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एनडी की राज्यसभा उम्मीदवारी बचाने में आप को रहा पसीना

राज्यसभा उम्मीदवार एनडी गुप्ता की उम्मीदवारी बचाने में आम आदमी पार्टी के पसीने छूट रहे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 07, 2018, 05:42 AM IST

नई दिल्ली. राज्यसभा उम्मीदवार एनडी गुप्ता की उम्मीदवारी बचाने में आम आदमी पार्टी के पसीने छूट रहे हैं। आप के कानून जानकारों को सुबह से रात तक तीन बार डीएम ऑफिस के चक्कर लगाने पड़े। दरअसल शनिवार को तीनों उम्मीदवारों के नामांकन फार्म की स्क्रूटनी की गई।संजय सिंह और सुशील गुप्ता के आवेदन में कोई कमी नहीं पाई गई, लेकिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने एनडी गुप्ता के खिलाफ शिकायत कर दी।

माकन ने कहा कि एनडी गुप्ता नेशनल पेंशन स्कीम के ट्रस्टी हैं और यह लाभ का पद है। इस पर सफाई देने के लिए शाम 3 बजे एनडी गुप्ता और उनकी टीम डीएम निधि श्रीवास्तव के सामने उपस्थित हुई। आप विधायक एवं कानून के जानकार मदन लाल का कहना था कि नेशनल पेंशन स्कीम के ट्रस्टी का पद राज्यसभा उम्मीदवार के शेड्यूल में नहीं आता है। उधर, एनडी गुप्ता की दलील थी कि उन्होंने पिछले महीने 29 दिसंबर को इस पद से इस्तीफा दे दिया।


माकनके वकील फिर पहुंचे डीएम ऑफिस
- एनडीगुप्ता के वकीलों की दलील के बाद कांग्रेस के वकील एक बार फिर डीएम ऑफिस पहुंचे। शाम को 6 बजे डीएम के सामने बहस हुई।

- इसके बाद अजय माकन ने बताया, एनडी गुप्ता एनपीएस ट्रस्ट की ऑडिट कमेटी के साल 2016-17 में चेयरमैन थे और इनकी अध्यक्षता में पांच बार बैठक हुई।

- अजय माकन ने यह भी दलील दी कि एनडी गुप्ता का इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं हुआ है।

एनडी को राहत नहीं, अब 8 को आएगा फैसला
- बावजूद इसके एनडी गुप्ता को राहत नहीं मिली और अब इस मामले पर अंतिम फैसला सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे सुनाया जाएगा।

- चूंकि रविवार को सरकारी छुट्टी की वजह से डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट ने शनिवार को ही दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी दलील सुन ली। अब वह सोमवार 8 जनवरी को सुबह साढ़े नौ बजे इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगी।

आप के विशेषज्ञ भी फिर पहुंचे डीएम ऑफिस
- मालवीयनगर से विधायक और कानून के जानकार सोमनाथ भारती की दलील है कि स्क्रूटनी का समय 3 बजे तक था। ऐसे में 6 बजे जीरो विधायक वाली कांग्रेस पार्टी की याचिका को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। हमने मजिस्ट्रेट के सामने यह दलील दी है।

- सोमनाथ भारती ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत ऐसे मामलों में इस्तीफा के अगले दिन 30 दिसंबर को ही इस्तीफा स्वीकार होनी चाहिए।