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लोअर कोर्ट के चार हजार पन्ने पढ़े पर महात्मा गांधी की हत्या में विदेशी हाथ के सबूत नहीं मिले

महात्मा गांधी की हत्या में विदेशी एजेंसियों के हाथ का कोई सबूत नहीं मिला।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 06:22 AM IST
एमिकस क्यूरी ने गोडसे को ही  हत्यारा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट दी है। एमिकस क्यूरी ने गोडसे को ही हत्यारा मानते हुए सुप्रीम कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट दी है।

नई दिल्ली .“महात्मा गांधी की हत्या में विदेशी एजेंसियों के हाथ का कोई सबूत नहीं मिला। हत्या नाथूराम गोडसे ने ही की थी और दोबारा जांच की कोई जरूरत नहीं है।’ एमिकस क्यूरी के तौर पर सीनियर एडवोकेट अमरेंद्र शरण ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को यह रिपोर्ट सौंपी। मामले की सुनवाई 12 जनवरी को होगी।

महाराष्ट्र के डॉ. पंकज फडनीस ने की थी दोबारा जांच की मांग

- बता दें कि महाराष्ट्र के डॉ. पंकज फडनीस ने गांधी हत्याकांड को सबसे बड़ा कवरअप बताते हुए दोबारा जांच की मांग की थी।

- इस पर कोर्ट ने अमरेंद्र शरण को पिटिशन से जुड़े सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने को कहा था।

- रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि गांधी हत्याकांड से जुड़े लोअर कोर्ट के 4 हजार पेज और जीवन लाल कपूर इन्क्वायरी कमीशन की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद वह इस नतीजे पर पहुंचे कि दोबारा जांच की जरूरत नहीं है।

- उन्होंने हत्या में चार गोलियां इस्तेमाल होने संबंधी दावा भी खारिज कर दिया।

- डाॅ. फडनीस का दावा था कि महात्मा गांधी को चार गोलियां लगी थीं। चौथी गोली एक अजनबी ने चलाई थी, जिसके सबूत मिटा दिए गए।

महात्मा गांधी की हत्या में विदेशी एजेंसियों के हाथ का कोई सबूत नहीं मिला। महात्मा गांधी की हत्या में विदेशी एजेंसियों के हाथ का कोई सबूत नहीं मिला।