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किसी पद में लाभ देने की क्षमता है और लाभ नहीं भी लिया है, तब भी गलत है:हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने गुरुवार को आप विधायकों की अपनी सदस्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की।

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 08:17 AM IST

नई दिल्ली. हाईकोर्ट ने गुरुवार को आप विधायकों की अपनी सदस्यता रद्द करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई प्रॉफिट नहीं लिया गया तो भी यदि संबंधित पद में वित्तीय लाभ देने की क्षमता है, तो वह ऑफिस ऑफ प्रॉफिट माना जाएगा।

- जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने कहा कि आप (विधायक) सचिव रहते हुए सरकारी वाहन या ऑफिस की सुविधाएं पाने के हकदार थे, तो भले ही आपने इन सुविधाओं का लाभ न लिया हो, लेकिन उस पद पर रहते हुए यह लाभ के पद की श्रेणी में आता है।

वकील ने कहा था कि पद का कोई लाभ नहीं लिया
- सुनवाई के दौरान विधायकों के वकील मोहन परासन ने कहा कि विधायकों ने संसदीय सचिव बनाए जाने के बाद भी इस पद के लिए किसी तरह को कोई लाभ नहीं लिया।

- उन्होंने न तो वेतन लिया और न ही किसी तरह का कोई आर्थिक लाभ या फिर सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया।