जमानत की हर शर्त का पालन करूंगा। मुझे जमानत दी जाए।
जस्टिस: मैं कैसे विश्वास करूं की आप आगे ऐसा नहीं करेंगे।


प्रकाश: अगर उल्लंघन करें तो जमानत रद्द की जा सकती है।
जज: सीएम और डिप्टी सीएम के सामने किसी के साथ हाथापाई होती है। अन्य जगहों पर क्या हाल होता होगा। दिल्ली को आखिर कहां ले जाना चाहते है?

प्रकाश: आगे से कभी ऐसे मामले में नहीं पड़ेंगे। एमएलसी रिपोर्ट पर गौर किया जाए। मामूली चोटें आई हैं।
सीएस के वकील: जमानत नहीं दी जानी चाहिए। विधायक अमानतुल्लाह भी आरोपी हैं। मुझ पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के लिए नोटिस भी भेजा गया।

जज: क्या बदसलूकी के बाद जानबूझकर सीएस को प्रश्न एवं संदर्भ कमेटी ने नोटिस भेजा था? क्या सीएस पर इस बात का दबाव बनाना चाहते हैं कि वह अपनी शिकायत वापस ले लें?
प्रकाश : नहीं ऐसा नहीं है, हम हलफनामा देने को तैयार हैं कि सीएस के आसपास नहीं जाएंगे। उनके रडार से दूर रहेंगे।

जज : कैसे मान लूं कि मारपीट नहीं करेंगे। इससे पहले जल बोर्ड के जेई के साथ मारपीट मामले में भी प्रकाश ने ऐसा लिखकर दिया था।
सीएस के वकील: जमानत दिए जाने पर वह केस को प्रभावित करेंगे। छह लोगों की पहचान करना बाकी है।

इतना बेवकूफ नहीं हूं कि अपने घर बुलाकर अपनी ही मौजदूगी में हमला करवाऊं

दिल्ली के सीएस अंशु प्रकाश मारपीट प्रकरण के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे तकलीफ थी। आज मैं आपसे कह रहा हूं कि मारपीट कायर लोग करते हैं। मैं जिद्दी हूं, हिंसक नहीं। मैं इतना बेवकूफ नहीं कि सीएस पर हमला अपने घर बुलाकर अपनी मौजूदगी में करवाऊं। सीएम ने यह बात बुधवार सुबह सीएम आवास पर पहुंचे कर्मचारियों को संबोधित करते हुई कही। इस संवाद की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई, जिसे आप ने फेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया है।

अपना दर्द दे तो ज्यादा दर्द होता है

बीते कुछ दिनों में जो कुछ घटनाक्रम हुआ, उनमें कई हिस्से हैं। एक झूठ को बड़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। हमारे खिलाफ लगातार राजनीतिक षड्यंत्र किया जाता है। हर बार राष्ट्रपति शासन का माहौल तैयार किया जाता है। हमारी सरकार और पार्टी पर हमेशा गलत आरोप लगाए जाते हैं। हमें भगवान पर पूरा विश्वास है।

कर्मचारी मेरे परिवार का हिस्सा

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार के सभी कर्मचारियों को मैं अपने परिवार के एक हिस्सा मानता हूं। आज हम पूरी दुनिया में गाते फिर रहे हैं कि 3 साल हुआ कमाल। यह केजरीवाल ने नहीं किया केवल आप लोगों ने किया है। हम आपके बिना कुछ नहीं कर सकते। हम 4 मंत्री मिलकर कुछ नहीं कर सकते। आपका ख्याल रखना हमारा काम है। दिल्ली की जनता का ख्याल रखना आपका काम है।

हमारी औकात ही क्या हम तो गली के कीड़े हैं

केजरीवाल ने कर्मचारियों से कहा- हमारी औकात ही क्या है। कल तक तो हम गली के कीड़े थे। राजनीति में आने से पहले तो गली और झुग्गी में घूमते थे। दिल्ली की जनता और आप लोगों ने हमें यह जिम्मेदारी दी। हम पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि हमने मारपीट की। केजरीवाल जिद्दी हो सकता है, लेकिन हिंसात्मक नहीं हो सकता। मारपीट करना कायर लोगों का काम है। केजरीवाल कायर नहीं है। अपने लोगों के साथ मारपीट क्यों करेंगे। बैठकर लड़ लेंगे और झगड़ लेंगे। मारपीट कभी नहीं कर सकते।

गलतफहमी दोनों तरफ से, मुझसे तो मिले

सीएम ने कहा कि मुझे तकलीफ इस बात से है कि आप लोग तो मेरे अपने हैं। एक बार मुझसे पूछ तो लेते कि अरविंदजी क्या हुआ था। आपसे गुजारिश है कि कल से कुछ भी हो तो आप एक बार मुझसे बात जरूर कर लेना।

इधर, ज्वाइंट फोरम अपनी बात पर कायम

बुधवार शाम दिल्ली सरकार के अधिकारियों की ज्वाइंट फोरम कमेटी की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि दोपहर में लंच के समय 5 मिनट का मौन जारी रहेगा। जब तक सीएम और डिप्टी सीएम लिखित माफी नहीं मांग लेते, तब प्रदर्शन जारी रहेगा।

संगठन ने अपने अध्यक्ष को बाहर किया

दिल्ली सरकार इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने ही अध्यक्ष डीएन सिंह को सस्पेंड कर दिया। बुधवार सुबह कुछ कर्मचारियों का संगठन सिंह के नेतृत्व में सीएम हाउस पहुंचा था। सिंह सीएम के पास ही बैठे थे। संस्था ने सिंह को शोकॉज जारी कर जवाब मांगा है।

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