--Advertisement--

सास कहती थी- पैदा करना आता है, जन्म के 25 दिन बाद फेंका कूड़े में तो हुई मौत

सास कहती थी- पैदा करना आता है, पालना नहीं, इन्हीं तानों से तंग आकर 25 दिन की बच्ची काे कूड़ाघर में फेंक आई थी

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 07:43 PM IST
लड़की जिसे मां ने कूड़े में फेक दिया था। लड़की जिसे मां ने कूड़े में फेक दिया था।

नई दिल्ली. 25 दिन की बच्ची को कूड़ेघर में फेंकने वाली मां नेहा अब तिहाड़ जेल में है। पुलिस पूछताछ में उसने सास के तानों को वारदात की वजह बताया है। बच्ची के जन्म से ही सास उसकी देखभाल के लिए आई थी लेकिन उनके बीच झगड़े होने लगे थे। दरअसल पूर्वी विनोद नगर इलाके में शनिवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। यहां एक मां ने अपनी 25 दिन की इकलौती बच्ची को सिर्फ इसलिए मार डाला क्योंकि वह उसके रातभर रोने, बाथरूम साफ करने जैसे कामों से परेशान हो गई थी। पूछताछ में मां ने जो बताया, पूरा घटनाक्रम उसी की जुबानी...

25 दिन पहले जब वो पैदा हुई थी, तो मैं और मेरे पति सौरभ बहुत खुश थे क्योंकि वो हमारी पहली संतान थी। हमने बड़े प्यार से उसका नाम स्टेविया रखा था। जन्म के समय मेरी सास बच्ची की देखभाल के लिए घर आ गई थीं। डिलीवरी के बाद मेरी तबियत थोड़ी खराब थी। ऐसे में जब स्टेविया (बच्ची) ज्यादा देर तक रोती थी तो अक्सर सास मुझे ताने मारती थी। वो कहती थी कि तुम्हें बच्चे पैदा करना आता है, पालना नहीं। इन्हें पालना भी सीखो। अगर स्टेविया ज्यादा देर तक सोती थी, तब भी सास ताने मारती थी।

आगे बताया कि सुबह भी सास से मेरा झगड़ा हुआ था। इसके बाद बहुत देर तक मैं खुद को कमरे में बंद करके रोती रही। झगड़े के बाद मेरे पति ने भी मुझसे आकर कोई बात नहीं की। इस वजह से मैं बहुत गुस्से में थी। वे हमेशा अपनी मां का पक्ष लेते थे। शाम को करीब 7.30 बजे जब मेरे पति सौरभ और सास बाहर गए तो मैं स्टेविया को कूड़ाघर में फेंक आई (इस तरह फेंके जाने से ही बच्ची के सिर में गंभीर चोट भी आई थी)। इसके बाद मैं बहुत डर गई थी। मुझे लगा कि अगर ये बात सास और पति को पता चली तो वे बहुत गुस्सा करेंगे। मुझे ये भी डर था कि वे मेरे साथ मारपीट न करने लगें। इसलिए मैंने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। उनके वापस आने से पहले ही मैं गेट बाहर से बंद करके बच्ची को आसपास ढूंढ़ने का नाटक करने लगी। जैसे ही मेरे पति औश्र सास वापस आए और उन्होंने पूछा कि क्या हुआ, तो मैंने कहा- कोई मेरी बच्ची को उठा ले गया। मैं ऊपर थी, नीचे आई तो देखा बच्ची नहीं थी। इसके बाद सब बच्ची को ढूंढ़ंने लगे, जब वो नहीं मिली तो पति ने पुलिस को कॉल किया।'

जबलपुर में भी हो चुका है कुछ इसी तरह का वाकया
दिल्ली की इस घटना ने जबलपुर में हुए आरोही हत्याकांड की याद दिला दी। 2014 में सास के तानों से परेशान होकर जबलपुर की एक महिला ने अपनी नवजात बेटी को घर के पास नाले में फेंक दिया था और घर आकर उसके अपहरण की झूठी कहानी रच दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से मां को गिरफ्तार किया।

ये था मामला

पुलिस के मुताबिक, मां नेहा तिवारी उसे घर के पास बने कूड़ाघर में फेंक गई। घर जाकर उसने बच्ची गुम होने की बात कही। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर बच्ची की तलाश शुरू की तो बच्ची कूड़ाघर से मिली। बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई थी। पुलिस ने उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती किया। यहां से उसे जीटीबी अस्पताल रैफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने नेहा के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेहा का पति सौरभ तिवारी के साथ पूर्वी विनोद नगर में रहती है। सौरभ ट्रैवल एजेंट है।

पुलिस ने कहा ये

पुलिस के मुताबिक, बच्ची की देखभाल के लिए सौरभ ने अपनी मां को बुला रखा था। शुक्रवार को वह अपनी मां के साथ बच्ची का सामान लेने बाहर गया। शाम करीब 7:30 बजे लौटे तो घर का दरवाजा बंद मिला। इसी बीच नेहा रोते हुए पहुंची और बच्ची के गुम होने की बात कही। पुलिस ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ की तो एक 13 साल के बच्चे ने बताया कि लाल रंग की नाइटी पहने एक महिला कूड़ाघर के पास खड़ी थी। पुलिस ने पाया कि नेहा ने भी लाल रंग की नाइटी पहन रखी थी। इस आधार पर उन्होंने उससे पूछताछ की। शुरू में उसने गुमराह करने की कोशिश की मगर बाद में वह टूट गई और सच उगल दिया।

X
लड़की जिसे मां ने कूड़े में फेक दिया था।लड़की जिसे मां ने कूड़े में फेक दिया था।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..